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Kushinagar News: ढाई हजार एमटी का बनेगा गोदाम, जमीन चिह्नित
Fri, 14 Aug 2026 01:31 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 14 Aug 2026 01:31 AM IST
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पडरौना। किसानों को समय पर आसानी से खाद उपलब्ध कराने की कवायद शुरू कर दी गई है। सहकारिता विभाग की तरफ से जिले में 2500 मीट्रिक टन क्षमता का नया गोदाम बनाया जाएगा। इसके लिए राजापाकड़ गांव में 150 डिस्मिल जमीन चिह्नित कर ली गई है। नए गोदाम से आसपास की 40 से अधिक समितियों को खाद का वितरण किया जाएगा। विभाग का दावा है कि इससे रबी और खरीफ सीजन में किसानों को यूरिया-डीएपी आसानी से मिल सकेगी। सहकारिता विभाग ने प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
जिले में खाद की मांग हर साल बढ़ रही है लेकिन भंडारण की कमी के कारण किसानों को दिक्कतें आती थीं। इसी को देखते हुए राजापाकड़ में बड़ा गोदाम बनाने का फैसला लिया गया है। डीएम महेंद्र सिंह तंवर की पहल पर राजापाकड़ गांव में 150 डिस्मिल जमीन चिह्नित हुई है। इस गोदाम में एक साथ यूरिया, डीएपी, एनपीके और अन्य उर्वरकों का स्टॉक रखा जा सकेगा। इसकी अनुमानित लागत 4.5 करोड़ रुपये है।
गोदाम का निर्माण होने के बाद सीजन शुरू होने से पहले ही उर्वरक स्टॉक हो जाएगा। गोदाम में स्टॉक खाद सीधे समितियों तक पहुंचा जा सकेगी। वहीं गोदाम का गुणवत्ता बेहतर होने से उसमें रखा खाद नमी और बारिश के बाद भी खराब नहीं होगा। इस गोदाम से राजापाकड़, सेवरही, गुरवलिया और तमकुहीराज क्षेत्र की सहकारी समितियों को उर्वरक मिलेगा। एआर कोआपरेटिव नीरज गोंड़ ने बताया कि जिले में वर्तमान में भंडारण क्षमता जरूरत के अनुसार कम है। नया गोदाम बनने से खाद वितरण पारदर्शी होगा और किसानों को कतार में नहीं लगना पड़ेगा। निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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जिले में खाद की मांग हर साल बढ़ रही है लेकिन भंडारण की कमी के कारण किसानों को दिक्कतें आती थीं। इसी को देखते हुए राजापाकड़ में बड़ा गोदाम बनाने का फैसला लिया गया है। डीएम महेंद्र सिंह तंवर की पहल पर राजापाकड़ गांव में 150 डिस्मिल जमीन चिह्नित हुई है। इस गोदाम में एक साथ यूरिया, डीएपी, एनपीके और अन्य उर्वरकों का स्टॉक रखा जा सकेगा। इसकी अनुमानित लागत 4.5 करोड़ रुपये है।
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गोदाम का निर्माण होने के बाद सीजन शुरू होने से पहले ही उर्वरक स्टॉक हो जाएगा। गोदाम में स्टॉक खाद सीधे समितियों तक पहुंचा जा सकेगी। वहीं गोदाम का गुणवत्ता बेहतर होने से उसमें रखा खाद नमी और बारिश के बाद भी खराब नहीं होगा। इस गोदाम से राजापाकड़, सेवरही, गुरवलिया और तमकुहीराज क्षेत्र की सहकारी समितियों को उर्वरक मिलेगा। एआर कोआपरेटिव नीरज गोंड़ ने बताया कि जिले में वर्तमान में भंडारण क्षमता जरूरत के अनुसार कम है। नया गोदाम बनने से खाद वितरण पारदर्शी होगा और किसानों को कतार में नहीं लगना पड़ेगा। निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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