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कानपुर: देवी प्रसाद का बड़ा बयान, बोले- खुन्नस और सियासी लोगों के इशारे पर दिखाई गई थी फर्जी मुठभेड़, ये भी कहा

Tue, 20 Oct 2026 09:51 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Tue, 20 Oct 2026 09:51 AM IST
सार

Kanpur News: 35 साल पुराने महाराजपुर फर्जी एनकाउंटर मामले में पीड़ित कांग्रेसी नेता देवी प्रसाद पाठक ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया है कि मुफ्त में प्लॉट न मिलने की खुन्नस और सियासी लोगों के इशारे पर तत्कालीन थानाध्यक्ष विद्या सागर त्रिपाठी ने फर्जी मुठभेड़ की पटकथा रची थी। इस मामले में सीबीसीआईडी की जांच के बाद 12 पुलिसकर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है।

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Kanpur Devi Prasad said staged encounter orchestrated out of personal vendetta and behest of political figures
देवी प्रसाद पाठक श्याम नगर की उनकी कब्जा हुई जमीन के कागज दिखाते हुए - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में मुफ्त में प्लाॅट न मिलने की खुन्नस के साथ ही कुछ सियासी लोगों के इशारे पर 1991 में महाराजपुर थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष विद्या सागर त्रिपाठी ने फर्जी मुठभेड़ दिखाई। नियमों को ताक पर रखकर फर्जी एनकाउंटर में भाई, मामा सहित कई लोगों की गिरफ्तारी दिखाकर जेल भेज दिया था। यह आरोप कांग्रेसी नेता देवी प्रसाद पाठक ने लगाया है।

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आनंदपुरी में रह रहे देवी प्रसाद पाठक ने महाराजपुर थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष विद्यासागर त्रिपाठी पर उनके भाई, मामा सहित 12 लोगों को झूठे मुकदमे में फंसा कर जेल भेजने का आरोप लगाया था। 76 वर्षीय देवी प्रसाद ने आरोप लगाया कि विद्या सागर त्रिपाठी ने मुफ्त में प्लाॅट न मिलने व कुछ सियासी लोगों के इशारे पर पूरा खेल रचा था। बकौल देवी प्रसाद वह 1981 में बांदा से कानपुर आए थे।

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दो घर व एक बीघा जमीन है
तब चकेरी इलाके में उनका दबदबा था। यहां उनके दो घर व गिरजानगर में एक बीघा जमीन है। जमीन में कब्जा है। एक घर उनका गांधीग्राम में है, जबकि दूसरा घर उनके भाई देवी सहाय पाठक का पटेलनगर में है। देवी सहाय 1976 में कानपुर आए थे, उनकी 2020 में मौत हो गई थी। उसके बाद देवी प्रसाद पाठक आनंदपुरी में सपरिवार किराये के मकान में रह रहे हैं।

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2023 में लिखाई रिपोर्ट की जांच
देवी प्रसाद ने बताया कि 2023 में अमित कपूर, रेनू कपूर, देवेंद्र पाठक, अशोक कुमार, सौरभ द्विवेदी, गोपाल भदौरिया, रामजी बाजपेई समेत 15 अज्ञात पर जमीन पर अवैध कब्जा करने की रिपोर्ट न्यायालय के आदेश पर लिखाई थी। हालांकि इसमें अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। चकेरी थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्रा ने बताया कि देवी प्रसाद पाठक की तरफ से 2023 में लिखाई गई रिपोर्ट की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

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