{"_id":"69efb7ff7ac7c526330b6208","slug":"the-power-system-is-sweating-in-april-itself-breaking-last-years-record-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1036-173821-2026-04-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: अप्रैल में ही पसीना-पसीना बिजली सिस्टम, पिछले साल का टूटा रिकॉर्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: अप्रैल में ही पसीना-पसीना बिजली सिस्टम, पिछले साल का टूटा रिकॉर्ड
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 28 Apr 2026 12:54 AM IST
विज्ञापन
जर्जर लाइन को बदलने के लिए खंभे पर चढ़े कर्मचारी। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। भीषण गर्मी के चलते जिले में अप्रैल में ही बिजली खपत 102.5 मेगावाट तक पहुंच गई है, जिससे पिछले वर्ष का 85.94 मेगावाट का रिकॉर्ड भी टूट गया है। मई, जून और जुलाई बाकी होने से खपत 110 मेगावाट से अधिक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
विभागीय अफसरों ने इस सीजन में अधिकतम 90 मेगावाट खपत का अनुमान लगाया था, लेकिन अचानक बढ़े लोड से व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। इसके चलते फॉल्ट और कटौती दोनों में इजाफा हुआ है। कुछ स्थानों पर लोकल फॉल्ट और कुछ जगह लोड मैनेजमेंट के तहत आपूर्ति बाधित की जा रही है।
लखीमपुर डिवीजन के नई बस्ती, गढ़ी, छाउछ, खीरी टाउन और न्यू छाउछ क्षेत्रों में 24 घंटे के भीतर औसतन 7 से 8 बार कटौती हो रही है। छोटे फॉल्ट में 15 से 20 मिनट और बड़े फॉल्ट में एक से डेढ़ घंटे तक आपूर्ति ठप रहती है। नई बस्ती उपकेंद्र पर लोड 600 एम्पियर तक पहुंच गया है, जो फरवरी 2026 में 200 से 250 एम्पियर था। अफसरों के अनुसार एसी, कूलर और पंखों के बढ़ते उपयोग से लोड दोगुने से अधिक हो गया है।
-- -- -- -- कटौती और फॉल्ट से जूझ रहे इलाके-- -- -
सिकंदराबाद उपकेंद्र के हरीनगर, बेलाबोझी, मदारपुर और मोहम्मदाबाद फीडरों से 200 से अधिक गांव जुड़े हैं, जहां कटौती से उपभोक्ता परेशान हैं। जेई डीएन चतुर्वेदी के अनुसार रात में रोस्टिंग की जाती है, जबकि दिन में फॉल्ट होने पर शटडाउन लेना पड़ता है।
बिझौली क्षेत्र में रात नौ बजे फॉल्ट होने से अलीगंज फीडर पूरी रात बंद रहा, जिससे रजागंज, बिझौली, बहेरवा और चिंतापुरवा में आपूर्ति सुबह सात बजे बहाल हो सकी।
अलीगंज उपकेंद्र का ट्रांसफार्मर पुराना होने के कारण नंबरवार सप्लाई दी जा रही है। बेहजम के जेई देवता दीन ने बताया कि ऊपर से अधिक लोड होने के कारण कटौती की जा रही है।
ढखेरवा उपकेंद्र के दुलही, जटपुरवा, गौरिया, रमियाबेहड़, तेलियार और मझरा पूरब फीडरों पर अलग-अलग समय पर रोस्टिंग लागू है। जेई विकास सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में औसतन 18 घंटे आपूर्ति दी जा रही है।
मितौली में तेज हवाओं के चलते कस्ता, रामनगर और लालहनपुर फीडरों पर तीन घंटे तथा कस्बा, तहसील और नवोदय फीडरों पर एक से दो घंटे रोस्टिंग की जा रही है। एसएसओ सिद्धार्थ वर्मा ने यह जानकारी दी।
