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Lakhimpur Kheri News: रिफाइंड तेल के बढ़े दाम... महंगी हुई आम आदमी की थाली
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 02 Apr 2026 11:18 PM IST
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दुकान में रखा रिफाइंड ऑयल। संवाद
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लखीमपुर खीरी। खाद्य तेलों की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। खासतौर पर रिफाइंड के दामों में आए उछाल से घर की थाली महंगी होती जा रही है। पिछले कुछ हफ्तों में रिफाइंड के दामों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है, इससे लोगों को रोजमर्रा के खर्च में कटौती करनी पड़ रही है।
शहर के बाजारों में खाद्य तेल पहले जो तेल 130-140 रुपये प्रति लीटर मिल रहा था, अब वह 160-170 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं, रिफाइंड का बिकने वाला पीपा करीब 500 रुपये महंंगा हो गया है। इसका सीधा असर घरों के किचन पर पड़ा है, जहां अब तेल का इस्तेमाल सीमित करना मजबूरी बन गया है।
गृहिणियों का कहना है कि रसोई का खर्च पहले ही बढ़ा हुआ था, अब तेल महंगा होने से परेशानी और बढ़ गई है। तले-भुने व्यंजनों में कटौती करनी पड़ रही है। होटल और ढाबा संचालकों कहना है कि यदि यही स्थिति रही तो खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ाने पड़ सकते हैं।
शहर के व्यापारी नितेश गुप्ता ने बताया कि रिफाइंड की कीमतों में तेजी, आयात में कमी और परिवहन लागत बढ़ने के कारण यह स्थिति बनी है। अगर यही हाल रहा तो निश्चित ही रेट अभी और बढ़ सकते हैं।
तेल व्यापारी गौरव गुप्ता का कहना है कि रिफाइंड का लगभग हर व्यंजन का अहम हिस्सा है। अगर जल्द राहत नहीं मिली तो आने वाले दिनों में आम आदमी की थाली पर बोझ और बढ़ सकता है।
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कंपनियों ने लगाया जुगाड़, मात्रा कर दी कम
व्यापारियों ने बताया कि कुछ ब्रांडेड कंपनियों ने रिफाइंड तेल की कीमतें बढ़ने पर नया जुगाड़ निकाल लिया है। कंपनियों ने कीमतों में भले ही इजाफा न किया हो, लेकिन उन्होंने अपनी मात्रा में कमी कर दी है। पहले 900 ग्राम के आने वाले पैक को कम कर 750 ग्राम में बदल दिया है। ताकि उनकी बिक्री पर असर न पड़े।
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गृहिणियों का कहना है कि रसोई का खर्च पहले ही बढ़ा हुआ था, अब तेल महंगा होने से परेशानी और बढ़ गई है। तले-भुने व्यंजनों में कटौती करनी पड़ रही है। होटल और ढाबा संचालकों कहना है कि यदि यही स्थिति रही तो खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ाने पड़ सकते हैं।
शहर के व्यापारी नितेश गुप्ता ने बताया कि रिफाइंड की कीमतों में तेजी, आयात में कमी और परिवहन लागत बढ़ने के कारण यह स्थिति बनी है। अगर यही हाल रहा तो निश्चित ही रेट अभी और बढ़ सकते हैं।
तेल व्यापारी गौरव गुप्ता का कहना है कि रिफाइंड का लगभग हर व्यंजन का अहम हिस्सा है। अगर जल्द राहत नहीं मिली तो आने वाले दिनों में आम आदमी की थाली पर बोझ और बढ़ सकता है।
कंपनियों ने लगाया जुगाड़, मात्रा कर दी कम
व्यापारियों ने बताया कि कुछ ब्रांडेड कंपनियों ने रिफाइंड तेल की कीमतें बढ़ने पर नया जुगाड़ निकाल लिया है। कंपनियों ने कीमतों में भले ही इजाफा न किया हो, लेकिन उन्होंने अपनी मात्रा में कमी कर दी है। पहले 900 ग्राम के आने वाले पैक को कम कर 750 ग्राम में बदल दिया है। ताकि उनकी बिक्री पर असर न पड़े।