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Kushinagar News: ई-संजीवनी एप से घर बैठे मिलेगी हर मर्ज की सलाह, डॉक्टर देंगे दवा
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पडरौना। जिले के सरकारी अस्पतालों में टेलीमेडिसिन सेवा बंद होने के बाद ई-संजीवीनी एप के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जिले के 205 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों इस व्यवस्था के तहत अपडेट कर दिया गया है। बाकी बचे सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों का डाटा एप पर अपलोड करने के लिए विभागीय कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
सरकारी अस्पतालों में लंबी कतारों और बढ़ती भीड़ से जूझ रहे मरीजों को राहत देने के लिए स्वास्थ्य विभाग अब ई-संजीवनी ओपीडी एप के माध्यम से घर बैठे मरीजों को उपचार की सुविधा उपलब्ध कराएगा। इससे मरीजों को छोटी-मोटी बीमारियों के लिए अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। ई-संजीवनी ओपीडी केंद्र सरकार की टेलीमेडिसिन सेवा है। इसके जरिए मरीज सीधे विशेषज्ञ डॉक्टरों से ऑनलाइन जुड़ सकते हैं। सीएमओ डॉ. चंद्रप्रकाश ने बताया कि सभी अधीक्षक को ई संजीवनी व्यवस्था अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। विभाग की ओर से हर महीने इसकी समीक्षा की जाएगी। इसमें ई-संजीवनी एप या पोर्टल से कितने मरीजों का उपचार किया गया।
सीएचओ जोड़ेंगी मरीज को
जिले में 400 से अधिक ग्रामीण आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित होते हैं। इसमें 210 आरोग्य मंदिर में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी तैनात किए गए हैं। इसमें 205 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) को ई-संजीवनी एप से जोड़ दिया गया है। ये मरीजों का पंजीकरण करके उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सकों से ऑनलाइन जोड़ेंगी। जरूरत पड़ने पर मरीज की यथा स्थिति देखने के लिए उन्हें वीडियो कॉल से भी जोड़ा जाएगा।
ई-संजीवनी एक डिजिटल स्वास्थ्य सेवा प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए मरीज डॉक्टरों से ऑनलाइन चिकित्सकीय सलाह प्राप्त कर सकते हैं। इससे अस्पतालों में भीड़ कम होगी। अस्पतालों में यह व्यवस्था शुरू कराई जा रही है। हर महीने इसकी समीक्षा भी होगी।
- डॉ. एसएन त्रिपाठी, एसीएमओ।
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सरकारी अस्पतालों में लंबी कतारों और बढ़ती भीड़ से जूझ रहे मरीजों को राहत देने के लिए स्वास्थ्य विभाग अब ई-संजीवनी ओपीडी एप के माध्यम से घर बैठे मरीजों को उपचार की सुविधा उपलब्ध कराएगा। इससे मरीजों को छोटी-मोटी बीमारियों के लिए अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। ई-संजीवनी ओपीडी केंद्र सरकार की टेलीमेडिसिन सेवा है। इसके जरिए मरीज सीधे विशेषज्ञ डॉक्टरों से ऑनलाइन जुड़ सकते हैं। सीएमओ डॉ. चंद्रप्रकाश ने बताया कि सभी अधीक्षक को ई संजीवनी व्यवस्था अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। विभाग की ओर से हर महीने इसकी समीक्षा की जाएगी। इसमें ई-संजीवनी एप या पोर्टल से कितने मरीजों का उपचार किया गया।
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सीएचओ जोड़ेंगी मरीज को
जिले में 400 से अधिक ग्रामीण आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित होते हैं। इसमें 210 आरोग्य मंदिर में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी तैनात किए गए हैं। इसमें 205 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) को ई-संजीवनी एप से जोड़ दिया गया है। ये मरीजों का पंजीकरण करके उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सकों से ऑनलाइन जोड़ेंगी। जरूरत पड़ने पर मरीज की यथा स्थिति देखने के लिए उन्हें वीडियो कॉल से भी जोड़ा जाएगा।
ई-संजीवनी एक डिजिटल स्वास्थ्य सेवा प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए मरीज डॉक्टरों से ऑनलाइन चिकित्सकीय सलाह प्राप्त कर सकते हैं। इससे अस्पतालों में भीड़ कम होगी। अस्पतालों में यह व्यवस्था शुरू कराई जा रही है। हर महीने इसकी समीक्षा भी होगी।
- डॉ. एसएन त्रिपाठी, एसीएमओ।

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