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Kushinagar News: वाल्मीकि नगर बैराज से डिस्चार्ज में गिरावट, तटबंधों पर निगरानी बढ़ी

Fri, 14 Aug 2026 01:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Fri, 14 Aug 2026 01:24 AM IST
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Discharge from Valmiki Nagar Barrage declines, monitoring on embankments increased
एपी बांध की निगरानी करते अभियंता।संवाद
तमकुहीरोड। वाल्मीकि नगर बैराज से नारायणी नदी (गंडक) में छोड़े जाने वाले पानी का डिस्चार्ज अब घटकर 90 हजार क्यूसेक से नीचे आ गया है। जलस्तर घटने के साथ ही नदी तटीय इलाकों में बैंक रोलिंग, एप्रन धंसने और कटान की संभावना बढ़ गई है। बाढ़ खंड के अभियंताओं ने तटबंधों के सभी संवेदनशील स्थानों पर सतर्कता और निगरानी तेज कर दी है। साथ ही विभाग अब निर्माणाधीन परियोजनाओं के अंतिम चरण के कार्यों को भी तेजी से पूरा कराने में जुट गया है। वहीं, हर साल बाढ़ की विभीषिका झेलने वाले ग्रामीणों ने नदी का जलस्तर दोबारा बढ़ने की आशंका जताई है।
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इस साल एपी बांध और नरवाजोत बांध पर 32.71 करोड़ रुपये की लागत वाली तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी मिली थी, जिनके कार्य अब अंतिम चरण में हैं। जिसमें नरवाजोत बांध 11.32 करोड़ रुपये की है। इसमें किमी 1.700 पर स्थित स्पर के नोज भाग, ट्रांजिट एप्रन, किमी 1.950 से 2.100 के बीच रिवेटमेंट पुनर्स्थापना और किमी 0.000 से 0.100 के बीच तीन पंक्तियों में परक्यूपाइन निर्माण कार्य अंतिम दौर में है। वर्तमान में यहां ठोकर के टॉप पर ब्रिक सोलिंग का काम चल रहा है। नरवाजोत बांध पर11.66 करोड़ रुपये की परियोजना है। जिसमें किमी 0.525 से 1.000 के बीच रिवेटमेंट पुनर्स्थापना और तीन पंक्तियों में परक्यूपाइन निर्माण का कार्य पहले ही पूर्ण कराया जा चुका है।
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एपी बांध पर 9.72 करोड़ की परियोजना के तहत जवही दयाल में किमी 3.500 से 4.000 के बीच रिवेटमेंट कार्य और तीन पंक्तियों में परक्यूपाइन निर्माण का केवल थोड़ा सा हिस्सा शेष बचा है, जहां स्लोप पिचिंग का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। मौसम को देखते हुए जेई रमेशधर दुबे, सुनील कुमार यादव और अमर श्रीवास्तव सहित अभियंताओं की टीम निर्माण कार्य को जल्द से जल्द खत्म कराने और तटबंधों की चौबीसों घंटे निगरानी में जुटी हुई है।
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कोट:
-नदी का पानी घटने के बाद एहतियात के तौर पर तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी गई है। किसी भी संभावित खतरे या कटान से निपटने के लिए विभाग पूरी तरह सतर्क है।- दीपरतन सिंह, एसडीओ, बाढ़ खंड सेवरही
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