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Kushinagar News: परिषदीय विद्यालयों में वार्षिक परीक्षा में गड़बड़ी, बांटे गए उत्तर छपे प्रश्नपत्र
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कंपोजिट विद्यालय गगनई बाबू में परीक्षा देते विद्यार्थी। संवाद
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संतकबीरनगर। परिषदीय विद्यालयों में सोमवार से वार्षिक परीक्षा की शुरुआत हो गई। पहले ही दिन बड़ी गड़बड़ी देखने को मिली। कक्षा-छह के कृषि विज्ञान के प्रश्नपत्र में उत्तर भी छपा था। जो परीक्षार्थियों के लिए तो सहूलियत भरा था, लेकिन इससे बेसिक शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है।
जिले के 1246 स्कूल और सात कस्तूरबा विद्यालयोंं में परीक्षा शुरू हो गई है। विद्यार्थियों की कुल संख्या 107000 है। यह परीक्षा 21 मार्च तक चलेगी। एक से पांच तक मौखिक परीक्षा हो रही है। कक्षा-छह, सात और आठ की लिखित परीक्षा चल रही है, लेकिन पहले दिन प्राथमिक विद्यालयों में सभी विषयों की मौखिक परीक्षा थी। वहीं उच्च प्राथमिक में सुबह की पाली में कृषि विज्ञान तथा गृह शिल्प का पेपर था। कक्षा-छह के कृषि विज्ञान का पेपर बंटते ही पहले तो बच्चे आश्चर्यचकित हो गए, लेकिन बाद में खुश हो गए। क्योंकि प्रश्नपत्र में प्रश्न संख्या एक से लेकर चार तक के उत्तर भी दर्ज थे।
प्रश्नपत्र में कुल पांच प्रश्न पूछे गए थे। इस तरह की बड़ी विभागीय लापरवाही से परीक्षा की व्यवस्था, शुचिता और प्रबंधन पर सवाल खड़े हो गए हैं। रविवार की शाम तक जनपद के किसी भी स्कूल में प्रश्नपत्र नहीं पहुंचा था। इस मामले को अमर उजाला ने सोमवार के अंक में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित भी किया। विभाग द्वारा परीक्षा शुरू होने के दिन आनन-फानन में प्रश्नपत्र पहुंचाए गए। प्रश्नपत्र का लिफाफा खोलने पर पता चला कि कक्षा-6 में कृषि विज्ञान का पेपर था, मगर गृह शिल्प का नहीं। कक्षा-सात और आठ में गृह शिल्प का पेपर था तो कृषि विज्ञान का नहीं। किसी तरह प्रश्नों को बोलकर परीक्षा का कोरम पूरा किया गया। रही सही कसर प्रश्न के साथ छपे उत्तर ने पूरी कर दी। विदित हो कि पिछले वर्ष खुले लिफाफे में प्रश्नपत्र भेजे गए थे।
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कोट,
प्रश्नपत्र की प्रिंटिंग में गड़बड़ी हुई है। इस कारण उत्तर लिखे प्रश्नपत्र वितरित हो गए। आगे से ऐसा नहीं होने पाएगा।
-अमित कुमार सिंह, बीएसए
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वार्षिक परीक्षा में इस तरह की लापरवाही अक्षम्य है। पहले तो समय से प्रश्नपत्र नहीं पहुंचा, ऊपर से प्रश्नपत्र में उत्तर भी छाप दिया गया। इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। शिक्षकों की छोटी सी गलती पर निलंबन तक हो जाता है। यह तो बड़ी गलती है।
-नवीन त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, संतकबीरनगर
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सुबह पेपर आने के बाद शुरू हुईं परीक्षाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मसिंहवा। सांथा क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में सोमवार से परीक्षा शुरू हुई। पहले दिन की परीक्षा का पेपर सुबह बीआरसी से लाने के बाद ही प्रारंभ हो सकी। बताया जा रहा है कि रविवार होने के कारण जिले स्तर से ही बीआरसी पर सोमवार को पेपर आया है।
कंपोजिट विद्यालय धर्मसिंहवा में 256 बच्चों की परीक्षा सोमवार को प्रारंभ हुई। सभी बच्चे उपस्थित रहे। कुछ विद्यालयों में पेपर आने में थोड़ा लेट भी हुआ। सभी विद्यालयों से शिक्षकों को बीआरसी बुलाकर समस्त परीक्षा का प्रश्न पत्र सोमवार शाम में उपलब्ध करा दिया गया है।
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मेंहदावल में अव्यवस्था के बीच शुरू हुई परीक्षा
मेंहदावल। परिषदीय विद्यालयों में सोमवार से वार्षिक परीक्षाएं शुरू हो गईं। क्षेत्र में प्राथमिक व जूनियर मिलाकर कुल 116 विद्यालय हैं, लेकिन वार्षिक परीक्षा अव्यवस्था के बीच शुरू हुई। जूनियर स्तर के विद्यालयों पर समय से पेपर नहीं पहुंच पाया। कुछ विद्यालयों पर 10:00 बजे पेपर पहुंचा तो कुछ पर 11:00 बजे। परीक्षा शुरू होने से पूर्व बेसिक शिक्षा विभाग पेपर की व्यवस्था विद्यालय में सुनिश्चित कर पाने में फेल नजर आया। बच्चे हाथ में कॉपी लेकर पेपर का इंतजार करते रहे। शिक्षक भी पेपर व पानी के लिए बीआरसी तक मोबाइल के लिए परेशान रहे।
