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Lakhimpur Kheri News: मैलानी-नानपारा रेल लाइन बंद करने की साजिश का विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 08 Feb 2026 12:01 AM IST
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एसडीएम को ज्ञापन देते किसान महासभा के पदाधिकारी और सदस्य। संवाद
- फोटो : पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह कान्हा गोशाला का फीता काटकर उद्घाटन करते हुए साथ में डीएम रमेश रंजन। स्रोतः प्रशासन
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पलियाकलां। क्षेत्र की करीब 130 साल पुरानी मैलानी-नानपारा छोटी रेल लाइन को बंद करने की चर्चाओं ने किसान महासभा को भड़का दिया है। शनिवार को अखिल भारतीय किसान महासभा के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए एसडीएम के माध्यम से रेल मंत्री को ज्ञापन सौंपा।
किसान नेताओं का कहना है कि यह रेल लाइन तराई क्षेत्र की जीवन रेखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसे बंद करने के प्रयास साजिश के तहत किए जा रहे हैं। महासभा ने मांग की कि इस पुरानी लाइन को बंद करने के बजाय तुरंत ब्रॉडगेज में तब्दील किया जाए।
किसान महासभा ने यह भी कहा कि जब तक बड़ी लाइन का काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक ट्रेन का समय बदला जाए ताकि यात्री आसानी से लखनऊ और पीलीभीत की ट्रेनों को पकड़ सकें। साथ ही, रेल लाइनों के पास हो रहे जलभराव और रिसाव की समस्या को भी तुरंत दुरुस्त करने की मांग की गई।
ज्ञापन सौंपते समय जिला अध्यक्ष आरती राय और कमलेश राय ने चेतावनी दी कि अगर रेल प्रशासन ने इस ऐतिहासिक लाइन के अस्तित्व से खिलवाड़ किया, तो किसान बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
इस मौके पर रवि प्रताप, जय कुमार, सुरेश गुप्ता, शिव दयाल, रज्जाक अली, सनोवर अली और राजेंद्र सिंह सहित तमाम किसान नेता मौजूद रहे।
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किसान नेताओं का कहना है कि यह रेल लाइन तराई क्षेत्र की जीवन रेखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसे बंद करने के प्रयास साजिश के तहत किए जा रहे हैं। महासभा ने मांग की कि इस पुरानी लाइन को बंद करने के बजाय तुरंत ब्रॉडगेज में तब्दील किया जाए।
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किसान महासभा ने यह भी कहा कि जब तक बड़ी लाइन का काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक ट्रेन का समय बदला जाए ताकि यात्री आसानी से लखनऊ और पीलीभीत की ट्रेनों को पकड़ सकें। साथ ही, रेल लाइनों के पास हो रहे जलभराव और रिसाव की समस्या को भी तुरंत दुरुस्त करने की मांग की गई।
ज्ञापन सौंपते समय जिला अध्यक्ष आरती राय और कमलेश राय ने चेतावनी दी कि अगर रेल प्रशासन ने इस ऐतिहासिक लाइन के अस्तित्व से खिलवाड़ किया, तो किसान बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
इस मौके पर रवि प्रताप, जय कुमार, सुरेश गुप्ता, शिव दयाल, रज्जाक अली, सनोवर अली और राजेंद्र सिंह सहित तमाम किसान नेता मौजूद रहे।