मोहम्मदी और गोला क्षेत्रों में भी कटौती जारी है। जेई शिवम मौर्य के अनुसार गोला शहर के सात फीडरों पर सुबह 5:30 से 7:00 बजे और दोपहर 12:15 से 1:15 बजे तक कटौती की गई।
पलियाकलां में भी सुबह 5:15 से 7:00 बजे और दोपहर 12:30 से 1:30 बजे तक आपूर्ति बाधित रही। इसके अलावा मौनी बाबा तिराहे के पास 11 हजार लाइन हटाने के लिए सुबह 10:30 से 3:30 बजे तक शटडाउन लिया गया।
Trending Videos
विभागीय अफसरों ने इस सीजन में अधिकतम 90 मेगावाट खपत का अनुमान लगाया था, लेकिन अचानक बढ़े लोड से व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। इसके चलते फॉल्ट और कटौती दोनों में इजाफा हुआ है। कुछ स्थानों पर लोकल फॉल्ट और कुछ जगह लोड मैनेजमेंट के तहत आपूर्ति बाधित की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
लखीमपुर डिवीजन के नई बस्ती, गढ़ी, छाउछ, खीरी टाउन और न्यू छाउछ क्षेत्रों में 24 घंटे के भीतर औसतन 7 से 8 बार कटौती हो रही है। छोटे फॉल्ट में 15 से 20 मिनट और बड़े फॉल्ट में एक से डेढ़ घंटे तक आपूर्ति ठप रहती है। नई बस्ती उपकेंद्र पर लोड 600 एम्पियर तक पहुंच गया है, जो फरवरी 2026 में 200 से 250 एम्पियर था। अफसरों के अनुसार एसी, कूलर और पंखों के बढ़ते उपयोग से लोड दोगुने से अधिक हो गया है।
सिकंदराबाद उपकेंद्र के हरीनगर, बेलाबोझी, मदारपुर और मोहम्मदाबाद फीडरों से 200 से अधिक गांव जुड़े हैं, जहां कटौती से उपभोक्ता परेशान हैं। जेई डीएन चतुर्वेदी के अनुसार रात में रोस्टिंग की जाती है, जबकि दिन में फॉल्ट होने पर शटडाउन लेना पड़ता है।
बिझौली क्षेत्र में रात नौ बजे फॉल्ट होने से अलीगंज फीडर पूरी रात बंद रहा, जिससे रजागंज, बिझौली, बहेरवा और चिंतापुरवा में आपूर्ति सुबह सात बजे बहाल हो सकी।
अलीगंज उपकेंद्र का ट्रांसफार्मर पुराना होने के कारण नंबरवार सप्लाई दी जा रही है। बेहजम के जेई देवता दीन ने बताया कि ऊपर से अधिक लोड होने के कारण कटौती की जा रही है।
ढखेरवा उपकेंद्र के दुलही, जटपुरवा, गौरिया, रमियाबेहड़, तेलियार और मझरा पूरब फीडरों पर अलग-अलग समय पर रोस्टिंग लागू है। जेई विकास सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में औसतन 18 घंटे आपूर्ति दी जा रही है।
मितौली में तेज हवाओं के चलते कस्ता, रामनगर और लालहनपुर फीडरों पर तीन घंटे तथा कस्बा, तहसील और नवोदय फीडरों पर एक से दो घंटे रोस्टिंग की जा रही है। एसएसओ सिद्धार्थ वर्मा ने यह जानकारी दी।
मोहम्मदी और गोला क्षेत्रों में भी कटौती जारी है। जेई शिवम मौर्य के अनुसार गोला शहर के सात फीडरों पर सुबह 5:30 से 7:00 बजे और दोपहर 12:15 से 1:15 बजे तक कटौती की गई।
पलियाकलां में भी सुबह 5:15 से 7:00 बजे और दोपहर 12:30 से 1:30 बजे तक आपूर्ति बाधित रही। इसके अलावा मौनी बाबा तिराहे के पास 11 हजार लाइन हटाने के लिए सुबह 10:30 से 3:30 बजे तक शटडाउन लिया गया।

कमेंट
कमेंट X