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Lalitpur News: बार एसोसिएशन चुनाव पर बढ़ा विवाद, एल्डर्स कमेटी गठन पर उठे सवाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिला बार एसोसिएशन के प्रस्तावित चुनाव को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। एल्डर्स कमेटी के अध्यक्ष अधिवक्ता जीवनधर लाल जैन ने बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव को पत्र भेजकर चुनाव प्रक्रिया में बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के निर्देशों की अनदेखी किए जाने का आरोप लगाया है।
पत्र में कहा गया है कि बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश, प्रयागराज ने पूर्व में गठित एल्डर्स कमेटी को त्रुटिपूर्ण मानते हुए भंग कर दिया था। साथ ही मॉडल बायलॉज के प्रावधानों के अनुसार वरिष्ठता क्रम के आधार पर नई एल्डर्स कमेटी गठित करने और उसकी जानकारी बार काउंसिल को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
अधिवक्ता जीवनधर लाल जैन का आरोप है कि इस संबंध में बार एसोसिएशन पदाधिकारियों की ओर से की गई किसी भी कार्रवाई की जानकारी उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई, जबकि वह इस प्रकरण के प्रमुख पक्षकार हैं। उनका कहना है कि उन्हें नोटिस बोर्ड के माध्यम से जानकारी मिली कि बार काउंसिल के निर्देशों का पालन किए बिना तथा पूर्व में गठित विवादित एल्डर्स कमेटी के माध्यम से चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है।
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पत्र में इसे बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के आदेशों और मॉडल बायलॉज के नियमों का प्रत्यक्ष उल्लंघन बताया गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मॉडल बायलॉज के नियम-18 के तहत एल्डर्स कमेटी को अतिरिक्त अवधि तक कार्य करने के लिए आवश्यक अनुमति भी प्राप्त नहीं की गई है।
एल्डर्स कमेटी अध्यक्ष ने पत्र में उल्लेख किया है कि नियमों के विपरीत की जाने वाली किसी भी प्रशासनिक अथवा वित्तीय कार्रवाई को कदाचार एवं आपराधिक प्रकृति का कृत्य माना जा सकता है। उन्होंने अध्यक्ष और सचिव से मांग की है कि पत्र प्राप्त होने के तीन कार्य दिवस के भीतर जिला बार एसोसिएशन की साधारण सभा की बैठक बुलाई जाए तथा बार काउंसिल के निर्देशों के अनुपालन में अब तक की गई समस्त कार्रवाई की जानकारी अधिवक्ताओं और उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने चेतावनी दी है कि निर्धारित अवधि में मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर वह मामले से बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश को अवगत कराते हुए अन्य वैधानिक एवं न्यायिक उपाय अपनाने के लिए बाध्य होंगे। पत्र की प्रतिलिपि बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष को भी भेजी गई है। वहीं एक प्रति जिला बार एसोसिएशन के नोटिस बोर्ड पर अधिवक्ताओं की जानकारी के लिए चस्पा की गई है।
ललितपुर। जिला बार एसोसिएशन के प्रस्तावित चुनाव को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। एल्डर्स कमेटी के अध्यक्ष अधिवक्ता जीवनधर लाल जैन ने बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव को पत्र भेजकर चुनाव प्रक्रिया में बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के निर्देशों की अनदेखी किए जाने का आरोप लगाया है।
पत्र में कहा गया है कि बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश, प्रयागराज ने पूर्व में गठित एल्डर्स कमेटी को त्रुटिपूर्ण मानते हुए भंग कर दिया था। साथ ही मॉडल बायलॉज के प्रावधानों के अनुसार वरिष्ठता क्रम के आधार पर नई एल्डर्स कमेटी गठित करने और उसकी जानकारी बार काउंसिल को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
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अधिवक्ता जीवनधर लाल जैन का आरोप है कि इस संबंध में बार एसोसिएशन पदाधिकारियों की ओर से की गई किसी भी कार्रवाई की जानकारी उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई, जबकि वह इस प्रकरण के प्रमुख पक्षकार हैं। उनका कहना है कि उन्हें नोटिस बोर्ड के माध्यम से जानकारी मिली कि बार काउंसिल के निर्देशों का पालन किए बिना तथा पूर्व में गठित विवादित एल्डर्स कमेटी के माध्यम से चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है।
पत्र में इसे बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के आदेशों और मॉडल बायलॉज के नियमों का प्रत्यक्ष उल्लंघन बताया गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मॉडल बायलॉज के नियम-18 के तहत एल्डर्स कमेटी को अतिरिक्त अवधि तक कार्य करने के लिए आवश्यक अनुमति भी प्राप्त नहीं की गई है।
एल्डर्स कमेटी अध्यक्ष ने पत्र में उल्लेख किया है कि नियमों के विपरीत की जाने वाली किसी भी प्रशासनिक अथवा वित्तीय कार्रवाई को कदाचार एवं आपराधिक प्रकृति का कृत्य माना जा सकता है। उन्होंने अध्यक्ष और सचिव से मांग की है कि पत्र प्राप्त होने के तीन कार्य दिवस के भीतर जिला बार एसोसिएशन की साधारण सभा की बैठक बुलाई जाए तथा बार काउंसिल के निर्देशों के अनुपालन में अब तक की गई समस्त कार्रवाई की जानकारी अधिवक्ताओं और उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने चेतावनी दी है कि निर्धारित अवधि में मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर वह मामले से बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश को अवगत कराते हुए अन्य वैधानिक एवं न्यायिक उपाय अपनाने के लिए बाध्य होंगे। पत्र की प्रतिलिपि बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष को भी भेजी गई है। वहीं एक प्रति जिला बार एसोसिएशन के नोटिस बोर्ड पर अधिवक्ताओं की जानकारी के लिए चस्पा की गई है।