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Lakhimpur Kheri News: रंग-रोगन से निखर रहा दुधवा, सफारी ट्रैक भी तैयार
Wed, 28 Oct 2026 11:48 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 28 Oct 2026 11:48 PM IST
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दुधवा नेशनल पार्क में झाड़ियों की सफाई करते श्रमिक। स्रोत : वन विभाग
पलियाकलां। नए पर्यटन सत्र के लिए दुधवा नेशनल पार्क को संवारा जा रहा है। एक नवंबर से शुरू होने वाले सत्र से पहले थारू हट, गेस्ट हाउस और प्रशासनिक भवनों में रंग-रोगन व मरम्मत का काम तेजी से कराया जा रहा है।
जंगल सफारी के रास्तों को भी दुरुस्त किया जा रहा है, ताकि पर्यटकों को वन्यजीवों के दीदार के दौरान परेशानी न हो। पार्क प्रशासन पर्यटकों के ठहरने वाले कमरों को व्यवस्थित करने के साथ परिसर की सीढ़ियों, दीवारों और रेलिंग की मरम्मत व पुताई करा रहा है। मानसून के बाद सफारी मार्गों पर उगी झाड़ियों और गिरी पत्तियों को हटाकर रास्तों को सुगम बनाया जा रहा है। जंगल सफारी में इस्तेमाल होने वाली जिप्सियों और अन्य वाहनों की तकनीकी जांच व सर्विसिंग कर उन्हें भी तैयार किया जा रहा है।
एक नवंबर को नए पर्यटन सत्र के उद्घाटन के साथ दुधवा के द्वार देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों के लिए खोल दिए जाएंगे। पार्क प्रशासन को उम्मीद है कि इस बार भी बड़ी संख्या में सैलानी बाघ, एक सींग वाले गैंडे, बारहसिंघा, हाथी और तेंदुए समेत अन्य वन्यजीवों को देखने पहुंचेंगे। दुधवा में 450 से अधिक प्रजातियों के प्रवासी और स्थानीय पक्षी भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र हैं।
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दुधवा के डिप्टी डायरेक्टर जगदीश आर ने बताया कि नए पर्यटन सत्र की तैयारियां की जा रही हैं। एक नवंबर से सत्र की शुरुआत होगी।
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मुख्य आकर्षण
प्रमुख वन्यजीव : बाघ, एक सींग वाला गैंडा, बारहसिंघा (स्वैम्प डियर), हाथी, तेंदुआ और दुर्लभ भालू।
पक्षियों की विविधता: 450 से अधिक प्रजातियों के प्रवासी और स्थानीय पक्षी।
प्राकृतिक सौंदर्य: तराई के घने साल के जंगल, शांत ताल और प्राकृतिक घास के मैदान।
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जंगल सफारी के रास्तों को भी दुरुस्त किया जा रहा है, ताकि पर्यटकों को वन्यजीवों के दीदार के दौरान परेशानी न हो। पार्क प्रशासन पर्यटकों के ठहरने वाले कमरों को व्यवस्थित करने के साथ परिसर की सीढ़ियों, दीवारों और रेलिंग की मरम्मत व पुताई करा रहा है। मानसून के बाद सफारी मार्गों पर उगी झाड़ियों और गिरी पत्तियों को हटाकर रास्तों को सुगम बनाया जा रहा है। जंगल सफारी में इस्तेमाल होने वाली जिप्सियों और अन्य वाहनों की तकनीकी जांच व सर्विसिंग कर उन्हें भी तैयार किया जा रहा है।
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एक नवंबर को नए पर्यटन सत्र के उद्घाटन के साथ दुधवा के द्वार देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों के लिए खोल दिए जाएंगे। पार्क प्रशासन को उम्मीद है कि इस बार भी बड़ी संख्या में सैलानी बाघ, एक सींग वाले गैंडे, बारहसिंघा, हाथी और तेंदुए समेत अन्य वन्यजीवों को देखने पहुंचेंगे। दुधवा में 450 से अधिक प्रजातियों के प्रवासी और स्थानीय पक्षी भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र हैं।
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दुधवा के डिप्टी डायरेक्टर जगदीश आर ने बताया कि नए पर्यटन सत्र की तैयारियां की जा रही हैं। एक नवंबर से सत्र की शुरुआत होगी।
मुख्य आकर्षण
प्रमुख वन्यजीव : बाघ, एक सींग वाला गैंडा, बारहसिंघा (स्वैम्प डियर), हाथी, तेंदुआ और दुर्लभ भालू।
पक्षियों की विविधता: 450 से अधिक प्रजातियों के प्रवासी और स्थानीय पक्षी।
प्राकृतिक सौंदर्य: तराई के घने साल के जंगल, शांत ताल और प्राकृतिक घास के मैदान।