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निगरानी में सेंध : यूरिया वितरण में धांधली...180 सचिवाें-दुकानदारों को नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 18 Jun 2026 02:29 AM IST
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पडरौना। अफसरों की निगरानी के बावजूद यूरिया वितरण में धांधली की गई है। समितियों के सचिव और खाद विक्रेताओं ने कम रकबा वाले किसानों को 15 से 45 बोरी यूरिया दे दिया है। जांच में पता चला है कि अधिक रकबा वाले किसानों को कतार में लगने के बावजूद दो बोरी से अधिक यूरिया नहीं मिल पा रहा है। यूरिया वितरण में गड़बड़ी करने वाले 180 सचिव और खाद दुकानदारों को जिला कृषि अधिकारी व एआर कोआपरेटिव की ओर से नोटिस जारी किया गया है।
अब तक खाद की नौ दुकानें निलंबित, दो के लाइसेंस निरस्त किए जा चुके हैं। जानकार बताते हैं कि निष्पक्ष तरीके से जांच हो जाए तो इस खेल में शामिल खाद दुकानदारों व सचिवों की गर्दन फंस सकती है।
विभाग के अनुसार एक अप्रैल से 16 जून तक 11 हजार एमटी यूरिया का वितरण किसानों में किया जा चुका है। इसके बावजूद समितियों पर हर रोज यूरिया के लिए हंगामा हो रहा है। शिकायतों को देखते हुए डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने जिला कृषि अधिकारी संजीव कुमार सिंह और एआर कोऑपरेटिव नीरज गौड़ को टीम बनाकर वितरित यूरिया के सत्यापन का निर्देश दिया।
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जांच में प्रथम दृष्टया पता चला कि कई समितियों के सचिव और खाद विक्रेताओं ने किसान को उनके रकबा से अधिक उर्वरक दे दिया है। इस तरह की गड़बड़ियां बिहार बाॅर्डर के अधिकतर खाद विक्रेताओं और समितियों से हुई है। ढाई महीने में 180 खाद विक्रेता व समितियोंं के सचिव को नोटिस जारी किया गया है। इनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। लेकिन अभी तक किसी दुकानदार और सचिव ने नोटिस का जवाब नहीं दिया है। स्टाॅक और वितरण रजिस्टर में गड़बड़ी मिलने पर नौ दुकानदारों के लाइसेंस निलंबित और दो के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं।
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केस नंबर एक
-सहुआडीह साधन सहकारी समिति पर यूरिया वितरण में अनियमितता सामने आई है। सचिव ने किसान को 15 बोरी यूरिया में दे दिया है। जांच में पता चला है कि जो किसान यूरिया ले गया है, उसका रकबा कम है। सचिव ने नियम को दरकिनार कर अधिक यूरिया दिया है।
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केस नंबर दो
-साधन सहकारी समिति सिकटिया के सचिव 45 बोरी यूरिया एक ही किसान को दिए हैं, एक ही आधार कार्ड पर,विभागीय जानकारी में यह मामला उजागर हुआ है। एआर कोआपरेटिव की ओर से नोटिस जारी किया गया है,लेकिन अभी तक सचिव की ओर से स्पष्टीकरण नहीं दिया जा सका है।
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केस नंबर तीन
आईएफडीसी कृषक सेवा केंद्र बलुआ चौक के दुकानदार के यूरिया वितरण में धांधली करने की बात सामने आई है। एक किसान को दस से 12 बोरी यूरिया दे दिया गया है। कृषि विभाग की ओर से दुकानदार को नोटिस जारी किया गया है। अब तक दुकानदार ने स्पष्टीकरण नहीं दिया है।
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जिले में 145 साधन सहकारी समितियां सक्रिय हैं। इसके अलावा कृषि विभाग की ओर से एक हजार दुकानों काे उर्वरक बिक्री के लाइसेंस दिए गए हैं। करीब 400 दुकानें ही सक्रिय हैं। एक-एक दुकान पर उर्वरक की खेप जाने की मॉनिटरिंग एआर कोऑपरेटिव और जिला कृषि अधिकारी कर रहे हैं। अधिक रकबा वाले किसानों को दो बारी से अधिक यूरिया नहीं दिए जाने की शिकायतें एआर कोऑपरेटिव और जिला कृषि अधिकारी कार्यालय तक पहुंच रही हैं।
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जिले को मिला 1600 एमटी यूरिया
जिले को 1600 एमटी यूरिया मिला है। इसकी रैक देवरिया आ गई है। सभी समितियों को दस-दस एमटी यानी 222 बोरी यूरिया देने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कोई समिति यूरिया के अभाव में बंद नहीं रहेगी। सभी समितियों पर उपलब्धता के आधार पर यूरिया भेजा जाएगा।
