{"_id":"6a6647168be6ee5ea10457d8","slug":"golas-sawan-fair-gets-its-own-symbol-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1008-180904-2026-07-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: गोला के सावन मेले को मिला अपना प्रतीक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: गोला के सावन मेले को मिला अपना प्रतीक
Sun, 26 Jul 2026 11:12 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 26 Jul 2026 11:12 PM IST
विज्ञापन
श्रावण मेले के लोगो का अनावरण करते विधायक। स्रोत: गोला टूरिज्म
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोला गोकर्णनाथ (खीरी)। सावन मास के मेले को पहली बार विशिष्ट पहचान देते हुए आधिकारिक लोगो जारी किया गया है। शनिवार देर शाम अपने कार्यालय पर विधायक अमन गिरि ने इसका अनावरण किया।
उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े आयोजन की विशिष्ट पहचान को लोगो सशक्त बनाता है। लंबे समय से श्रद्धा और आस्था का केंद्र रहे सावन मास मेले को आधिकारिक लोगो मिलने से ब्रांडिंग और प्रचार-प्रसार को गति मिलेगी तथा देश-विदेश के श्रद्धालुओं के बीच अलग पहचान स्थापित होगी।
लोगो गोला टूरिज्म संगठन ने तैयार किया है। इसमें भगवान श्री गोकर्णनाथ की दिव्यता, शिवत्व, सनातन संस्कृति, श्रावण मास की कांवड़ यात्रा एवं जलाभिषेक की परंपरा, प्रकृति, धर्म और आस्था के शाश्वत संदेश को प्रतीकात्मक रूप से समाहित किया गया है। प्रत्येक प्रतीक भगवान शिव के आध्यात्मिक स्वरूप और श्रावण मास के धार्मिक महत्व के साथ गोला गोकर्णनाथ की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक परंपराओं और सनातन मूल्यों का प्रतिनिधित्व करता है।
विज्ञापन
गोला टूरिज्म के सचिव इंजीनियर मिलिंद शुक्ला ने बताया कि उत्तर प्रदेश पर्यटन से लोगो को मान्यता मिल गई है। इस मौके पर संस्था अध्यक्ष विनायक श्रीवास्तव, प्रेम गुप्ता, सचिव इं. मिलिंद शुक्ल, अवनीश प्रजापति, वीरेंद्र गुप्ता, कमल नयन शुक्ल, सिद्धांत सिंह, प्रसून राजा, डॉ. सौरभ दीक्षित, डॉ. आदर्श दीक्षित, आर्यन, सौरभ दिवाकर, त्रिदर्श, अजय गुप्ता प्रिंस, विपिन राज आदि मौजूद रहे।
-- -- -- -- -- -- -
सावन से पहले बिजली के खतरों की घेराबंदी
गोला गोकर्णनाथ। सावन मेले में श्रद्धालुओं और कांवड़ियों को बिजली के संभावित खतरों से बचाने के लिए विद्युत वितरण उपखंड की ओर से पांच श्रेणियों में सुरक्षा कार्य कराए जा रहे हैं।
हाईटेंशन लाइन के नीचे गार्डिंग, कांवड़ यात्रा और श्रद्धालुओं के मार्ग में ट्रांसफाॅर्मरों की फेंसिंग, गले खंभों की मरम्मत, रास्तों के किनारे लगे बिजली के खंभों पर करंट से बचाव के लिए पॉलिथीन टेपिंग और जर्जर लाइन बदलने का काम किया जा रहा है।
एसडीओ अजय यादव ने बताया कि मंदिर परिक्षेत्र और श्रद्धालुओं के मार्गों में 950 खंभे चिन्हित किए गए हैं। इनमें 700 पर पॉलिथीन टेपिंग हो चुकी है। फेंसिंग के लिए नौ ट्रांसफार्मर चिन्हित किए गए हैं। खुले में रखे ट्रांसफार्मरों की फेंसिंग, जमीन से गल चुके खंभों की मरम्मत और जर्जर लाइन ठीक कराई जा रही है। संवाद
-- -- -- -- -- -- -- -- -
कांवड़ मार्ग पर खंभे खुले, सड़क पर घूम रहे छुट्टा पशु
मोहम्मदी। कांवड़ यात्रा को लेकर सुरक्षा तैयारियों के बीच गोला मार्ग पर पुवायां तिराहे के पास गुप्ता होटल के आगे-पीछे बिजली के खंभों पर प्लास्टिक नहीं लपेटी गई है। यह मार्ग कन्नौज, हरिद्वार और फर्रुखाबाद से आने वाले कांवड़ यात्रियों का मुख्य रास्ता बताया गया है। सड़क पर छुट्टा पशु भी घूम रहे हैं।