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जिले के 1246 स्कूल और सात कस्तूरबा विद्यालयोंं में परीक्षा शुरू हो गई है। विद्यार्थियों की कुल संख्या 107000 है। यह परीक्षा 21 मार्च तक चलेगी। एक से पांच तक मौखिक परीक्षा हो रही है। कक्षा-छह, सात और आठ की लिखित परीक्षा चल रही है, लेकिन पहले दिन प्राथमिक विद्यालयों में सभी विषयों की मौखिक परीक्षा थी। वहीं उच्च प्राथमिक में सुबह की पाली में कृषि विज्ञान तथा गृह शिल्प का पेपर था। कक्षा-छह के कृषि विज्ञान का पेपर बंटते ही पहले तो बच्चे आश्चर्यचकित हो गए, लेकिन बाद में खुश हो गए। क्योंकि प्रश्नपत्र में प्रश्न संख्या एक से लेकर चार तक के उत्तर भी दर्ज थे।
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प्रश्नपत्र में कुल पांच प्रश्न पूछे गए थे। इस तरह की बड़ी विभागीय लापरवाही से परीक्षा की व्यवस्था, शुचिता और प्रबंधन पर सवाल खड़े हो गए हैं। रविवार की शाम तक जनपद के किसी भी स्कूल में प्रश्नपत्र नहीं पहुंचा था। इस मामले को अमर उजाला ने सोमवार के अंक में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित भी किया। विभाग द्वारा परीक्षा शुरू होने के दिन आनन-फानन में प्रश्नपत्र पहुंचाए गए। प्रश्नपत्र का लिफाफा खोलने पर पता चला कि कक्षा-6 में कृषि विज्ञान का पेपर था, मगर गृह शिल्प का नहीं। कक्षा-सात और आठ में गृह शिल्प का पेपर था तो कृषि विज्ञान का नहीं। किसी तरह प्रश्नों को बोलकर परीक्षा का कोरम पूरा किया गया। रही सही कसर प्रश्न के साथ छपे उत्तर ने पूरी कर दी। विदित हो कि पिछले वर्ष खुले लिफाफे में प्रश्नपत्र भेजे गए थे।
कोट,
प्रश्नपत्र की प्रिंटिंग में गड़बड़ी हुई है। इस कारण उत्तर लिखे प्रश्नपत्र वितरित हो गए। आगे से ऐसा नहीं होने पाएगा।
-अमित कुमार सिंह, बीएसए
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वार्षिक परीक्षा में इस तरह की लापरवाही अक्षम्य है। पहले तो समय से प्रश्नपत्र नहीं पहुंचा, ऊपर से प्रश्नपत्र में उत्तर भी छाप दिया गया। इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। शिक्षकों की छोटी सी गलती पर निलंबन तक हो जाता है। यह तो बड़ी गलती है।
-नवीन त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, संतकबीरनगर
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सुबह पेपर आने के बाद शुरू हुईं परीक्षाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मसिंहवा। सांथा क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में सोमवार से परीक्षा शुरू हुई। पहले दिन की परीक्षा का पेपर सुबह बीआरसी से लाने के बाद ही प्रारंभ हो सकी। बताया जा रहा है कि रविवार होने के कारण जिले स्तर से ही बीआरसी पर सोमवार को पेपर आया है।
कंपोजिट विद्यालय धर्मसिंहवा में 256 बच्चों की परीक्षा सोमवार को प्रारंभ हुई। सभी बच्चे उपस्थित रहे। कुछ विद्यालयों में पेपर आने में थोड़ा लेट भी हुआ। सभी विद्यालयों से शिक्षकों को बीआरसी बुलाकर समस्त परीक्षा का प्रश्न पत्र सोमवार शाम में उपलब्ध करा दिया गया है।
मेंहदावल में अव्यवस्था के बीच शुरू हुई परीक्षा
मेंहदावल। परिषदीय विद्यालयों में सोमवार से वार्षिक परीक्षाएं शुरू हो गईं। क्षेत्र में प्राथमिक व जूनियर मिलाकर कुल 116 विद्यालय हैं, लेकिन वार्षिक परीक्षा अव्यवस्था के बीच शुरू हुई। जूनियर स्तर के विद्यालयों पर समय से पेपर नहीं पहुंच पाया। कुछ विद्यालयों पर 10:00 बजे पेपर पहुंचा तो कुछ पर 11:00 बजे। परीक्षा शुरू होने से पूर्व बेसिक शिक्षा विभाग पेपर की व्यवस्था विद्यालय में सुनिश्चित कर पाने में फेल नजर आया। बच्चे हाथ में कॉपी लेकर पेपर का इंतजार करते रहे। शिक्षक भी पेपर व पानी के लिए बीआरसी तक मोबाइल के लिए परेशान रहे।

कंपोजिट विद्यालय गगनई बाबू में परीक्षा देते विद्यार्थी। संवाद

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