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Kushinagar News: मैनहवां सिंचाई परियोजना से सूखे खेतों में आया पानी, दूर हुई परेशानी
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मैनहवां प्रेशर सिंचाई परियोजना में स्टैंड बाय 200 केडब्लयू सोलर पैनल।
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खेतों के सिंचाई की सुविधा से 2500 किसानों को मिल रहा लाभ
11.58 करोड़ रुपये से हुआ काम, रुकी पानी बर्बादी
एक सप्ताह पहले राज्य स्तरीय टीम ने लिया किसानों से फीडबैक
महराजगंज। मैनहवां प्रेशर सिंचाई परियोजना से 445 हेक्टेयर कृषि जोत के उपयोगी बनने के कारण जनपद के 2500 किसानों के चेहरे पर मुस्कान लौटाई है। इस कृषि रकबे पर पहले वर्ष में दो फसल उपजाना भी मुश्किल था लेकिन अब धान व गेहूं ही नहीं मौसमी सब्जियां भी उगाकर किसान लाभ कमा रहे हैं। बीते सप्ताह लखनऊ से पहुंची राज्य स्तरीय टीम ने परियोजना के संबंध में ग्रामीणों से फीड बैक लिया। किसानों योजना को लाभदायक बताया।
अप्रैल 2024 में इस योजना को मंजूरी मिली और इसी महीने में पूरा बजट जारी कर दिया गया। राज्य स्तरीय इस परियोजना से गोरखपुर, सिद्धार्थनगर और महराजगंज के जिलों के 57 गांव जुड़े हैं। 111 करोड़ रुपये की लागत योजना को पूरा किया गया। महराजगंज जनपद के फरेंदा के सात गांव योजना से जुड़े हैं। मैनहवां से यह सात किमी लंबी नहर शुरू हो रही है।
बृजमनगंज ब्लॉक क्षेत्र में रजवाहे की सुविधा होने के बाद भी लगभग सात ग्राम पंचायतों की कृषि भूमि सिंचाई सुविधा से वंचित थी। यहां की कृषि भूमि का तल नीचा होने के कारण यहां की 7 किमी नहर बेमतलब थी। ऐसा नहीं कि समय पर पानी नहीं छोड़ा जाता या नहर की सिल्ट सफाई नहीं होती। सभी कार्य समय से पूर्ण करने के बाद भी खेत प्यासे ही रहते थे। मामला सदन तक पहुंचा तो सिंचाई मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने प्रेशर सिंचाई परियोजना को हरी झंडी देकर 11.58 करोड़ रुपये जारी कराया। इसके बाद विभाग ने इस परियोजना को धरातल पर उतार दिखाया।
परियोजना के तहत अंडर ग्राउंड पाइप में प्रेशर से पानी का तेज बहाव होता रहता है। हर 20 मीटर पर टोटी के कनेक्शन की सुविधा है। जरूरतमंद किसान इसी से पाइप लगाकर खेत कि सिंचाई कर लेते हैं। सहायक अभियंता राम उजागिर लाल ने बताया कि सिंचाई के लिए भूमिगत पाइपलाइन के हर 20 मीटर पर फ्लो के इंतजाम किए गए जिससे जरूरत के समय किसान पाइपलाइन का प्रवाह पिट खोलकर खेत सींच रहे हैं। योजना के पूरा होने के बाद लगभग 445 हेक्टेयर खेत के किसानों की सुविधा मिली है।
50 हार्स पावर के चार पंप लगे
वित्तीय सत्र 2024-25 की यह परियोजना विभाग के अधिशासी अभियंता संतोष कुमार की देखरेख में पूरी हुई। उन्होंने बताया कि मैनहवां प्रेशर सिंचाई परियोजना के लिए तीन किमी दायरे में भूमि तल से लगभग एक किमी नीचे पाइपलाइन बिछाकर प्रवाह अल्पिका से जोड़ कर 50 हार्स पावर के चार पंप लगाए गए। निर्बाध आपूर्ति की समस्या निदान के लिए 200 केडब्लू सोलर पैनल व्यवस्थित किया गया।
सात गांवों की खेती का बदला स्वरूप
सिंचाई विभाग के अवर अभियंता लालजी व सूर्य कुमार ने बताया कि मैनहवां सिंचाई परियोजना ने फरेंदा तहसील के फरेंदा, हरैया पंडित, पिपरही, लालपुर, महुआरी, पोखरभिंडा व राजधानी ग्राम पंचायत की 445 हेक्टेयर भूभाग को सिंचाई सुविधा मिल रही है। इससे 2,500 से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल रहा है और जो खेती कभी नुकसान का पर्याय थी आज मुनाफे का सोना उगल रही है।
