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Lalitpur News: नकली मुहरों से कराता था जमानत तस्दीक, आरोपी गिरफ्तार
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। फर्जी दस्तावेज, मुहर और हस्ताक्षरों के जरिए जमानत तस्दीक कर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले वांछित आरोपी को थाना जाखलौन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से पुलिस, राजस्व एवं अन्य विभागों की 12 फर्जी मुहरें, 21 लोगों के आधार कार्ड की छायाप्रतियां, खतौनी की प्रतियां और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है।
थानाध्यक्ष जाखलौन अर्जुन सिंह ने बताया कि मोहल्ला रावतयाना निवासी समीर ने कुछ दिन पहले शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि उसके भाई की जमानत तस्दीक कराने के नाम पर ग्राम जमुनिया निवासी देवेंद्र अहिरवार ने उससे 10 हजार रुपये लिए थे। तस्दीक से जुड़े दस्तावेज संदिग्ध लगने पर उसने पुलिस से शिकायत की थी। इसके आधार पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने तीन टीमों का गठन किया था। जांच और तलाश के दौरान रविवार को आरोपी देवेंद्र अहिरवार को गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी में उसके पास से विभिन्न विभागों की 12 फर्जी मुहरें, 21 लोगों के आधार कार्ड की छायाप्रतियां, खतौनी की प्रतियां और मोबाइल फोन बरामद हुआ।
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पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसकी कई अधिवक्ताओं से पहचान थी और वह जमानत सत्यापन का काम करता था। शुरुआत में वह थानों और तहसीलों से वैधानिक प्रक्रिया के तहत सत्यापन कराता था, लेकिन अधिक कमाई के लालच में उसने करीब दो वर्ष पहले थाना जाखलौन, कोतवाली सदर, तहसील सदर तथा कुछ ग्राम प्रधानों के नाम की फर्जी मुहरें बनवा ली थीं।
पुलिस के अनुसार आरोपी फर्जी मुहरों, कूटरचित रिपोर्टों और नकली हस्ताक्षरों के जरिए जमानत सत्यापन कराता था। जिन अभियुक्तों को जमानतदार नहीं मिलते थे, उनसे वह 20 से 25 हजार रुपये लेकर जमानत सत्यापन कराने का ठेका लेता था।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने एक मामले में न्यायालय से संबंधित जमानत सत्यापन फाइल हासिल कर उसके आधार पर नई फर्जी रिपोर्ट तैयार कराई। इसके बाद पुलिस और राजस्व अधिकारियों के नाम से फर्जी हस्ताक्षर व मुहर लगाकर दस्तावेज तैयार किए गए। आरोपी ने लेखपाल, कानूनगो, दरोगा और थाना प्रभारी के हस्ताक्षरों की भी कूटरचना की।पुलिस का दावा है कि आरोपी करीब दो वर्षों से जाखलौन, सदर कोतवाली और आसपास के थाना एवं तहसील क्षेत्रों में फर्जी जमानत सत्यापन का काम कर रहा था। इस दौरान उसने लाखों रुपये की अवैध कमाई की।
सीओ सदर अजय कुमार ने बताया कि फर्जी दस्तावेज, मुहर और हस्ताक्षरों के माध्यम से जमानत तस्दीक कराने के मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। बरामद सामग्री के आधार पर गहन जांच की जा रही है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
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ललितपुर। फर्जी दस्तावेज, मुहर और हस्ताक्षरों के जरिए जमानत तस्दीक कर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले वांछित आरोपी को थाना जाखलौन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से पुलिस, राजस्व एवं अन्य विभागों की 12 फर्जी मुहरें, 21 लोगों के आधार कार्ड की छायाप्रतियां, खतौनी की प्रतियां और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है।
थानाध्यक्ष जाखलौन अर्जुन सिंह ने बताया कि मोहल्ला रावतयाना निवासी समीर ने कुछ दिन पहले शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि उसके भाई की जमानत तस्दीक कराने के नाम पर ग्राम जमुनिया निवासी देवेंद्र अहिरवार ने उससे 10 हजार रुपये लिए थे। तस्दीक से जुड़े दस्तावेज संदिग्ध लगने पर उसने पुलिस से शिकायत की थी। इसके आधार पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने तीन टीमों का गठन किया था। जांच और तलाश के दौरान रविवार को आरोपी देवेंद्र अहिरवार को गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी में उसके पास से विभिन्न विभागों की 12 फर्जी मुहरें, 21 लोगों के आधार कार्ड की छायाप्रतियां, खतौनी की प्रतियां और मोबाइल फोन बरामद हुआ।
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पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसकी कई अधिवक्ताओं से पहचान थी और वह जमानत सत्यापन का काम करता था। शुरुआत में वह थानों और तहसीलों से वैधानिक प्रक्रिया के तहत सत्यापन कराता था, लेकिन अधिक कमाई के लालच में उसने करीब दो वर्ष पहले थाना जाखलौन, कोतवाली सदर, तहसील सदर तथा कुछ ग्राम प्रधानों के नाम की फर्जी मुहरें बनवा ली थीं।
पुलिस के अनुसार आरोपी फर्जी मुहरों, कूटरचित रिपोर्टों और नकली हस्ताक्षरों के जरिए जमानत सत्यापन कराता था। जिन अभियुक्तों को जमानतदार नहीं मिलते थे, उनसे वह 20 से 25 हजार रुपये लेकर जमानत सत्यापन कराने का ठेका लेता था।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने एक मामले में न्यायालय से संबंधित जमानत सत्यापन फाइल हासिल कर उसके आधार पर नई फर्जी रिपोर्ट तैयार कराई। इसके बाद पुलिस और राजस्व अधिकारियों के नाम से फर्जी हस्ताक्षर व मुहर लगाकर दस्तावेज तैयार किए गए। आरोपी ने लेखपाल, कानूनगो, दरोगा और थाना प्रभारी के हस्ताक्षरों की भी कूटरचना की।पुलिस का दावा है कि आरोपी करीब दो वर्षों से जाखलौन, सदर कोतवाली और आसपास के थाना एवं तहसील क्षेत्रों में फर्जी जमानत सत्यापन का काम कर रहा था। इस दौरान उसने लाखों रुपये की अवैध कमाई की।
सीओ सदर अजय कुमार ने बताया कि फर्जी दस्तावेज, मुहर और हस्ताक्षरों के माध्यम से जमानत तस्दीक कराने के मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। बरामद सामग्री के आधार पर गहन जांच की जा रही है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।