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Kushinagar News: गंडक नदी का डिस्चार्ज पहुंचा एक लाख क्यूसेक के पार
Mon, 03 Aug 2026 02:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 03 Aug 2026 02:12 AM IST
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एपी बांध के जवही दयाल में परियोजना को पुरा कराने में जुटा विभाग।संवाद
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तमकुहीरोड। गंडक नदी का डिस्चार्ज रविवार को बढ़कर 1.09 लाख क्यूसेक पहुंच गया। नदी के उतार-चढ़ाव के बीच बाढ़ खंड ने एपी बांध व नरवाजोत बांध की अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने में पूरी ताकत झोंक दी है। जिम्मेदारों को चिंता है कि डिस्चार्ज बढ़ने के बाद बाढ़ बचाव कार्य नहीं हो पाएगा।
गौरतलब है कि नरवाजोत बांध और एपी बांध को नारायणी (गंडक) नदी के कटान व बाढ़ से बचाने के लिए शासन की ओर से स्वीकृत 32.71 करोड़ की तीन परियोजनाओं पर काम चल रहा है। नरवाजोत में किमी 0.525 से किमी 1.000 के बीच 11.66 करोड़ की एक परियोजना पूरी हो चुकी है। वहीं, नरवाजोत में 11.32 करोड़ की लागत वाली दूसरी और एपी बांध के जवहीदयाल में 9.72 करोड़ वाली तीसरी परियोजना का कार्य अब भी अधूरा है। इसे पूरा कराने में बाढ़ खंड के अभियंता की डटे हुए हैं।
नरवाजोत बांध पर किमी 1.700 स्थित ठोकर पर ब्रिक सोलिंग और उसके अप एंड डाउन स्ट्रिम में रिवेटमेंट का कार्य अधूरा है। एपी बांध के जवहीदयाल के किमी 3.500 से किमी 4.000 के बीच कहीं रिवेटमेंट तो कहीं स्लोप निर्माण होना बाकी है। तटवर्ती इलाके के लोगों का कहना है कि बांध का हिस्सा काफी जर्जर व कमजोर स्थिति में है। नेपाल की पहाड़ियों पर बारिश शुरू होने के साथ नदी का जलस्तर बढ़ सकता है और सुरक्षा को लेकर खतरा हो सकता है। इस संबंध में बाढ़ खंड सेवरही के एसडीओ दीप रतन सिंह का कहना है कि दोनों परियोजनाओं के शेष कार्य को विभाग पूरा कराने में जुटा है। किसी भी खतरे से निपटने को लेकर बांध पर चौकसी बढ़ा दी गई है।
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गौरतलब है कि नरवाजोत बांध और एपी बांध को नारायणी (गंडक) नदी के कटान व बाढ़ से बचाने के लिए शासन की ओर से स्वीकृत 32.71 करोड़ की तीन परियोजनाओं पर काम चल रहा है। नरवाजोत में किमी 0.525 से किमी 1.000 के बीच 11.66 करोड़ की एक परियोजना पूरी हो चुकी है। वहीं, नरवाजोत में 11.32 करोड़ की लागत वाली दूसरी और एपी बांध के जवहीदयाल में 9.72 करोड़ वाली तीसरी परियोजना का कार्य अब भी अधूरा है। इसे पूरा कराने में बाढ़ खंड के अभियंता की डटे हुए हैं।
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नरवाजोत बांध पर किमी 1.700 स्थित ठोकर पर ब्रिक सोलिंग और उसके अप एंड डाउन स्ट्रिम में रिवेटमेंट का कार्य अधूरा है। एपी बांध के जवहीदयाल के किमी 3.500 से किमी 4.000 के बीच कहीं रिवेटमेंट तो कहीं स्लोप निर्माण होना बाकी है। तटवर्ती इलाके के लोगों का कहना है कि बांध का हिस्सा काफी जर्जर व कमजोर स्थिति में है। नेपाल की पहाड़ियों पर बारिश शुरू होने के साथ नदी का जलस्तर बढ़ सकता है और सुरक्षा को लेकर खतरा हो सकता है। इस संबंध में बाढ़ खंड सेवरही के एसडीओ दीप रतन सिंह का कहना है कि दोनों परियोजनाओं के शेष कार्य को विभाग पूरा कराने में जुटा है। किसी भी खतरे से निपटने को लेकर बांध पर चौकसी बढ़ा दी गई है।
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