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गैस संकट गहराया : अटल आवासीय विद्यालय में चूल्हे पर भोजन बनाने की तैयारी
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व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति एक पखवाड़े से बंद, कस्तूरबा विद्यालयों के लिए बीएसए ने डीएसओ को लिखा पत्र
अमर उजाला ब्यूरो/संवाद
ललितपुर/जाखलौन। एलपीजी की आपूर्ति बाधित होने से जिले में संकट गहराता जा रहा है। हालात यह हैं कि जाखलौन क्षेत्र के धौर्रा स्थित अटल आवासीय विद्यालय में गैस की कमी के चलते चूल्हे पर भोजन बनाने की तैयारी कर ली गई है। वहीं कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में सिलिंडर न पहुंचने पर बीएसए ने जिला पूर्ति अधिकारी को पत्र लिखकर आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की है।
जिले में करीब पखवाड़े से व्यावसायिक गैस सिलिंडर की आपूर्ति प्रभावित है। इससे होटल, टिफिन सेंटर और अन्य कारोबारियों को भारी परेशानी हो रही है। कई खोमचे और छोटे कारोबारी अब तक घरेलू सिलिंडर से काम चला रहे थे, लेकिन उस पर भी सख्ती बढ़ने से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
प्रशासन भले ही जिले में गैस की कमी से इनकार कर रहा हो, लेकिन जमीनी हालात अलग कहानी बयां कर रहे हैं। धौर्रा स्थित अटल आवासीय विद्यालय में गैस संकट को देखते हुए विद्यालय प्रबंधन ने मिट्टी से चूल्हे बनवा दिए हैं। गैस न मिलने की स्थिति में इन चूल्हों पर भोजन बनाकर छात्रों को उपलब्ध कराया जाएगा। विद्यालय के प्रधानाचार्य जियालाल ने बताया कि स्कूल में 629 छात्र-छात्राएं और स्टाफ सहित प्रतिदिन करीब 700 लोगों के लिए तीन समय भोजन बनता है। इसके लिए रोजाना लगभग छह गैस सिलिंडर की खपत होती है। फिलहाल कुछ सिलिंडर का स्टॉक है, लेकिन आगे आपूर्ति न हुई तो दाल-चावल और सब्जी चूल्हे पर बनाई जाएगी, जबकि रोटियां गैस पर सेंकी जाएंगी, ताकि बच्चों को समय पर भोजन मिल सके।
उधर जिले के छह कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में करीब 600 छात्राएं अध्ययनरत हैं। इन विद्यालयों में भी गैस सिलिंडर की कमी से भोजन व्यवस्था प्रभावित होने लगी है। बीएसए रणवीर सिंह ने बताया कि इस संबंध में जिला पूर्ति अधिकारी को पत्र भेजकर गैस आपूर्ति सुनिश्चित कराने का अनुरोध किया गया है।
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अन्नपूर्णा भोजनालय की व्यवस्था भी प्रभावित
मेडिकल कॉलेज परिसर में संचालित अन्नपूर्णा भोजनालय में प्रतिदिन सुबह-शाम एक हजार से अधिक जरूरतमंदों को निशुल्क भोजन कराया जाता है। गैस सिलिंडर न मिलने से यहां भी व्यवस्था प्रभावित होने लगी है। संस्था से जुड़े अमित प्रिय जैन ने बताया कि अभी तक सहयोगियों से सिलिंडर लेकर काम चल रहा था, लेकिन अब वह भी उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। डीजल भट्टी मंगाने का ऑर्डर दिया गया है। तब तक अस्थायी रूप से भट्टी पर खिचड़ी बनाकर भोजन वितरण किया जाएगा।
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टिफिन सेंटर संचालकों के सामने संकट
शहर में संचालित करीब आधा दर्जन टिफिन सेंटर भी गैस संकट से जूझ रहे हैं। संचालक उमेश पंथ ने बताया कि प्रतिदिन 50 से 60 टिफिन तैयार किए जाते हैं, लेकिन सिलिंडर न मिलने से दिक्कत बढ़ गई है। मजबूरी में भट्टी तैयार कराकर उसी पर खाना बनवाया जाएगा। इसी तरह महेंद्र साहू और दीपक राठौर ने बताया कि वे रोज करीब 40 टिफिन तैयार कराते थे, लेकिन गैस न मिलने से अब भट्टी पर भोजन बनाकर टिफिन सप्लाई करनी पड़ रही है।
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ऑनलाइन बुकिंग में भी आ रही दिक्कत
