सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Traders are victims of political parties' neglect: Anoop Shukla

राजनीतिक दलों की उपेक्षा का शिकार है व्यापारी : अनूप शुक्ला

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 30 Jan 2026 01:10 AM IST
विज्ञापन
Traders are victims of political parties' neglect: Anoop Shukla
विज्ञापन
कानपुर। प्रतिनिधि उद्योग व्यापार मंडल की ओर से गुरुवार को मर्चेंट चैंबर सभागार में व्यापारी महासम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें प्रदेश भर के व्यापारी जुटे। राष्ट्रीय अध्यक्ष अनूप शुक्ला ने कहा कि आज समाज में व्यापारी 30 प्रतिशत से ज्यादा हैं लेकिन व्यापारी नोट और वोट देने के बाद भी अपने आप को ठगा महसूस करता है। व्यापारी राजनीतिक दलों की उपेक्षा के शिकार हैं। व्यापारियों ने राजनीतिक हिस्सेदारी की मांग उठाई। कहा कि 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनावों में व्यापारी जिसके साथ होगा, उसको ही सत्ता मिलेगी।
Trending Videos

अनूप ने कहा कि व्यापारी ही जीएसटी कलेक्शन करके सरकार को दे रहा है लेकिन व्यापारी की हिस्सेदारी शून्य के समान है। आगामी जिला पंचायत चुनाव और 2027 के चुनाव में व्यापारी के अहम भूमिका होगी। जिसके साथ व्यापारी होगा, उसी की सरकार बनेगी। सभी राजनीतिक दलों को यह सोचना होगा की विधानसभा में व्यापारी संख्या के अनुसार व्यापारी को मौका मिले।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि एक तरफ व्यापारी ऑनलाइन शॉपिंग से उसका व्यापार बंद होने के कगार पर है, दूसरी तरफ खाद्य एवं अन्य विभागों के अधिकारी व्यापारियों का उत्पीड़न करते हैं। एक मांग पत्र तैयार कर उत्तर प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों के माध्यम से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा। प्रदेश के व्यापारी नेताओं का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा। इस मौके पर बृजेंद्र गुप्ता, जेपी यादव, रामकुमार गुप्ता, अमरेंद्र पांडेय, सुधीर गुप्ता, सुमन मिश्रा, बदरुद्दीन अहमद, सज्जन लाल गुप्ता, डॉ. पीसी गुप्ता, विनीत पांडेय आदि मौजूद रहे।
-----------
व्यापारियों ने उठाईं ये मांगें
-ऑनलाइन शॉपिंग पर रोक या दुकानदारों को जीएसटी एवं आयकर में विशेष छूट दी जाए।
- जीएसटी के फार्मों की जटिलता दूर हो। ब्रांडेड गल्ले को टैक्स फ्री किया जाए।
-व्यापारी आयोग का गठन हो, सरकारी समितियों में व्यापारियों की हिस्सेदारी हो।
-पेट्रोल-डीजल जीएसटी के दायरे में हों, ई-वे बिल की सीमा दो लाख की जाए।
- एफडीआई खत्म किया जाए, हस्त निर्मित पीतल के बर्तनों को लघु उद्योग का दर्जा मिले।
-छोटे और मंझले स्तर के व्यापारियों को सरकार से अधिक से अधिक राहत मिले।
-छोटे दुकानदार एवं फेरीवालों के विस्थापन के लिए नीति बनाई जाए, उनको दुकानें दी जाएं।
- व्यापारी बीमा राशि दोगुना हो, व्यापारियों को पेंशन मिले।
-व्यापारी समस्या समाधान के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू हो।
- छोटे, मध्यम व्यापारियों को रियायती दर पर बैंकों से लोन मिले।
-मंडी शुल्क को खत्म किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed