{"_id":"6a1f188c74807bb53b0edbc0","slug":"chitrakoot-power-outage-in-12-patha-villages-for-seven-days-drinking-water-crisis-deepens-2026-06-02","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Chitrakoot: सात दिन से पाठा के 12 गांवों की बिजली गुल, पेयजल संकट गहराया, बूंद-बूंद को तरसे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chitrakoot: सात दिन से पाठा के 12 गांवों की बिजली गुल, पेयजल संकट गहराया, बूंद-बूंद को तरसे लोग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: Shikha Pandey
Updated Tue, 02 Jun 2026 11:25 PM IST
विज्ञापन
सार
Chitrakoot News: पाठा के 12 गांवों में सात दिन से बिजली गुल है। जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
पाठा क्षेत्र के कैलहा विद्युत उपकेंद्र से जुड़े बारह से अधिक गांवों में एक सप्ताह से बिजली आपूर्ति बाधित है। इससे ग्रामीणों को भारी परेशानी हो रही है। भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट भी गहरा गया है। लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है। कैलहा उपकेंद्र से आने वाले कई गांवों में विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है।
Trending Videos
इनमें छीतूपुर, ठीका पुरवा, आधा कैलहा, आधा सपहा, नई दुनिया, बहिलपुरपुरवा स्टेशन, पुराना बहिलपुरवा, किटहना कोलान रुक्मा, लंकापुरवा, बाबा ताला, छोटी बेलहरी, खदरा व ददरी शामिल हैं। लगातार बिजली बाधित रहने से पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए दूर-दूर भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली और पानी दोनों की समस्या ने स्थिति को गंभीर बना दिया है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा ने इस संबंध में प्रशासन और विद्युत विभाग से मांग की है। उन्होंने तत्काल प्रभाव से युद्धस्तर पर कार्य करने को कहा है। संगठन का कहना है कि विद्युत व्यवस्था सुचारु होने से क्षेत्र में उत्पन्न पेयजल संकट से भी राहत मिलेगी। मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्रीय जनता के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग व प्रशासन की होगी।