5500 कॉल्स ने खोला हत्या का राज: 'अपने घर ले चलो', नीलम की जिद ने प्रेमी को बनाया कातिल; दुपट्टे से घोंटा गला
पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार कर ली। आरोपी ने बताया कि उसका प्रेम प्रसंग था। सोमवार को दोनों हरदासपुर मंदिर गए थे। वहां से लौटने के बाद अदलीशपुर के पास एक खेत में बने मचान पर काफी देर तक साथ रहे। इसी दौरान नीलम आरोपी पर उसे अपने घर ले जाने का दबाव बना रही थी।
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यूपी के लखीमपुर खीरी स्थित ईसानगर थाना क्षेत्र में घायल अवस्था में मिली विवाहिता की मौत के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में हत्या के पीछे प्रेम-प्रसंग और आपसी विवाद की बात सामने आई है। आरोपी के कब्जे से मृतका का मोबाइल फोन, पर्स, नकदी और शैक्षिक दस्तावेज बरामद किए गए हैं। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि प्रेमिका घर ले जाने की जिद कर रही थी, इसी बीच उसे मौत के घाट उतार दिया था।
सुनील से लगातार बात करती थी नीलम
सीओ धौरहरा शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि अदलीशपुर के पास घायल मिली विवाहिता नीलम (22) पुत्री शिवरतन निवासी ग्राम फूलपुर थाना ईसानगर की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस सर्विलांस सेल की मदद से मामले की जांच में जुटी थी। जांच के दौरान पता चला कि मृतका की गांव निवासी सुनील से लगातार बातचीत होती थी।
सुनील ने कबूल की हत्या की बात
इसके बाद पुलिस ने संदेह के आधार पर सुनील को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार कर ली। आरोपी ने बताया कि उसका प्रेम प्रसंग था। सोमवार को दोनों हरदासपुर मंदिर गए थे। वहां से लौटने के बाद अदलीशपुर के पास एक खेत में बने मचान पर काफी देर तक साथ रहे। इसी दौरान नीलम आरोपी पर उसे अपने घर ले जाने का दबाव बना रही थी। इस बात को लेकर दोनों के बीच विवाद और मारपीट हो गई।
नीलम का फोन, पर्स और नकदी लेकर भागा था सुनील
गुस्से में आकर आरोपी ने दुपट्टे से उसका गला घोंट दिया। हत्या के बाद आरोपी मृतका का मोबाइल फोन, पर्स और अन्य सामान लेकर मौके से भाग गया था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर मोबाइल फोन, पर्स, नकदी और शैक्षिक दस्तावेज बरामद कर लिए हैं। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
सीडीआर ने खोली पोल...पुलिस ने दबोचा
घटना के बाद पुलिस खुलासे में जुट गई थी। मृतक के फोन की सीडीआर निकाली तो पुलिस खुद हैरान रह गई। सीडीआर की कॉपी मिली तो पुलिस ने हर एक नंबर की गहनता से जांच की। जांच के दौरान बार-बार एक ही नंबर पर पुलिस की निगाह रुक जा रही थी। मृतका और आरोपी के बीच जनवरी से घटना वाले दिन तक 5500 से अधिक बार फोन पर बातचीत हुई थी।
पुलिस का यहीं से शक आरोपी पर बढ़ गया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया तो खुलासा हो गया। सर्विलांस जांच में यह भी पुष्टि हुई कि घटना वाले दिन दोनों एक साथ थे।