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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   Leaseholders from five villages submitted a memorandum to Joint Magistrate G. Akshay Deepak.

5 गांवों में हक की लड़ाई: 1994 में मिला पट्टा, 31 साल बाद भी कब्जा नहीं!; पट्टाधारकों ने घेरा कसया तहसील

Mon, 05 Oct 2026 03:21 PM IST
Rohit Singh संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Published by: Rohit Singh Updated Mon, 05 Oct 2026 03:21 PM IST
सार

कुशीनगर के कसया तहसील क्षेत्र के रहसू जनूबी पट्टी, सरैया महंथ पट्टी, कनौरा, घुनवलिया और मधुरिया गांव के पट्टाधारकों ने वर्ष 1994 में आवंटित कृषि भूमि पर कब्जा दिलाने के लिए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट जी अक्षय दीपक को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि खतौनी में नाम दर्ज होने के बावजूद 31 साल से जमीन पर कब्जा नहीं मिला, तहसील प्रशासन स्टे का हवाला देता है लेकिन आदेश नहीं दिखाता, वहीं भू-माफिया जमीन जोत रहे हैं।

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Leaseholders from five villages submitted a memorandum to Joint Magistrate G. Akshay Deepak.
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देते हुए - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

तहसील क्षेत्र के रहसू जनूबी पट्टी सहित अन्य पांच गांवों के पट्टाधारकों ने वर्ष 1994 में आवंटित कृषि भूमि पर कब्जा दिलाने की मांग को लेकर सोमवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट जी अक्षय दीपक को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने पट्टे की जमीन की मौके पर जांच कराकर वास्तविक पट्टाधारकों को कब्जा दिलाने की मांग की।

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ज्ञापन में रहसू जनोबी पट्टी, सरैया महंथ पट्टी, कनौरा, घुनवलिया और मधुरिया गांव के लोगों ने कहा कि वर्ष 1994 में उन्हें कृषि योग्य भूमि का पट्टा मिला था। इसके बावजूद आज तक जमीन पर उनका कब्जा नहीं हो सका है। ग्रामीणों के अनुसार तहसील प्रशासन की ओर से जमीन पर स्टे होने की बात कही जाती है।

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उन्होंने स्टे संबंधी आदेश दिखाने और स्टे नहीं होने की स्थिति में पट्टाधारकों को कब्जा दिलाने की मांग की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पट्टे की जमीन पर कुछ लोग कई वर्षों से जुताई-बुआई कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे लोगों की पहचान कर जमीन खाली कराने की मांग की। साथ ही खतौनी में पट्टाधारकों के नाम दर्ज होने के बावजूद मौके पर कब्जा नहीं होने की भी जांच कराने की मांग की।
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ग्रामीणों ने कहा कि मामले की बिंदुवार जांच कर विधि सम्मत कार्रवाई नहीं हुई तो तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन की अनुमति मांगी जाएगी।  इस दौरान अविनाश गोंड, प्रियेश गोंड, सुनीता देवी, किरण देवी, चमेली देवी, कुसुम देवी, अमर देवी, समन देवी, सुमन प्रसाद, रामप्रसाद यादव, साहिब गोंड, सिद्धनाथ प्रसाद, दिनानाथ प्रसाद, चंदन प्रसाद, रघुनाथ गोंड, रामधन गोंड, सरयू देवी, ममता देवी आदि मौजूद रहे।
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