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Lakhimpur Kheri News: जंगल में गैंडों की वापसी से दुधवा में बढ़ेगी सैलानियों की आमद

संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Wed, 18 Mar 2026 12:37 AM IST
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The return of rhinos to the wild will increase the influx of tourists to Dudhwa
पुनर्वासन योजना में विचरण करते गैंडे। स्त्रोत- वन विभाग।
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बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व (डीटीआर) में गैंडा पुनर्वासन योजना के तहत छह गैंडों को सौर ऊर्जा चालित बाड़ से निकालकर खुले जंगल में छोड़ने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। 21 मार्च से शुरू होने वाली इस प्रक्रिया के लिए विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। गैंडों की इस आजादी से जहां वन्यजीव संरक्षण को मजबूती मिलेगी, वहीं दुधवा में पर्यटकों की संख्या भी बढ़ेगी।
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अब तक बाड़ में सीमित रहने वाले गैंडे जब जंगल में स्वच्छंद विचरण करेंगे तो सफारी के दौरान पर्यटकों को इन्हें प्राकृतिक आवास में देखने का मौका मिलेगा। इससे दुधवा में आने वाले पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो सकता है। दिसंबर 2024 में चार गैंडों को जंगल में छोड़े जाने के बाद भी पर्यटकों में उत्सुकता बढ़ी थी। इनमें तीन मादा और एक नर गैंडा शामिल था। अब छह और गैंडों की रिहाई से यह आकर्षण और बढ़ने की संभावना है।
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गैंडों को जंगल में छोड़ने से पहले उन्हें ट्रैंक्युलाइज कर रेडियो कॉलर लगाए जाएंगे, ताकि उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। इसके लिए गैंडों का स्वास्थ्य परीक्षण कर 16 को चिन्हित किया गया है, जिनमें से छह गैंडों को चरणबद्ध तरीके से छोड़ा जाएगा।
इस पूरी प्रक्रिया के दौरान असम से बुलाए गए गैंडा विशेषज्ञ और मशहूर पशु चिकित्सक पद्मश्री डॉ. केके शर्मा, वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) के डॉ. मुदित गुप्ता, दबीर हसन, वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूटीआई), भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) और दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर डॉ. एच राजामोहन, उपनिदेशक जगदीश आर, पशु चिकित्सक डॉ. दयाशंकर और सुरेंद्र कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि गैंडे जैसे बड़े और दुर्लभ वन्यजीवों की मौजूदगी किसी भी टाइगर रिजर्व की पहचान को मजबूत करती है। दुधवा में गैंडों की बढ़ती संख्या और उनकी खुली मौजूदगी यहां के इको-टूरिज्म को नई पहचान दे सकती है।
---गैंडा पुनर्वासन एक नजर में----
शुरुआत: 1984 (असम के काजीरंगा नेशनल पार्क से लाए गए गैंडे)
वर्तमान संख्या: 51
दिसंबर 2024 में छोड़े गए: 4
अब छोड़े जाएंगे: 6
कुल मुक्त गैंडे: 10
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गैंडों को चरणबद्ध तरीके से जंगल में छोड़ा जाएगा। इससे न केवल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि दुधवा में पर्यटन गतिविधियों में भी वृद्धि की संभावना है।
-डॉ. एच राजामोहन, एफडी, दुधवा टाइगर रिजर्व
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