{"_id":"6a4ebe6d90c90d366d0dd736","slug":"ward-boy-was-administering-treatment-in-ramkola-doctor-found-missing-from-the-emergency-ward-in-vishunpura-kushinagar-news-c-205-1-deo1003-163353-2026-07-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: रामकोला में वार्ड ब्वाय कर रहा था इलाज, विशुनपुरा में इमरजेंसी से गायब मिले डॉक्टर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: रामकोला में वार्ड ब्वाय कर रहा था इलाज, विशुनपुरा में इमरजेंसी से गायब मिले डॉक्टर
Thu, 09 Jul 2026 02:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 09 Jul 2026 02:47 AM IST
विज्ञापन
रामकोला सीएचसी का निरीक्षण करते एसीएमओ।स्रोत-सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पड़रौना। जिले में रात्रिकालीन इमरजेंसी स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत परखने मंगलवार देर रात सीएमओ डॉ. चंद्रप्रकाश के नेतृत्व में टीम निकली। कई सीएचसी की इमरजेंसी से स्वास्थ्यकर्मी गायब मिले।
साफ-सफाई, रिकॉर्ड के रखरखाव और ड्यूटी व्यवस्था में भी खामियां मिलीं। कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए गए। रामकोला में वार्ड ब्वाय सर्पदंश के मरीज को इंजेक्शन लगाता मिला। विशुनपुरा में इमरजेंसी में डाॅक्टर नहीं मिले। एसीएमओ ने नाराजगी जताई और सीएचसी अधीक्षक से स्पष्टीकरण मांगा है।
सीएमओ डॉ. चंद्रप्रकाश रात करीब आठ बजे सीएचसी नेबुआ नौरंगिया पहुंचे। यहां पर इमरजेंसी में चिकित्सक, फार्मासिस्ट और अन्य स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी पर मिले। लेबर रूम में दो गर्भवती महिलाओं का उपचार चल रहा था, जबकि एक नवजात का वजन कम मिलने पर उसे बाल रोग विशेषज्ञ को दिखाने के निर्देश दिए गए।
विज्ञापन
स्टॉक रजिस्टर अपडेट न होने पर फार्मासिस्ट को फटकार लगाई गई। बिजली व्यवस्था सुचारु रखने, ड्रेस कोड और पहचान पत्र के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिए गए। सीएचसी अधीक्षक अनुपस्थित मिले। एसीएमओ डॉ. एसएन त्रिपाठी ने सीएचसी कप्तानगंज और रामकोला का निरीक्षण किया। कप्तानगंज में इमरजेंसी स्टाफ मौजूद मिला, लेकिन सफाईकर्मी नहीं होने से साफ-सफाई प्रभावित मिली। डिलीवरी रूम के शौचालय में गंदगी मिलने पर संबंधित कर्मियों को कड़ी चेतावनी दी गई।
रामकोला में निरीक्षण के दौरान एक वार्ड ब्वाय की ओर से सर्पदंश के मरीज को इंजेक्शन लगाए जाने पर नाराजगी जताते हुए निर्देश दिया कि चिकित्सकीय कार्य केवल अधिकृत कर्मी ही करेंगे।
अस्पताल परिसर की साफ-सफाई और बेहतर करने के निर्देश भी दिए गए। डिप्टी सीएमओ डॉ. आरडी कुशवाहा ने सीएचसी दुदही और विशुनपुरा का निरीक्षण किया। दुदही में अधिकांश स्टाफ ड्यूटी पर मिला, लेकिन डिलीवरी से संबंधित प्रविष्टियां समय पर पोर्टल पर दर्ज नहीं थीं।
अधिक वजन वाले नवजात को बाल रोग विशेषज्ञ से न दिखाने पर स्टाफ नर्स को फटकार लगाई गई। सीएचसी अधीक्षक अनुपस्थित मिले। विशुनपुरा सीएचसी अधीक्षक के साथ इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डाक्टर भी अपने कार्यस्थल पर मौजूद नहीं मिले।