बरवर चौराहे के आगे गोला मार्ग पर खंभों को प्लास्टिक से लपेट दिया गया है। अधिकारियों की बैठक में बिजली के खंभों पर प्लास्टिक लगाने और छुट्टा पशुओं को पकड़ने का निर्णय लिया गया था। नगर पालिका के नामित सदस्य के होटल के आसपास भी खंभों पर प्लास्टिक नहीं लगी है। वंदना गुप्ता के पति ने बताया कि सावन में भीड़ के कारण ट्रांसफार्मर के आसपास और खंभों पर प्लास्टिक लगनी चाहिए।
नगर पालिका ईओ जेपी मोर्य ने बताया कि खंभों पर प्लास्टिक लपेटने का काम चल रहा है। छुट्टा पशुओं को रोज पकड़ा जा रहा है और अब तक 15 से 20 पशु पकड़े जा चुके हैं। संवाद
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े आयोजन की विशिष्ट पहचान को लोगो सशक्त बनाता है। लंबे समय से श्रद्धा और आस्था का केंद्र रहे सावन मास मेले को आधिकारिक लोगो मिलने से ब्रांडिंग और प्रचार-प्रसार को गति मिलेगी तथा देश-विदेश के श्रद्धालुओं के बीच अलग पहचान स्थापित होगी।
विज्ञापन
लोगो गोला टूरिज्म संगठन ने तैयार किया है। इसमें भगवान श्री गोकर्णनाथ की दिव्यता, शिवत्व, सनातन संस्कृति, श्रावण मास की कांवड़ यात्रा एवं जलाभिषेक की परंपरा, प्रकृति, धर्म और आस्था के शाश्वत संदेश को प्रतीकात्मक रूप से समाहित किया गया है। प्रत्येक प्रतीक भगवान शिव के आध्यात्मिक स्वरूप और श्रावण मास के धार्मिक महत्व के साथ गोला गोकर्णनाथ की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक परंपराओं और सनातन मूल्यों का प्रतिनिधित्व करता है।
विज्ञापन
गोला टूरिज्म के सचिव इंजीनियर मिलिंद शुक्ला ने बताया कि उत्तर प्रदेश पर्यटन से लोगो को मान्यता मिल गई है। इस मौके पर संस्था अध्यक्ष विनायक श्रीवास्तव, प्रेम गुप्ता, सचिव इं. मिलिंद शुक्ल, अवनीश प्रजापति, वीरेंद्र गुप्ता, कमल नयन शुक्ल, सिद्धांत सिंह, प्रसून राजा, डॉ. सौरभ दीक्षित, डॉ. आदर्श दीक्षित, आर्यन, सौरभ दिवाकर, त्रिदर्श, अजय गुप्ता प्रिंस, विपिन राज आदि मौजूद रहे।
सावन से पहले बिजली के खतरों की घेराबंदी
गोला गोकर्णनाथ। सावन मेले में श्रद्धालुओं और कांवड़ियों को बिजली के संभावित खतरों से बचाने के लिए विद्युत वितरण उपखंड की ओर से पांच श्रेणियों में सुरक्षा कार्य कराए जा रहे हैं।
हाईटेंशन लाइन के नीचे गार्डिंग, कांवड़ यात्रा और श्रद्धालुओं के मार्ग में ट्रांसफाॅर्मरों की फेंसिंग, गले खंभों की मरम्मत, रास्तों के किनारे लगे बिजली के खंभों पर करंट से बचाव के लिए पॉलिथीन टेपिंग और जर्जर लाइन बदलने का काम किया जा रहा है।
एसडीओ अजय यादव ने बताया कि मंदिर परिक्षेत्र और श्रद्धालुओं के मार्गों में 950 खंभे चिन्हित किए गए हैं। इनमें 700 पर पॉलिथीन टेपिंग हो चुकी है। फेंसिंग के लिए नौ ट्रांसफार्मर चिन्हित किए गए हैं। खुले में रखे ट्रांसफार्मरों की फेंसिंग, जमीन से गल चुके खंभों की मरम्मत और जर्जर लाइन ठीक कराई जा रही है। संवाद
कांवड़ मार्ग पर खंभे खुले, सड़क पर घूम रहे छुट्टा पशु
मोहम्मदी। कांवड़ यात्रा को लेकर सुरक्षा तैयारियों के बीच गोला मार्ग पर पुवायां तिराहे के पास गुप्ता होटल के आगे-पीछे बिजली के खंभों पर प्लास्टिक नहीं लपेटी गई है। यह मार्ग कन्नौज, हरिद्वार और फर्रुखाबाद से आने वाले कांवड़ यात्रियों का मुख्य रास्ता बताया गया है। सड़क पर छुट्टा पशु भी घूम रहे हैं।
बरवर चौराहे के आगे गोला मार्ग पर खंभों को प्लास्टिक से लपेट दिया गया है। अधिकारियों की बैठक में बिजली के खंभों पर प्लास्टिक लगाने और छुट्टा पशुओं को पकड़ने का निर्णय लिया गया था। नगर पालिका के नामित सदस्य के होटल के आसपास भी खंभों पर प्लास्टिक नहीं लगी है। वंदना गुप्ता के पति ने बताया कि सावन में भीड़ के कारण ट्रांसफार्मर के आसपास और खंभों पर प्लास्टिक लगनी चाहिए।
नगर पालिका ईओ जेपी मोर्य ने बताया कि खंभों पर प्लास्टिक लपेटने का काम चल रहा है। छुट्टा पशुओं को रोज पकड़ा जा रहा है और अब तक 15 से 20 पशु पकड़े जा चुके हैं। संवाद