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Kushinagar News: पति के खोने का गम तो बच्चों की परवरिश की सता रही चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 23 Jun 2026 02:32 AM IST
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दुदही। विशुनपुरा थाना क्षेत्र के जंगल नौगावां निवासी रवींद्र यादव की मौत से पूरे गांव में मातम का माहौल है। रवींद्र यादव अपने पीछे दो मासूम बच्चों व पत्नी को छोड़ गए हैं। हादसे के बाद रवींद्र यादव की पत्नी सुमन को एक तरफ जहां पति को खोने का गम है तो दूसरी तरफ दो मासूम बच्चों के परवरिश की चिंता सता रही है। वह बच्चों को गोंद लेकर बार-बार बेसुध हो जा रही हैं।
बता दें कि जंगल नौगावां निवासी शारदा यादव के तीन पुत्रों में रविंद्र सबसे छोटा था। बड़े भाई भीमल और नागेंद्र हैं। पूरा परिवार एक साथ रहता है। रवींद्र की शादी करीब चार वर्ष पहले हुई थी। पत्नी सुमन की गोंद में बैठकर तीन वर्षीय पुत्र डूग्गू व एक वर्षीय पुत्री दुगुनी को यह पता नहीं है कि अब उनके सिर से पिता का साया उठ चुका है। मासूम बार-बार मां की गोंद में पहुंच रहे थे और फिर दरवाजे पर भीड़ देखकर कुछ समझ नहीं पा रहे थे। यह तस्वीर देखकर मौजूद हर किसी की आंखें नम हो जा रही थीं। परिजनों के मुताबिक रवींद्र प्रापर्टी का काम करते थे। सोमवार सुबह जब वह ग्राहकों को जमीन दिखाने के लिए हेतिमपुर के पास जा रहे थे कि हादसे का शिकार हो गया और उसकी मौत हो गई। इसकी जानकारी होने पर उसका दोस्त विंध्याचल निषाद फफक कर रो-रो रहा था। वह दोस्त की मौत को लेकर रह-रहकर बेसुध हो जा रहा था। आसपास के लोग उसे ढांढ़स बंधा रहे थे।
बता दें कि जंगल नौगावां निवासी शारदा यादव के तीन पुत्रों में रविंद्र सबसे छोटा था। बड़े भाई भीमल और नागेंद्र हैं। पूरा परिवार एक साथ रहता है। रवींद्र की शादी करीब चार वर्ष पहले हुई थी। पत्नी सुमन की गोंद में बैठकर तीन वर्षीय पुत्र डूग्गू व एक वर्षीय पुत्री दुगुनी को यह पता नहीं है कि अब उनके सिर से पिता का साया उठ चुका है। मासूम बार-बार मां की गोंद में पहुंच रहे थे और फिर दरवाजे पर भीड़ देखकर कुछ समझ नहीं पा रहे थे। यह तस्वीर देखकर मौजूद हर किसी की आंखें नम हो जा रही थीं। परिजनों के मुताबिक रवींद्र प्रापर्टी का काम करते थे। सोमवार सुबह जब वह ग्राहकों को जमीन दिखाने के लिए हेतिमपुर के पास जा रहे थे कि हादसे का शिकार हो गया और उसकी मौत हो गई। इसकी जानकारी होने पर उसका दोस्त विंध्याचल निषाद फफक कर रो-रो रहा था। वह दोस्त की मौत को लेकर रह-रहकर बेसुध हो जा रहा था। आसपास के लोग उसे ढांढ़स बंधा रहे थे।
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