{"_id":"6a6fab0ccaee3925040afa68","slug":"drug-abuse-destroys-both-youth-power-and-the-future-kushinagar-news-c-205-1-ksh1006-164982-2026-08-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: युवा शक्ति और भविष्य दोनों को बर्बाद करता है नशा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: युवा शक्ति और भविष्य दोनों को बर्बाद करता है नशा
Mon, 03 Aug 2026 02:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 03 Aug 2026 02:09 AM IST
विज्ञापन
बुद्ध पीजी कालेज में नशा मुक्ति का शपथ लेते हुए। सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कसया। बुद्ध पीजी काॅलेज के सभागार में रविवार को नशा मुक्त युवा विकसित भारत 2047 अभियान के तहत संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें वक्ताओं ने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान करते हुए इसे व्यक्ति, परिवार और समाज के लिए गंभीर खतरा बताया।
मुख्य वक्ता डॉ. राकेश सोनकर ने कहा कि नशा देश की जवानी और जीवन की रवानगी दोनों को बर्बाद कर देता है। नशे की लत में फंसा व्यक्ति अपना धन, धर्म, परिवार, संस्कार और भविष्य तक गंवा बैठता है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए युवाओं से किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने की अपील की।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. निगम मौर्य ने कहा कि नशा व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक पतन का प्रमुख कारण है। अधिकांश युवा पहली बार अपने साथियों के प्रभाव में आकर नशे की शुरुआत करते हैं। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों की संगति, दिनचर्या और व्यवहार पर लगातार नजर रखनी चाहिए और उनसे नियमित संवाद बनाए रखना चाहिए।
विज्ञापन
कार्यक्रम का संचालन एवं आभार ज्ञापन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पारस नाथ ने किया। उन्होंने कहा कि नशा शुरुआत में आनंद का एहसास कराता है, लेकिन धीरे-धीरे यही व्यक्ति के जीवन की बर्बादी का कारण बन जाता है। नशे का आदी व्यक्ति सामाजिक और मानसिक रूप से टूट जाता है। इस दौरान संगोष्ठी में घनश्याम मिश्र, संजय गोंड, फूलचंद गोंड, वाशु गोंड, गार्गी, डाली आदि स्वयंसेवकों ने भाग लिया।
विज्ञापन
मुख्य वक्ता डॉ. राकेश सोनकर ने कहा कि नशा देश की जवानी और जीवन की रवानगी दोनों को बर्बाद कर देता है। नशे की लत में फंसा व्यक्ति अपना धन, धर्म, परिवार, संस्कार और भविष्य तक गंवा बैठता है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए युवाओं से किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने की अपील की।
विज्ञापन
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. निगम मौर्य ने कहा कि नशा व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक पतन का प्रमुख कारण है। अधिकांश युवा पहली बार अपने साथियों के प्रभाव में आकर नशे की शुरुआत करते हैं। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों की संगति, दिनचर्या और व्यवहार पर लगातार नजर रखनी चाहिए और उनसे नियमित संवाद बनाए रखना चाहिए।
विज्ञापन
कार्यक्रम का संचालन एवं आभार ज्ञापन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पारस नाथ ने किया। उन्होंने कहा कि नशा शुरुआत में आनंद का एहसास कराता है, लेकिन धीरे-धीरे यही व्यक्ति के जीवन की बर्बादी का कारण बन जाता है। नशे का आदी व्यक्ति सामाजिक और मानसिक रूप से टूट जाता है। इस दौरान संगोष्ठी में घनश्याम मिश्र, संजय गोंड, फूलचंद गोंड, वाशु गोंड, गार्गी, डाली आदि स्वयंसेवकों ने भाग लिया।