फार्मासिस्ट ने बताया कि चिकित्सक परिसर में ही थे, इस पर डिप्टी सीएमओ ने नाराजगी जताते हुए ड्यूटी स्थल पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए। अस्पताल में साफ-सफाई की व्यवस्था भी ठीक नहीं मिली। उधर, डिप्टी डीआईओ डॉ. अवधेश कुशवाहा ने सीएचसी हाटा और देवतहा का निरीक्षण किया। दोनों अस्पतालों में इमरजेंसी स्टाफ ड्यूटी पर मिला और मरीजों का उपचार हो रहा था। हाटा सीएचसी में डिलीवरी रूम, पीकू और अन्य व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलीं, जबकि देवतहा में भी इमरजेंसी सेवाएं सुचारु रूप से संचालित होती मिलीं।
विज्ञापन
साफ-सफाई, रिकॉर्ड के रखरखाव और ड्यूटी व्यवस्था में भी खामियां मिलीं। कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए गए। रामकोला में वार्ड ब्वाय सर्पदंश के मरीज को इंजेक्शन लगाता मिला। विशुनपुरा में इमरजेंसी में डाॅक्टर नहीं मिले। एसीएमओ ने नाराजगी जताई और सीएचसी अधीक्षक से स्पष्टीकरण मांगा है।
विज्ञापन
सीएमओ डॉ. चंद्रप्रकाश रात करीब आठ बजे सीएचसी नेबुआ नौरंगिया पहुंचे। यहां पर इमरजेंसी में चिकित्सक, फार्मासिस्ट और अन्य स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी पर मिले। लेबर रूम में दो गर्भवती महिलाओं का उपचार चल रहा था, जबकि एक नवजात का वजन कम मिलने पर उसे बाल रोग विशेषज्ञ को दिखाने के निर्देश दिए गए।
विज्ञापन
स्टॉक रजिस्टर अपडेट न होने पर फार्मासिस्ट को फटकार लगाई गई। बिजली व्यवस्था सुचारु रखने, ड्रेस कोड और पहचान पत्र के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिए गए। सीएचसी अधीक्षक अनुपस्थित मिले। एसीएमओ डॉ. एसएन त्रिपाठी ने सीएचसी कप्तानगंज और रामकोला का निरीक्षण किया। कप्तानगंज में इमरजेंसी स्टाफ मौजूद मिला, लेकिन सफाईकर्मी नहीं होने से साफ-सफाई प्रभावित मिली। डिलीवरी रूम के शौचालय में गंदगी मिलने पर संबंधित कर्मियों को कड़ी चेतावनी दी गई।
रामकोला में निरीक्षण के दौरान एक वार्ड ब्वाय की ओर से सर्पदंश के मरीज को इंजेक्शन लगाए जाने पर नाराजगी जताते हुए निर्देश दिया कि चिकित्सकीय कार्य केवल अधिकृत कर्मी ही करेंगे।
अस्पताल परिसर की साफ-सफाई और बेहतर करने के निर्देश भी दिए गए। डिप्टी सीएमओ डॉ. आरडी कुशवाहा ने सीएचसी दुदही और विशुनपुरा का निरीक्षण किया। दुदही में अधिकांश स्टाफ ड्यूटी पर मिला, लेकिन डिलीवरी से संबंधित प्रविष्टियां समय पर पोर्टल पर दर्ज नहीं थीं।
अधिक वजन वाले नवजात को बाल रोग विशेषज्ञ से न दिखाने पर स्टाफ नर्स को फटकार लगाई गई। सीएचसी अधीक्षक अनुपस्थित मिले। विशुनपुरा सीएचसी अधीक्षक के साथ इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डाक्टर भी अपने कार्यस्थल पर मौजूद नहीं मिले।
फार्मासिस्ट ने बताया कि चिकित्सक परिसर में ही थे, इस पर डिप्टी सीएमओ ने नाराजगी जताते हुए ड्यूटी स्थल पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए। अस्पताल में साफ-सफाई की व्यवस्था भी ठीक नहीं मिली। उधर, डिप्टी डीआईओ डॉ. अवधेश कुशवाहा ने सीएचसी हाटा और देवतहा का निरीक्षण किया। दोनों अस्पतालों में इमरजेंसी स्टाफ ड्यूटी पर मिला और मरीजों का उपचार हो रहा था। हाटा सीएचसी में डिलीवरी रूम, पीकू और अन्य व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलीं, जबकि देवतहा में भी इमरजेंसी सेवाएं सुचारु रूप से संचालित होती मिलीं।