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180 उर्वरक विक्रेताओं के यहां यूरिया वितरण में गड़बड़ी मिली हैं। इनमें साधन सहकारी समितियों के सचिव भी शामिल हैं। नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। कम रकबा वाले किसानों को अधिक यूरिया देने का मामला सामने जांच में आया है। इसके मिलान के लिए सत्यापन कराया जा रहा है। मनमानी करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। -संजीव कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी
अब तक खाद की नौ दुकानें निलंबित, दो के लाइसेंस निरस्त किए जा चुके हैं। जानकार बताते हैं कि निष्पक्ष तरीके से जांच हो जाए तो इस खेल में शामिल खाद दुकानदारों व सचिवों की गर्दन फंस सकती है।
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विभाग के अनुसार एक अप्रैल से 16 जून तक 11 हजार एमटी यूरिया का वितरण किसानों में किया जा चुका है। इसके बावजूद समितियों पर हर रोज यूरिया के लिए हंगामा हो रहा है। शिकायतों को देखते हुए डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने जिला कृषि अधिकारी संजीव कुमार सिंह और एआर कोऑपरेटिव नीरज गौड़ को टीम बनाकर वितरित यूरिया के सत्यापन का निर्देश दिया।
जांच में प्रथम दृष्टया पता चला कि कई समितियों के सचिव और खाद विक्रेताओं ने किसान को उनके रकबा से अधिक उर्वरक दे दिया है। इस तरह की गड़बड़ियां बिहार बाॅर्डर के अधिकतर खाद विक्रेताओं और समितियों से हुई है। ढाई महीने में 180 खाद विक्रेता व समितियोंं के सचिव को नोटिस जारी किया गया है। इनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। लेकिन अभी तक किसी दुकानदार और सचिव ने नोटिस का जवाब नहीं दिया है। स्टाॅक और वितरण रजिस्टर में गड़बड़ी मिलने पर नौ दुकानदारों के लाइसेंस निलंबित और दो के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं।
केस नंबर एक
-सहुआडीह साधन सहकारी समिति पर यूरिया वितरण में अनियमितता सामने आई है। सचिव ने किसान को 15 बोरी यूरिया में दे दिया है। जांच में पता चला है कि जो किसान यूरिया ले गया है, उसका रकबा कम है। सचिव ने नियम को दरकिनार कर अधिक यूरिया दिया है।
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केस नंबर दो
-साधन सहकारी समिति सिकटिया के सचिव 45 बोरी यूरिया एक ही किसान को दिए हैं, एक ही आधार कार्ड पर,विभागीय जानकारी में यह मामला उजागर हुआ है। एआर कोआपरेटिव की ओर से नोटिस जारी किया गया है,लेकिन अभी तक सचिव की ओर से स्पष्टीकरण नहीं दिया जा सका है।
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केस नंबर तीन
आईएफडीसी कृषक सेवा केंद्र बलुआ चौक के दुकानदार के यूरिया वितरण में धांधली करने की बात सामने आई है। एक किसान को दस से 12 बोरी यूरिया दे दिया गया है। कृषि विभाग की ओर से दुकानदार को नोटिस जारी किया गया है। अब तक दुकानदार ने स्पष्टीकरण नहीं दिया है।
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जिले में 145 साधन सहकारी समितियां सक्रिय हैं। इसके अलावा कृषि विभाग की ओर से एक हजार दुकानों काे उर्वरक बिक्री के लाइसेंस दिए गए हैं। करीब 400 दुकानें ही सक्रिय हैं। एक-एक दुकान पर उर्वरक की खेप जाने की मॉनिटरिंग एआर कोऑपरेटिव और जिला कृषि अधिकारी कर रहे हैं। अधिक रकबा वाले किसानों को दो बारी से अधिक यूरिया नहीं दिए जाने की शिकायतें एआर कोऑपरेटिव और जिला कृषि अधिकारी कार्यालय तक पहुंच रही हैं।
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जिले को मिला 1600 एमटी यूरिया
जिले को 1600 एमटी यूरिया मिला है। इसकी रैक देवरिया आ गई है। सभी समितियों को दस-दस एमटी यानी 222 बोरी यूरिया देने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कोई समिति यूरिया के अभाव में बंद नहीं रहेगी। सभी समितियों पर उपलब्धता के आधार पर यूरिया भेजा जाएगा।
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180 उर्वरक विक्रेताओं के यहां यूरिया वितरण में गड़बड़ी मिली हैं। इनमें साधन सहकारी समितियों के सचिव भी शामिल हैं। नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। कम रकबा वाले किसानों को अधिक यूरिया देने का मामला सामने जांच में आया है। इसके मिलान के लिए सत्यापन कराया जा रहा है। मनमानी करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। -संजीव कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी