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Kaushambi News: ई-रिक्शा चलाकर आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दे रहीं सिराथू की नौ महिलाएं
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Fri, 16 Jan 2026 01:00 AM IST
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मंजू देवी
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मन में कुछ करने का इरादा हो तो हर मुश्किल आसान हो जाती है। कुछ ऐसा ही ब्लाक में राष्ट्रीय आजीविका मिशन योजना से जुड़कर ई-रिक्शा चला रही नौ दीदियां महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दे रहीं हैं। इनमें सुनीता देवी व सरिता देवी को गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में कर्तव्य पथ आयोजित होने वाले कार्यक्रम में विशेष अतिथि के लिए आमंत्रित किया गया है।
ई-रिक्शा चलाने के लिए आर्या मंच के माध्यम से बिना ब्याज के बैंकों से ऋण की व्यवस्था है। जिसके तहत ब्लाक में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी बढ़नपुर घाटमपुर गांव की सुनीता देवी, मिर्जापुर जवई गांव की सरिता देवी, सविता देवी कैंमा गांव की मंजू देवी सहित जिले की 45 महिलाएं ई रिक्शा चला रही हैं।
गणतंत्र दिवस के मौके पर नई दिल्ली में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण मिलना मेरे लिए गर्व की बात है। पति राजकुमार मजदूर हैं। परिवार में चार बेटी और एक बेटे का खर्च पूरा न होने पर सालभर पहले दुर्गा महिला स्वयं सहायता समूह बनाकर ई-रिक्शा चलकर परिवार चल रही हूं। -सुनीता देवी
ई-रिक्शा चला कर परिवार का भरण पोषण कर रही हूं। महीने में 20 से 25 हजार रुपये की आमदनी होने पर गाड़ी की किस्त जमा करने के बाद गुजारा हो जा रहा है। -मंजू देवी
पति मजदूरी करते हैं। ऐसे में तीन बच्चों की परवरिश करने में घर में आर्थिक तंगी थी। ई-रिक्शा चला कर रोजगार से जुड़ गई हूं। तब से सवारियों को ढोकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हूं। -कमला देवी
प्रदेश मिशन से दोनों ई-रिक्शा चालक महिलाओं को गणतंत्र दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में अतिथि के रूप में सम्मिलित होने का आमंत्रण भेजा गया है। यह जिले के लिए गर्व की बात है। -सुखराज बंधु, उपयुक्त स्वत रोजगार
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ई-रिक्शा चलाने के लिए आर्या मंच के माध्यम से बिना ब्याज के बैंकों से ऋण की व्यवस्था है। जिसके तहत ब्लाक में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी बढ़नपुर घाटमपुर गांव की सुनीता देवी, मिर्जापुर जवई गांव की सरिता देवी, सविता देवी कैंमा गांव की मंजू देवी सहित जिले की 45 महिलाएं ई रिक्शा चला रही हैं।
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गणतंत्र दिवस के मौके पर नई दिल्ली में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण मिलना मेरे लिए गर्व की बात है। पति राजकुमार मजदूर हैं। परिवार में चार बेटी और एक बेटे का खर्च पूरा न होने पर सालभर पहले दुर्गा महिला स्वयं सहायता समूह बनाकर ई-रिक्शा चलकर परिवार चल रही हूं। -सुनीता देवी
ई-रिक्शा चला कर परिवार का भरण पोषण कर रही हूं। महीने में 20 से 25 हजार रुपये की आमदनी होने पर गाड़ी की किस्त जमा करने के बाद गुजारा हो जा रहा है। -मंजू देवी
पति मजदूरी करते हैं। ऐसे में तीन बच्चों की परवरिश करने में घर में आर्थिक तंगी थी। ई-रिक्शा चला कर रोजगार से जुड़ गई हूं। तब से सवारियों को ढोकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हूं। -कमला देवी
प्रदेश मिशन से दोनों ई-रिक्शा चालक महिलाओं को गणतंत्र दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में अतिथि के रूप में सम्मिलित होने का आमंत्रण भेजा गया है। यह जिले के लिए गर्व की बात है। -सुखराज बंधु, उपयुक्त स्वत रोजगार

मंजू देवी

मंजू देवी
