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Kushinagar News: बाल सेवा योजना का लाभ नहीं मिलने पर जताई नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 18 Jun 2026 02:26 AM IST
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हाटा। राज्य महिला आयोग की सदस्य जनक नंदिनी ने बुधवार को हाटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया और बाद में तहसील सभागार में आयोजित चौपाल में महिलाओं की समस्याएं सुनीं। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में मौजूद कमियों पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
दोपहर करीब 12 बजे सीएचसी पहुंचीं सदस्य जनक नंदिनी ने सबसे पहले ओपीडी, प्रसव केंद्र, वार्ड और इमरजेंसी की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान मरीजों ने बताया कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन तो उपलब्ध है, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती न होने के कारण उन्हें निजी केंद्रों पर जांच कराने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
कुछ लोगों ने यह भी बताया कि अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ और एक्सरे टेक्नीशियन की तैनाती होने के बावजूद डिजिटल एक्सरे मशीन नहीं है। इस पर महिला आयोग सदस्य ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि अस्पताल में जल्द डिजिटल एक्सरे मशीन की स्थापना कराई जाए तथा रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
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निरीक्षण के दौरान वह इमरजेंसी वार्ड में भी पहुंचीं और मरीजों का हालचाल जाना। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रसव केंद्र पर आने वाली महिलाओं को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने नियमित निगरानी और जांच के माध्यम से शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर भी जोर दिया। इस दौरान डिप्टी सीएमओ, सीएचसी प्रभारी डॉ. अजय सिंह सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
इसके बाद महिला आयोग सदस्य तहसील सभागार पहुंचीं, जहां तहसीलदार जया सिंह, क्षेत्राधिकारी कुंदन सिंह और नायब तहसीलदार सुनील सिंह ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। यहां आयोजित चौपाल में 15 से अधिक महिलाओं ने अपनी समस्याएं उनके समक्ष रखीं।
चौपाल में सबसे अधिक शिकायतें भूमि विवाद और जमीन से जुड़े मामलों की रहीं। कई महिलाओं ने बैनामा होने के बावजूद जमीन पर कब्जा न मिलने की समस्या बताई। वहीं सरिता देवी नामक महिला ने बताया कि पति की मृत्यु के बाद उनके चार बच्चों की परवरिश के लिए मिलने वाली बाल सेवा योजना का लाभ अब तक नहीं मिल सका है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वह पूर्व में भी शिकायत कर चुकी हैं।
मामले को गंभीरता से लेते हुए महिला आयोग सदस्य ने संबंधित अधिकारियों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि शिकायत के बाद भी इतने लंबे समय तक निस्तारण न होना उचित नहीं है। अधिकारियों द्वारा बजट का अभाव बताने पर भी उन्होंने जल्द से जल्द समस्या का समाधान कर पीड़िता को सूचना देने के निर्देश दिए।
चौपाल के दौरान लेखपाल प्रदीप गुप्ता, रामेंद्र तिवारी, रंजू यादव, मनीष सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। महिला आयोग सदस्य ने अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित एवं पारदर्शी निस्तारण के निर्देश दिए।
दोपहर करीब 12 बजे सीएचसी पहुंचीं सदस्य जनक नंदिनी ने सबसे पहले ओपीडी, प्रसव केंद्र, वार्ड और इमरजेंसी की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान मरीजों ने बताया कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन तो उपलब्ध है, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती न होने के कारण उन्हें निजी केंद्रों पर जांच कराने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
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कुछ लोगों ने यह भी बताया कि अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ और एक्सरे टेक्नीशियन की तैनाती होने के बावजूद डिजिटल एक्सरे मशीन नहीं है। इस पर महिला आयोग सदस्य ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि अस्पताल में जल्द डिजिटल एक्सरे मशीन की स्थापना कराई जाए तथा रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
निरीक्षण के दौरान वह इमरजेंसी वार्ड में भी पहुंचीं और मरीजों का हालचाल जाना। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रसव केंद्र पर आने वाली महिलाओं को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने नियमित निगरानी और जांच के माध्यम से शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर भी जोर दिया। इस दौरान डिप्टी सीएमओ, सीएचसी प्रभारी डॉ. अजय सिंह सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
इसके बाद महिला आयोग सदस्य तहसील सभागार पहुंचीं, जहां तहसीलदार जया सिंह, क्षेत्राधिकारी कुंदन सिंह और नायब तहसीलदार सुनील सिंह ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। यहां आयोजित चौपाल में 15 से अधिक महिलाओं ने अपनी समस्याएं उनके समक्ष रखीं।
चौपाल में सबसे अधिक शिकायतें भूमि विवाद और जमीन से जुड़े मामलों की रहीं। कई महिलाओं ने बैनामा होने के बावजूद जमीन पर कब्जा न मिलने की समस्या बताई। वहीं सरिता देवी नामक महिला ने बताया कि पति की मृत्यु के बाद उनके चार बच्चों की परवरिश के लिए मिलने वाली बाल सेवा योजना का लाभ अब तक नहीं मिल सका है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वह पूर्व में भी शिकायत कर चुकी हैं।
मामले को गंभीरता से लेते हुए महिला आयोग सदस्य ने संबंधित अधिकारियों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि शिकायत के बाद भी इतने लंबे समय तक निस्तारण न होना उचित नहीं है। अधिकारियों द्वारा बजट का अभाव बताने पर भी उन्होंने जल्द से जल्द समस्या का समाधान कर पीड़िता को सूचना देने के निर्देश दिए।
चौपाल के दौरान लेखपाल प्रदीप गुप्ता, रामेंद्र तिवारी, रंजू यादव, मनीष सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। महिला आयोग सदस्य ने अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित एवं पारदर्शी निस्तारण के निर्देश दिए।