किसानों की बढ़ी कमाई
राजधानी ग्राम पंचायत के संदीप यादव ने बताया कि 20 हेक्टेयर उनकी जमीन सिंचाई के अभाव में धान के उत्पादन के लिहाज से अनुपयुक्त थी, लेकिन अब इस नवाचार आधारित प्रणाली ने सबकुछ बदल दिया। बीते सीजन में धान की अच्छी पैदावार ने मनोबल बढ़ाया। गुड्डू कुमार ने बताया कि धान व गेहूं दोनों समय पर हो रहे हैं, इससे मुनाफा बढ़ा है। पोखरभिंडा के विजय ने बताया कि प्रेशर सिंचाई से जरूरत के मुताबिक ही पानी खर्च होता है। इससे पानी की बर्बादी रुकी है और सिंचाई की सहूलियत बढ़ी है। कमालुद्दीन ने बताया कि पहले उनके खेत में सब्जियां नहीं होती थीं लेकिन अब मौसमी सब्जियां उगाकर मुनाफा कमा रहे हैं। की पौध काट रहे।
वर्जन
सदन में मैंने बृजमनगंज बेल्ट की लगभग 500 हेक्टेयर भूभाग के लिए आवाज उठाई। जल संसाधन मंत्री ने न सिर्फ आश्वासन दिया बल्कि मैनहवां प्रेशर सिंचाई परियोजना को गोरखपुर के कैंपियरगंज व सिद्धार्थनगर के लिए भी स्वीकृत किया। सिंचाई विभाग ने तत्परता से कार्य करते हुए इसे विकसित कर उपयोगी बनाया। मेरे विधानसभा क्षेत्र में यह बड़ी उपलब्धि है।
-वीरेंद्र चौधरी, विधायक फरेंदा।
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मैनहवां प्रेशर सिंचाई परियोजना एक साथ पूर्वांचल के तीन जनपद गोरखपुर, सिद्धार्थनगर व महराजगंज के लिए स्वीकृत की गई थी। 11.58 करोड़ से फरेंदा विधानसभा में यह परियोजना पूरी हो चुकी है। इसका लाभ क्षेत्रीय किसान पा रहे हैं। राज्य स्तर की टीम ने यहां के किसानों से फीडबैक लेकर इसे उपयोगी पाया है।
-आनंद कुमार, अधीक्षण अभियंता सिंचाई, महराजगंज
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11.58 करोड़ रुपये से हुआ काम, रुकी पानी बर्बादी
एक सप्ताह पहले राज्य स्तरीय टीम ने लिया किसानों से फीडबैक
महराजगंज। मैनहवां प्रेशर सिंचाई परियोजना से 445 हेक्टेयर कृषि जोत के उपयोगी बनने के कारण जनपद के 2500 किसानों के चेहरे पर मुस्कान लौटाई है। इस कृषि रकबे पर पहले वर्ष में दो फसल उपजाना भी मुश्किल था लेकिन अब धान व गेहूं ही नहीं मौसमी सब्जियां भी उगाकर किसान लाभ कमा रहे हैं। बीते सप्ताह लखनऊ से पहुंची राज्य स्तरीय टीम ने परियोजना के संबंध में ग्रामीणों से फीड बैक लिया। किसानों योजना को लाभदायक बताया।
अप्रैल 2024 में इस योजना को मंजूरी मिली और इसी महीने में पूरा बजट जारी कर दिया गया। राज्य स्तरीय इस परियोजना से गोरखपुर, सिद्धार्थनगर और महराजगंज के जिलों के 57 गांव जुड़े हैं। 111 करोड़ रुपये की लागत योजना को पूरा किया गया। महराजगंज जनपद के फरेंदा के सात गांव योजना से जुड़े हैं। मैनहवां से यह सात किमी लंबी नहर शुरू हो रही है।
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बृजमनगंज ब्लॉक क्षेत्र में रजवाहे की सुविधा होने के बाद भी लगभग सात ग्राम पंचायतों की कृषि भूमि सिंचाई सुविधा से वंचित थी। यहां की कृषि भूमि का तल नीचा होने के कारण यहां की 7 किमी नहर बेमतलब थी। ऐसा नहीं कि समय पर पानी नहीं छोड़ा जाता या नहर की सिल्ट सफाई नहीं होती। सभी कार्य समय से पूर्ण करने के बाद भी खेत प्यासे ही रहते थे। मामला सदन तक पहुंचा तो सिंचाई मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने प्रेशर सिंचाई परियोजना को हरी झंडी देकर 11.58 करोड़ रुपये जारी कराया। इसके बाद विभाग ने इस परियोजना को धरातल पर उतार दिखाया।
