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Kaushambi News: आंगनबाड़ी केंद्र के साथ आराधना चला रही धूप बत्ती का कारोबार
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Wed, 04 Feb 2026 12:34 AM IST
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सेलरहा पश्चिम गांव में घर में धूप बत्ती की पैकिंग करती आराधना मिश्रा संवाद
- फोटो : राइफल से मटकी फोड़ने का वायरल वीडियो।
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ब्लाॅक के सेलरहा पश्चिम गांव की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता आराधना मिश्रा केंद्र संचालन के साथ दूसरी महिलाओें को धूपबत्ती के कारोबार से जोड़कर आत्मनिर्भर बना रहीं हैं।आराधना राष्ट्रीय आजीविका मिशन से समूह बनाकर धूपबत्ती बनाने का कारोबार कर रही हैं।
इससे महीने में 10 से 15 हजार की आमदनी भी हो रही है। काम में लगी अन्य महिलाएं भी घर बैठे चार से पांच हजार कमा रही हैं। सेलरहा पश्चिम गांव की आराधना मिश्रा वर्ष 2018 में राष्ट्रीय आजीविका मिशन में जुड़कर चेतना महिला स्वयं सहायता समूह का गठन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना से कम दाम में बैंक से ऋण लेकर धूपबत्ती बनाने की मशीन खरीदी और कारोबार शुरू कर दिया।
आराधना बताती हैं कि प्रचार-प्रसार न होने से धूपबत्ती की बाजार मंदी है। हालांकि विभागीय कार्यक्रम में स्टॉल लगाने के लिए आमंत्रित किया जाता है, जिसमें अच्छा व्यवसाय होता है। इसके अलावा आराधना ने गांव की महिलाओं को जागृत कर 18 महिला स्वयं सहायता समूह का गठन कराया।
राष्ट्रीय आजीविका मिशन योजना के शुरुआत में आराधना मिश्रा ने गांव में समूह का गठन किया था। इसके बाद अन्य महिलाओं को प्रेरित कर 18 समूह का गठन कराया। अब वह धूपबत्ती के कारोबार से गांव की महिलाओं को रोजगार देकर आत्मनिर्भर बना रही हैं। - महेंद्र कुमार, एडीओ आईएसबी, सिराथू
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इससे महीने में 10 से 15 हजार की आमदनी भी हो रही है। काम में लगी अन्य महिलाएं भी घर बैठे चार से पांच हजार कमा रही हैं। सेलरहा पश्चिम गांव की आराधना मिश्रा वर्ष 2018 में राष्ट्रीय आजीविका मिशन में जुड़कर चेतना महिला स्वयं सहायता समूह का गठन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना से कम दाम में बैंक से ऋण लेकर धूपबत्ती बनाने की मशीन खरीदी और कारोबार शुरू कर दिया।
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आराधना बताती हैं कि प्रचार-प्रसार न होने से धूपबत्ती की बाजार मंदी है। हालांकि विभागीय कार्यक्रम में स्टॉल लगाने के लिए आमंत्रित किया जाता है, जिसमें अच्छा व्यवसाय होता है। इसके अलावा आराधना ने गांव की महिलाओं को जागृत कर 18 महिला स्वयं सहायता समूह का गठन कराया।
राष्ट्रीय आजीविका मिशन योजना के शुरुआत में आराधना मिश्रा ने गांव में समूह का गठन किया था। इसके बाद अन्य महिलाओं को प्रेरित कर 18 समूह का गठन कराया। अब वह धूपबत्ती के कारोबार से गांव की महिलाओं को रोजगार देकर आत्मनिर्भर बना रही हैं। - महेंद्र कुमार, एडीओ आईएसबी, सिराथू
