{"_id":"699b4b95cc03dfc2b3088f61","slug":"youth-dressed-as-tigers-to-scare-away-monkeys-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1008-168919-2026-02-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP News: लखीमपुर खीरी के इस गांव में 'टाइगर' बनकर घूम रहे युवक, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP News: लखीमपुर खीरी के इस गांव में 'टाइगर' बनकर घूम रहे युवक, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 23 Feb 2026 06:54 PM IST
विज्ञापन
सार
लखीमपुर खीरी जिले के बिझौली गांव में बंदरों का आतंक है। इससे निजात पाने के लिए ग्रामीणों ने अनोखा तरीका अपनाया है। गांव के दो युवक बाघ की ड्रेस पहनकर गश्त करते हैं। ग्रामीणों का दावा है कि इससे बंदरों का उत्पात कम हुआ है।
बाघ की ड्रेस पहनकर घूमता युवक
- फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन
विस्तार
लखीमपुर खीरी जिले में पिछले दस वर्षों से बंदरों के आतंक से जूझ रहे बिझौली गांव के ग्रामीणों ने अनोखा रास्ता अपनाया है। अधिकारियों से शिकायत के बावजूद ठोस कार्रवाई न होने पर दो युवकों ने बाघ की वेशभूषा पहनकर गांव में गश्त शुरू कर दी। इसका असर यह हुआ कि बंदरों के झुंड उन्हें देखकर भागने लगे और कुछ दिनों तक गांव में दिखाई नहीं दिए।
गांव निवासी गोविंद सिंह ने बताया कि बंदर घरों में घुसकर खाद्य सामग्री और सामान उठा ले जाते हैं। कई बार बंदर बिजली के खंभों पर लगी लाइटें तोड़ देते हैं, जिससे रात में अंधेरा छा जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, बंदर अब लोगों पर झपटने भी लगे थे, जिससे बच्चों और बुजुर्गों में भय का माहौल है।
इस तरीके से बंदरों का आतंक हुआ कम
समस्या से परेशान होकर गोविंद और रूपराम ने बाघ की ड्रेस खरीदी और जहां भी बंदरों का झुंड दिखता, वहां पहुंच जाते। बाघ की शक्ल देखकर बंदर गांव की सीमा से बाहर भाग जाते। करीब एक सप्ताह तक बंदरों की गतिविधि कम रही, लेकिन धीरे-धीरे एक-दो बंदर फिर लौटने लगे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यह उपाय अस्थायी है। वन विभाग और प्रशासन को स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि गांव को लंबे समय से चली आ रही इस समस्या से स्थायी राहत मिल सके।
Trending Videos
गांव निवासी गोविंद सिंह ने बताया कि बंदर घरों में घुसकर खाद्य सामग्री और सामान उठा ले जाते हैं। कई बार बंदर बिजली के खंभों पर लगी लाइटें तोड़ देते हैं, जिससे रात में अंधेरा छा जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, बंदर अब लोगों पर झपटने भी लगे थे, जिससे बच्चों और बुजुर्गों में भय का माहौल है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस तरीके से बंदरों का आतंक हुआ कम
समस्या से परेशान होकर गोविंद और रूपराम ने बाघ की ड्रेस खरीदी और जहां भी बंदरों का झुंड दिखता, वहां पहुंच जाते। बाघ की शक्ल देखकर बंदर गांव की सीमा से बाहर भाग जाते। करीब एक सप्ताह तक बंदरों की गतिविधि कम रही, लेकिन धीरे-धीरे एक-दो बंदर फिर लौटने लगे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यह उपाय अस्थायी है। वन विभाग और प्रशासन को स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि गांव को लंबे समय से चली आ रही इस समस्या से स्थायी राहत मिल सके।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
