Kanpur: बड़ी मुश्किल है भोले की डगर! टूटी सड़क और निकली कंक्रीट के बीच नंगे पैर दरबार पहुंच रहे शिवभक्त
Kanpur News: सावन माह में आस्था के प्रमुख केंद्रों में शामिल नरवल तहसील के सरसौल स्थित श्री नंदेश्वर शिव धाम तक पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को बदहाल सड़क से होकर गुजरना पड़ रहा है। लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के बीच मंदिर तक जाने वाला अंतिम करीब 500 मीटर का मार्ग श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है।
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सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही कानपुर की नरवल तहसील अंतर्गत विकासखंड सरसौल में स्थित सुप्रसिद्ध 'श्री नंदेश्वर शिव धाम' में आस्था का सैलाब उमड़ने लगा है। कई जिलों में विख्यात इस पावन धाम में जलाभिषेक और दर्शन-पूजन के लिए रोजाना हजारों-लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। हालांकि, भगवान भोलेनाथ के दरबार तक पहुंचने की राह बेहद पथरीली और कष्टदायी बनी हुई है।
आखिरी 500 मीटर का सफर बनी कड़ी परीक्षा
सरसौल कस्बे से करीब चार किलोमीटर दूर स्थित नंदेश्वर धाम पहुंचने वाला मुख्य रास्ता श्रद्धालुओं के धैर्य और आस्था की कड़ी परीक्षा ले रहा है। मंदिर परिसर से महज 500 मीटर पहले हाथी गांव के पास स्थित अंडरपास से लेकर मंदिर के मुख्य द्वार तक सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। जगह-जगह गहरे गड्ढों में भरा गंदा पानी और सड़क पर उखड़ी कंक्रीट नंगे पैर चलकर आ रहे शिवभक्तों के पैरों को छलनी कर रही है।
कंक्रीट और पथरीले रास्ते पर चलने को मजबूर बुजुर्ग व बच्चे
कांवड़ में गंगाजल लेकर आ रहे श्रद्धालुओं के साथ-साथ बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे-छोटे बच्चे भी कंक्रीट से भरे पथरीले रास्ते पर नंगे पैर चलने को मजबूर हैं। कई बार गिट्टियों में पैर फिसलने से भक्त गिरकर चोटिल भी हो रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद बाबा नंदेश्वर के प्रति उनकी भक्ति में कोई कमी नहीं आ रही है।
लंबे समय से मांग के बावजूद नहीं सुधरी सड़क, ग्रामीणों में रोष
स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर साल इस धाम पर लाखों की भीड़ आती है, फिर भी प्रशासन का ध्यान इस आखिरी 500 मीटर के बदहाल टुकड़े पर नहीं जाता। कई बार शिकायत और मांग के बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की मांग है कि सावन समाप्त होने से पहले इस टूटे मार्ग की मरम्मत कराई जाए ताकि भोले के दर्शनों के लिए आने वाले भक्तों को राहत मिल सके।