CSJMU Convocation: कानपुर में बोलीं राज्यपाल- 'सिर्फ कॉलेज भेजना काफी नहीं, नजर रखें बच्चे क्या कर रहे हैं'
Kanpur News: छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के 41वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने जल संरक्षण के साथ शिक्षा, संस्कार और सामाजिक मूल्यों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अभिभावक केवल बच्चों को स्कूल और कॉलेज भेजकर अपनी जिम्मेदारी पूरी न समझें, बल्कि यह भी देखें कि वे वहां क्या कर रहे हैं।
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प्रदेश की राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने मंच से विश्वविद्यालयों और छात्रावासों की एक कड़वी सच्चाई सामने रख दी। विवि के वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई सभागार में आयोजित इस भव्य समारोह में राज्यपाल ने न केवल गिरते सामाजिक स्तर पर चिंता जताई, बल्कि अभिभावकों को बच्चों पर सख्त निगरानी रखने की बड़ी नसीहत भी दे डाली।
सिर्फ कॉलेज भेजना काफी नहीं, नजर रखें
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सीधे तौर पर माता-पिता और अभिभावकों की जिम्मेदारी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आज के दौर में माता-पिता यह मान लेते हैं कि बच्चों को अच्छे स्कूल या कॉलेज में दाखिला दिला देना ही उनकी आखिरी जिम्मेदारी है। राज्यपाल ने टोकते हुए कहा,जब आप बच्चों को स्कूल-कॉलेज भेजते हैं, तो यह ध्यान भी रखें कि वे वहां जाकर क्या कर रहे हैं। आपकी थोड़ी सी लापरवाही बच्चों का भविष्य अंधकार में डाल सकती है।
टिफिन में आ रहा था ड्रग्स, हॉस्टलों के बाहर मिलीं शराब की बोतलें
अपने संबोधन के दौरान राज्यपाल ने विवि के हॉस्टलों में पैर पसार रहे नशे के काले कारोबार का एक सनसनीखेज खुलासा किया। उन्होंने बताया कि उनकी एक विशेष टीम प्रदेश के विश्वविद्यालयों में जाकर छात्रावासों की जमीनी स्थिति का लगातार निरीक्षण कर रही है। एक घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, एक विश्वविद्यालय के छात्रावास के ठीक बाहर शराब की बोतलें बिखरी पड़ी मिलीं।
इतना ही नहीं, जब गहराई से जांच की गई तो पता चला कि बाहर से छात्रों के लिए जो खाना मंगाया जाता था, उन टिफिन के डिब्बों में छिपाकर ड्रग्स की सप्लाई की जा रही थी।" राज्यपाल ने बताया कि इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए प्रशासन के जरिए तुरंत इस नेटवर्क को रुकवाया गया।
समाज और शिक्षा के गिरते स्तर पर जताई गहरी चिंता
राज्यपाल ने देश में बढ़ रहे अपराधों और पारिवारिक कलह को सीधे तौर पर आज की शिक्षा व्यवस्था और संस्कारों से जोड़ा। उन्होंने कहा कि आज समाज किस ओर जा रहा है, यह सोचने का विषय है। पति-पत्नी के बीच हिंसक झगड़े हो रहे हैं और मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म जैसी हैवानियत की खबरें आ रही हैं।
राज्यपाल ने दो टूक शब्दों में कहा कि अगर डिग्रियां लेने के बाद भी समाज में ऐसी घटनाएं हो रही हैं, तो यह हमारी शिक्षा के वास्तविक स्तर को दर्शाता है। केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि नैतिक संस्कार ही असली शिक्षा है।
छात्राओं को दी खास सीख और जल संरक्षण का संदेश
दीक्षांत समारोह में मौजूद मेधावी छात्राओं को जीवन का मंत्र देते हुए राज्यपाल ने कहा कि घर और समाज में शांति बनाए रखने के लिए संस्कारों का होना जरूरी है। उन्होंने छात्राओं को सीख दी कि वे अपने परिवार और सास-ससुर की सेवा करें, जिससे घर में सुख-शांति का माहौल बना रहे।