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Lalitpur News: प्रशासनिक टीम पर हमला कर जबरन कराया बाल विवाह
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सिंगेपुर में बाल विवाह रुकवाने गई प्रशासनिक और पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। उग्र ग्रामीणों और परिजनों ने सरकारी टीम के साथ अभद्रता, गाली-गलौज और मारपीट की कोशिश की। हद तो तब हो गई जब ग्राम प्रधान की शह पर टीम की चेतावनी को दरकिनार करते हुए उनके सामने ही दोनों नाबालिगों का जबरन विवाह करा दिया गया। इस मामले में पुलिस ने ग्राम प्रधान सहित चार लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया है।
23 जुलाई को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 और आपातकालीन सेवा 112 पर सूचना मिली थी कि ग्राम सिंगेपुर में दो नाबालिगों का बाल विवाह कराया जा रहा है। सूचना मिलते ही कोतवाली महरौनी पुलिस, जिला बाल संरक्षण इकाई और चाइल्ड हेल्पलाइन की संयुक्त टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। टीम ने दोनों किशोरों के परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के बारे में जानकारी दी।साथ ही दोनों पक्षों को बाल कल्याण समिति के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए। इस पर परिजन और ग्रामीण भड़क गए। नाराज ग्रामीणों ने प्रशासनिक टीम को घेर लिया और उनके साथ उग्र होकर वाद-विवाद करने लगे। देखते ही देखते कुछ लोग प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट पर आमादा हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम पीछे हट गई। ग्राम प्रधान ने प्रशासनिक टीम का सहयोग करने के बजाय आरोपियों का साथ दिया। उसकी शह पर दोनों नाबालिगों के फेरे करवाकर जबरन शादी की रस्में पूरी करवा दीं। इस मामले में परियोजना समन्वयक अजय कुमार कुशवाहा पुलिस को तहरीर दी। जिस पर रंजेश कुमार, सज्जे, ग्राम प्रधान सिंगेपुर और अन्य सहयोगियों के विरुद्ध बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और बीएनएस की धारा के तहत रिपोर्ट दर्ज कर लिया गया है।
वर्जन
सिंगेपुर में बाल विवाह का मामल सामने आया है। इस मामले में चार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। राजा दिनेश सिंह, कोतवाल, महरौनी
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ललितपुर। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सिंगेपुर में बाल विवाह रुकवाने गई प्रशासनिक और पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। उग्र ग्रामीणों और परिजनों ने सरकारी टीम के साथ अभद्रता, गाली-गलौज और मारपीट की कोशिश की। हद तो तब हो गई जब ग्राम प्रधान की शह पर टीम की चेतावनी को दरकिनार करते हुए उनके सामने ही दोनों नाबालिगों का जबरन विवाह करा दिया गया। इस मामले में पुलिस ने ग्राम प्रधान सहित चार लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया है।
23 जुलाई को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 और आपातकालीन सेवा 112 पर सूचना मिली थी कि ग्राम सिंगेपुर में दो नाबालिगों का बाल विवाह कराया जा रहा है। सूचना मिलते ही कोतवाली महरौनी पुलिस, जिला बाल संरक्षण इकाई और चाइल्ड हेल्पलाइन की संयुक्त टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। टीम ने दोनों किशोरों के परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के बारे में जानकारी दी।साथ ही दोनों पक्षों को बाल कल्याण समिति के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए। इस पर परिजन और ग्रामीण भड़क गए। नाराज ग्रामीणों ने प्रशासनिक टीम को घेर लिया और उनके साथ उग्र होकर वाद-विवाद करने लगे। देखते ही देखते कुछ लोग प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट पर आमादा हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम पीछे हट गई। ग्राम प्रधान ने प्रशासनिक टीम का सहयोग करने के बजाय आरोपियों का साथ दिया। उसकी शह पर दोनों नाबालिगों के फेरे करवाकर जबरन शादी की रस्में पूरी करवा दीं। इस मामले में परियोजना समन्वयक अजय कुमार कुशवाहा पुलिस को तहरीर दी। जिस पर रंजेश कुमार, सज्जे, ग्राम प्रधान सिंगेपुर और अन्य सहयोगियों के विरुद्ध बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और बीएनएस की धारा के तहत रिपोर्ट दर्ज कर लिया गया है।
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सिंगेपुर में बाल विवाह का मामल सामने आया है। इस मामले में चार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। राजा दिनेश सिंह, कोतवाल, महरौनी
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