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Kanpur: जियो टैगिंग 11 घंटे ठप, OTP न आने से मंडियों में फंसे रहे वाहन, सब्जी व्यापारियों को करोड़ों का नुकसान

Tue, 18 Aug 2026 03:57 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Tue, 18 Aug 2026 03:57 PM IST
सार

Kanpur News: कानपुर समेत उत्तर प्रदेशभर में सर्वर और ओटीपी की तकनीकी खराबी के चलते कृषि उत्पादों की जियो टैगिंग व्यवस्था करीब 11 घंटे तक ठप रही। समय पर गेटपास न मिलने के कारण मंडियों में वाहन फंसे रहे, जिससे हरी सब्जियों और अन्य कृषि कारोबार को करोड़ों रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा।

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Kanpur Geo tagging stalled for 11 hours vehicles stranded at wholesale markets due to failure to receive OTPs
ओटीपी न मिलने से मंडियों में फंसे वाहन - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में कृषि उत्पादों के वाहनों की जियो टैगिंग व्यवस्था सोमवार को करीब 11 घंटे ठप रहने से प्रदेशभर में कृषि कारोबार प्रभावित रहा। सुबह करीब चार बजे से दोपहर तीन बजे तक व्यापारियों के मोबाइल पर आवश्यक ओटीपी नहीं पहुंचा। इसके चलते वाहनों की जियो टैगिंग और गेटपास जारी नहीं हो सके। सबसे ज्यादा असर हरी सब्जियों के कारोबार पर पड़ा। व्यापारियों का दावा है कि सब्जियां खराब होने के कारण प्रदेशभर में करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।

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इस संबंध में व्यापारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर कृषि उत्पादों के व्यापार में एक जुलाई से लागू जियो ऐप आधारित वाहन टैगिंग व्यवस्था को तत्काल वापस लेने की मांग की है। भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्रा ने बताया कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद से ही प्रदेश की 251 मंडियों में तकनीकी और व्यावहारिक दिक्कतें सामने आ रही हैं। खासकर ग्रामीण मंडियों में वाहनों की टैगिंग में कई-कई घंटे लगने से व्यापार प्रभावित हो रहा है।

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किसानों को अपनी उपज वापस लेकर लौटना पड़ा
सोमवार को सुबह 4:00 बजे से साम 3:00 बजे तक ओटीपी नहीं आने के कारण वाहन टैगिंग पूरी तरह बाधित रही। 3:00 बजे कॉमन ओटीपी जारी होने के बाद व्यवस्था शुरू हो सकी। गेटपास नहीं बनने के कारण कई मंडियों में सब्जियों समेत अन्य कृषि उत्पाद लेकर पहुंचे वाहन आगे नहीं जा सके। व्यापारियों का कहना है कि कई ग्रामीण मंडियों में टैगिंग और गेटपास जारी न होने के कारण किसानों से उनकी उपज की खरीद तक नहीं हो सकी। इससे किसानों को अपनी उपज वापस लेकर लौटना पड़ा।

कृषि उत्पादों का कारोबार समयबद्ध और संवेदनशील
शीघ्र खराब होने वाली सब्जियों के मामले में स्थिति और चिंताजनक रही। गल्ला, दलहन, दाल, तिलहन और किराना कारोबार भी ओटीपी की समस्या से प्रभावित रहा। व्यापारियों के अनुसार इससे प्रदेशभर में करोड़ों रुपये का कारोबार बाधित हुआ। कृषि उत्पादों का कारोबार समयबद्ध और संवेदनशील है। ऐसी तकनीकी व्यवस्था, जो बार-बार बाधित हो रही हो, किसानों और व्यापारियों दोनों के लिए गंभीर आर्थिक संकट पैदा कर सकती है।

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अनावश्यक परेशानी का करना पड़ रहा सामना
गेटपास की समय-सीमा पर भी सवाल व्यापारियों ने अलीगढ़ मंडी समेत कई मंडियों में गेटपास की समय-सीमा को लेकर वाहनों को रोके जाने की शिकायत भी की है। उनका आरोप है कि सभी जरूरी प्रपत्र पूरे होने और वाहन की टैगिंग हो जाने के बावजूद निर्धारित समय सीमा समाप्त होने का हवाला देकर वाहनों को रोका जा रहा है। इससे व्यापारियों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

व्यापारियों को नुकसान न उठाना पड़े
मुख्यमंत्री से तीन प्रमुख मांगें व्यापारियों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि एक जुलाई से लागू जियो ऐप आधारित वाहन जियो टैगिंग व्यवस्था तत्काल वापस ली जाए। साथ ही गेटपास की समय-सीमा पूरी तरह समाप्त की जाए, ताकि तकनीकी खामी के कारण व्यापारियों को नुकसान न उठाना पड़े। इसके अलावा 17 अगस्त को व्यवस्था ठप रहने से व्यापारियों और किसानों को हुई आर्थिक क्षति और समस्याओं का संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएं।

सर्वर में सुबह तकनीकी दिक्कत आई थी, जिसकी वजह से सुबह 6:00 बजे से शाम 3:00 बजे तक व्यापारियों को दिक्कत हुई। शाम 3:00 बजे उनकी समस्या का समाधान करते हुए कॉमन ओटीपी दे दिया गया, जिससे गेट पास बनने शुरू हो गए।  -विजयन बालियान, सचिव, मंडी समिति

ओटीपी न मिलने और गेट पास न बनने की वजह से चकरपुर मंडी में ही करीब 10 लाख रुपये की सब्जी की आवाजाही प्रभावित हुई। इसी तरह प्रदेश की अन्य मंडियों में नुकसान हुआ। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों की गल्ला मंडियों में तमाम किसानों को गल्ला नहीं बिक पाया, उन्हें निराश लौटना पड़ा।  -ज्ञानेश मिश्रा, प्रदेश अध्यक्ष, भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल

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