Devkinandan Thakur: देवकीनंदन बोले- देश हित में जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू हो, ज्ञानवापी पर कही से बड़ी बात
मोतीझील प्रांगण में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कई मुद्दों पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि जो सबको साथ लेकर चलता है, वही सनातन है। साथ ही, जनसंख्या नियंत्रण कानून, ज्ञानवापी प्रकरण आदि पर उन्होंने विचार रखे।
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कानपुर के मोतीझील प्रांगण में चल रही भागवत कथा के छठवें दिन कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि जो सबको साथ लेकर चलता है, वही सनातन है। व्यक्ति का दीर्घायु होना महत्वपूर्ण नहीं है। महत्वपूर्ण है कि कोई अल्पायु होकर भी कैसे अच्छा जीवन जीया।
उन्होंने कहा कि बिना गुरु कृपा के ईश्वर नहीं मिलते। सच्चे गुरु भी तभी मिलते हैं, जब ईश्वर की अनुकंपा होती है। हमें कभी भी धन, बल, पद, भक्ति पर अभिमान नहीं करना चाहिए। कहा कि हर पाप का प्रायश्चित है, लेकिन भ्रूण हत्या का कोई पश्चाताप नहीं है।
उन्होंने कहा कि देश हित में जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू किया जाना चाहिए। इस दौरान उन्होंने कृष्ण भजन भी सुनाए, जिन पर भक्त झूमते नजर आए। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, विधायक सुरेंद्र मैथानी, विधायक नीलिमा कटियार, महापौर प्रमिला पांडेय, चंद्रप्रभा द्विवेदी, दिनेश त्रिपाठी, वीरेंद्र गुप्ता, प्रभा शंकर वर्मा आदि मौजूद रहे।
काशी में बनेगा शिव मंदिर, मथुरा होगा कृष्णमयी
कथा वाचन के दौरान देवकीनंद ठाकुर जी ने कहा कि सनातन संस्कृति यदि बचेगी, तो हमारा राष्ट्र निश्चित तौर पर समृद्ध और विकसित बनेगा। संवैधानिक प्रक्रिया के तहत जैसे अयोध्या में राम मंदिर बना है। वैसे ही काशी में शिव मंदिर और मथुरा में कृष्ण मंदिर की स्थापना होगी।
हिंदु सहिष्णुता के सवाल पर उन्होंने कहा कि हिंदु यदि सहनशील नहीं होता, तो क्या हम इतने सालों तक राम मंदिर के निर्माण की प्रतिक्षा करते। भारतीय सनातनी व्यक्ति संविधान और कानून व्यवस्था पर विश्वास करता है। वो हर काम ईश्वर पर आस्था रख करता है।
आप ज्ञानवापी मामले को देख लीजिए। उसे ज्ञानवापी मस्जिद कहा जा रहा है, जबकि वहां शिव मंदिर होने के ढेरों साक्ष्य मौजूद हैं। उस स्थान के लिए भी हम लोग कोर्ट में लड़ाई लड़ रहे हैं, जिसे हम अवश्य जीतेंगे। काशी में शिव मंदिर बनेगा।
