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Kushinagar News: गांवों में त्वचा और पेट संबंधी बीमारियां बढ़ीं
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पडरौना। ग्रामीण क्षेत्रों में त्वचा और पेट की बीमारियों में वृद्धि हुई है। बीपी व शुगर भी पांव पसार रहा है। इसकी वजह शारीरिक साफ-सफाई का अभाव व खानपान को लेकर लापरवाही सामने आ रही है।
इसके अलावा उच्च रक्तचाप और शुगर भी दबे पांव पैर पसार रहा है और टीबी के संभावित मरीज भी मिल रहे हैं। अस्पतालों में पहुंच रहे इन बीमारियों के मरीजों को डाॅक्टर जांच, मुफ्त दवा के साथ बचाव के लिए जरूरी सलाह भी दे रहे हैं।
जिले के 58 पीएचसी में एक महीने में मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में आए मरीजों के दर्ज आकड़े इसकी पुष्टि कर रहे हैं। बीते 13 सितंबर 2026 को आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में कुल 1,985 मरीज आए थे। डाक्टरों ने जांच व मुफ्त में उपचार किया। इसमें 546 मरीज त्वचा और पेट रोग के थे। इस तरह मेले में आने वाले हर पांच में से एक मरीज बीपी और शुगर के थे। वहीं मेले में 29 टीबी के संभावित मरीज पाए गए ।
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350 त्वचा और 196 पेट के मरीज थे। यानी कुल मरीजों का 27 फीसदी से अधिक हिस्सा केवल इन दो बीमारियों का था। यह दूषित खानपान व साफ-सफाई के अभाव की ओर से संकेत है।
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इसके अलावा उच्च रक्तचाप और शुगर भी दबे पांव पैर पसार रहा है और टीबी के संभावित मरीज भी मिल रहे हैं। अस्पतालों में पहुंच रहे इन बीमारियों के मरीजों को डाॅक्टर जांच, मुफ्त दवा के साथ बचाव के लिए जरूरी सलाह भी दे रहे हैं।
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जिले के 58 पीएचसी में एक महीने में मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में आए मरीजों के दर्ज आकड़े इसकी पुष्टि कर रहे हैं। बीते 13 सितंबर 2026 को आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में कुल 1,985 मरीज आए थे। डाक्टरों ने जांच व मुफ्त में उपचार किया। इसमें 546 मरीज त्वचा और पेट रोग के थे। इस तरह मेले में आने वाले हर पांच में से एक मरीज बीपी और शुगर के थे। वहीं मेले में 29 टीबी के संभावित मरीज पाए गए ।
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350 त्वचा और 196 पेट के मरीज थे। यानी कुल मरीजों का 27 फीसदी से अधिक हिस्सा केवल इन दो बीमारियों का था। यह दूषित खानपान व साफ-सफाई के अभाव की ओर से संकेत है।