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Kushinagar News: बेलवा गांव की प्रतिज्ञा ने एवरेस्ट पर लहराया तिरंगा
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 14 Apr 2026 02:28 AM IST
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एवरेस्ट बेस कैंप पर परचम लहरातीं कुशीनगर के बेलवा गांव की बहू प्रतिज्ञा मिश्रा।स्रोत-सोशल मीडिय
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पडरौना। जिले के बेलवा गांव की बहू ने माउंट एवरेस्ट बेस कैंप 5364 मीटर पर तिरंगा फहराया है। उनकी इस उपलब्धि पर परिवार समेत गांव के लोग और शुभेच्छुओं ने बधाई दी है।
बेलवा गांव की बहू प्रतिज्ञा मिश्रा ने माउंट एवरेस्ट बेस कैंप तक का कठिन सफर तय कर क्षेत्र का मान बढ़ाया है। सिंगापुर में टेक्नोलॉजी कंपनी में आईटी प्रोफेशनल के पद पर कार्यरत प्रतिज्ञा ने 5364 मीटर की ऊंचाई पर स्थित एवरेस्ट बेस कैंप पर सफलतापूर्वक पहुंचकर यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादों के आगे कोई भी मंजिल मुश्किल नहीं होती।
40 वर्षीय प्रतिज्ञा का मायका देवरिया शहर के आवास विकास कॉलोनी में है। उन्होंने बताया कि वे अपनी प्रारंभिक शिक्षा देवरिया से पूरी कीं और इसके बाद गोरखपुर विश्वविद्यालय से बायोटेक्नोलॉजी में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल कीं। उच्च शिक्षा के बाद उन्होंने आईटी क्षेत्र को चुना और आज वे सिंगापुर की कंपनी में कार्यरत हैं। बचपन से ही खेलकूद में रुचि रखने वाली प्रतिज्ञा ने बताया कि करीब चार वर्ष पहले उन्हें एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचने का लक्ष्य बनाया।
इसके लिए उन्होंने इंटरनेट और किताबों से पहाड़ों के वातावरण की जानकारी जुटाई। इसके बाद सिंगापुर में ही एवरेस्ट पर जाने के लिए प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण पूरा होने तीन अप्रैल को एवरेस्ट की चढ़ाई के लिए निकल पड़ीं। दस अप्रैल को एवरेस्ट बेस कैंप पर पहुंचकर तिरंगा फहरा दिया। उनकी इस सफलता पर डॉ. ओमप्रकाश तिवारी आदि ने बधाई दी है।
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बेलवा गांव की बहू प्रतिज्ञा मिश्रा ने माउंट एवरेस्ट बेस कैंप तक का कठिन सफर तय कर क्षेत्र का मान बढ़ाया है। सिंगापुर में टेक्नोलॉजी कंपनी में आईटी प्रोफेशनल के पद पर कार्यरत प्रतिज्ञा ने 5364 मीटर की ऊंचाई पर स्थित एवरेस्ट बेस कैंप पर सफलतापूर्वक पहुंचकर यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादों के आगे कोई भी मंजिल मुश्किल नहीं होती।
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40 वर्षीय प्रतिज्ञा का मायका देवरिया शहर के आवास विकास कॉलोनी में है। उन्होंने बताया कि वे अपनी प्रारंभिक शिक्षा देवरिया से पूरी कीं और इसके बाद गोरखपुर विश्वविद्यालय से बायोटेक्नोलॉजी में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल कीं। उच्च शिक्षा के बाद उन्होंने आईटी क्षेत्र को चुना और आज वे सिंगापुर की कंपनी में कार्यरत हैं। बचपन से ही खेलकूद में रुचि रखने वाली प्रतिज्ञा ने बताया कि करीब चार वर्ष पहले उन्हें एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचने का लक्ष्य बनाया।
इसके लिए उन्होंने इंटरनेट और किताबों से पहाड़ों के वातावरण की जानकारी जुटाई। इसके बाद सिंगापुर में ही एवरेस्ट पर जाने के लिए प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण पूरा होने तीन अप्रैल को एवरेस्ट की चढ़ाई के लिए निकल पड़ीं। दस अप्रैल को एवरेस्ट बेस कैंप पर पहुंचकर तिरंगा फहरा दिया। उनकी इस सफलता पर डॉ. ओमप्रकाश तिवारी आदि ने बधाई दी है।

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