परियोजना के तहत अंडर ग्राउंड पाइप में प्रेशर से पानी का तेज बहाव होता रहता है। हर 20 मीटर पर टोटी के कनेक्शन की सुविधा है। जरूरतमंद किसान इसी से पाइप लगाकर खेत कि सिंचाई कर लेते हैं। सहायक अभियंता राम उजागिर लाल ने बताया कि सिंचाई के लिए भूमिगत पाइपलाइन के हर 20 मीटर पर फ्लो के इंतजाम किए गए जिससे जरूरत के समय किसान पाइपलाइन का प्रवाह पिट खोलकर खेत सींच रहे हैं। योजना के पूरा होने के बाद लगभग 445 हेक्टेयर खेत के किसानों की सुविधा मिली है।
50 हार्स पावर के चार पंप लगे
वित्तीय सत्र 2024-25 की यह परियोजना विभाग के अधिशासी अभियंता संतोष कुमार की देखरेख में पूरी हुई। उन्होंने बताया कि मैनहवां प्रेशर सिंचाई परियोजना के लिए तीन किमी दायरे में भूमि तल से लगभग एक किमी नीचे पाइपलाइन बिछाकर प्रवाह अल्पिका से जोड़ कर 50 हार्स पावर के चार पंप लगाए गए। निर्बाध आपूर्ति की समस्या निदान के लिए 200 केडब्लू सोलर पैनल व्यवस्थित किया गया।
सात गांवों की खेती का बदला स्वरूप
सिंचाई विभाग के अवर अभियंता लालजी व सूर्य कुमार ने बताया कि मैनहवां सिंचाई परियोजना ने फरेंदा तहसील के फरेंदा, हरैया पंडित, पिपरही, लालपुर, महुआरी, पोखरभिंडा व राजधानी ग्राम पंचायत की 445 हेक्टेयर भूभाग को सिंचाई सुविधा मिल रही है। इससे 2,500 से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल रहा है और जो खेती कभी नुकसान का पर्याय थी आज मुनाफे का सोना उगल रही है।
किसानों की बढ़ी कमाई
राजधानी ग्राम पंचायत के संदीप यादव ने बताया कि 20 हेक्टेयर उनकी जमीन सिंचाई के अभाव में धान के उत्पादन के लिहाज से अनुपयुक्त थी, लेकिन अब इस नवाचार आधारित प्रणाली ने सबकुछ बदल दिया। बीते सीजन में धान की अच्छी पैदावार ने मनोबल बढ़ाया। गुड्डू कुमार ने बताया कि धान व गेहूं दोनों समय पर हो रहे हैं, इससे मुनाफा बढ़ा है। पोखरभिंडा के विजय ने बताया कि प्रेशर सिंचाई से जरूरत के मुताबिक ही पानी खर्च होता है। इससे पानी की बर्बादी रुकी है और सिंचाई की सहूलियत बढ़ी है। कमालुद्दीन ने बताया कि पहले उनके खेत में सब्जियां नहीं होती थीं लेकिन अब मौसमी सब्जियां उगाकर मुनाफा कमा रहे हैं। की पौध काट रहे।
वर्जन
सदन में मैंने बृजमनगंज बेल्ट की लगभग 500 हेक्टेयर भूभाग के लिए आवाज उठाई। जल संसाधन मंत्री ने न सिर्फ आश्वासन दिया बल्कि मैनहवां प्रेशर सिंचाई परियोजना को गोरखपुर के कैंपियरगंज व सिद्धार्थनगर के लिए भी स्वीकृत किया। सिंचाई विभाग ने तत्परता से कार्य करते हुए इसे विकसित कर उपयोगी बनाया। मेरे विधानसभा क्षेत्र में यह बड़ी उपलब्धि है।
-वीरेंद्र चौधरी, विधायक फरेंदा।
मैनहवां प्रेशर सिंचाई परियोजना एक साथ पूर्वांचल के तीन जनपद गोरखपुर, सिद्धार्थनगर व महराजगंज के लिए स्वीकृत की गई थी। 11.58 करोड़ से फरेंदा विधानसभा में यह परियोजना पूरी हो चुकी है। इसका लाभ क्षेत्रीय किसान पा रहे हैं। राज्य स्तर की टीम ने यहां के किसानों से फीडबैक लेकर इसे उपयोगी पाया है।
-आनंद कुमार, अधीक्षण अभियंता सिंचाई, महराजगंज