उपभोक्ताओं को गैस सिलिंडर की ऑनलाइन बुकिंग में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डेम रोड कॉलोनी निवासी पीसी जैन ने बताया कि शनिवार सुबह से इंडियन कंपनी का सिलिंडर बुक करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बुकिंग नहीं हो पा रही। वहीं सौरभ जैन ने बताया कि दो दिन से ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो रही, जिसके कारण एजेंसी पर जाकर रजिस्टर में बुकिंग करानी पड़ी।
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डीएम ने दिए सख्त निर्देश
जिलाधिकारी सत्यप्रकाश ने गैस एजेंसी संचालकों के साथ बैठक कर गैस आपूर्ति समय से सुनिश्चित करने और ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ‘पहले बुकिंग, पहले आपूर्ति’ के सिद्धांत का पालन किया जाए और ओटीपी के माध्यम से गैस सिलिंडर का वितरण किया जाए। डीएम ने कहा कि हॉकर के माध्यम से शत-प्रतिशत होम डिलीवरी सुनिश्चित की जाए। उपभोक्ताओं को गैस सिलिंडर तौलकर दिया जाए और मूल्य अंकित पर्ची उपलब्ध कराई जाए। अधिक मूल्य वसूली, कालाबाजारी या जमाखोरी की शिकायत मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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डीएसओ बोले : जल्द सामान्य होगी स्थिति
जिला पूर्ति अधिकारी उमेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि सरकारी आवासीय विद्यालयों को 14 किलोग्राम के सिलिंडर दिए जाते हैं और उन्हें रोके जाने का कोई निर्देश नहीं है। कस्तूरबा विद्यालयों के संबंध में बीएसए का पत्र अभी प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि मिस कॉल के जरिए ऑनलाइन बुकिंग में तकनीकी दिक्कत आ रही है। उपभोक्ता गूगल पे या भीम एप से भी बुकिंग करा सकते हैं। शुक्रवार को जिले की 29 गैस एजेंसियों पर एक दिन में 9,338 बुकिंग दर्ज की गई है। एक-दो दिन में स्थिति सामान्य हो जाएगी।
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अमर उजाला ब्यूरो/संवाद
ललितपुर/जाखलौन। एलपीजी की आपूर्ति बाधित होने से जिले में संकट गहराता जा रहा है। हालात यह हैं कि जाखलौन क्षेत्र के धौर्रा स्थित अटल आवासीय विद्यालय में गैस की कमी के चलते चूल्हे पर भोजन बनाने की तैयारी कर ली गई है। वहीं कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में सिलिंडर न पहुंचने पर बीएसए ने जिला पूर्ति अधिकारी को पत्र लिखकर आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की है।
जिले में करीब पखवाड़े से व्यावसायिक गैस सिलिंडर की आपूर्ति प्रभावित है। इससे होटल, टिफिन सेंटर और अन्य कारोबारियों को भारी परेशानी हो रही है। कई खोमचे और छोटे कारोबारी अब तक घरेलू सिलिंडर से काम चला रहे थे, लेकिन उस पर भी सख्ती बढ़ने से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
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प्रशासन भले ही जिले में गैस की कमी से इनकार कर रहा हो, लेकिन जमीनी हालात अलग कहानी बयां कर रहे हैं। धौर्रा स्थित अटल आवासीय विद्यालय में गैस संकट को देखते हुए विद्यालय प्रबंधन ने मिट्टी से चूल्हे बनवा दिए हैं। गैस न मिलने की स्थिति में इन चूल्हों पर भोजन बनाकर छात्रों को उपलब्ध कराया जाएगा। विद्यालय के प्रधानाचार्य जियालाल ने बताया कि स्कूल में 629 छात्र-छात्राएं और स्टाफ सहित प्रतिदिन करीब 700 लोगों के लिए तीन समय भोजन बनता है। इसके लिए रोजाना लगभग छह गैस सिलिंडर की खपत होती है। फिलहाल कुछ सिलिंडर का स्टॉक है, लेकिन आगे आपूर्ति न हुई तो दाल-चावल और सब्जी चूल्हे पर बनाई जाएगी, जबकि रोटियां गैस पर सेंकी जाएंगी, ताकि बच्चों को समय पर भोजन मिल सके।
उधर जिले के छह कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में करीब 600 छात्राएं अध्ययनरत हैं। इन विद्यालयों में भी गैस सिलिंडर की कमी से भोजन व्यवस्था प्रभावित होने लगी है। बीएसए रणवीर सिंह ने बताया कि इस संबंध में जिला पूर्ति अधिकारी को पत्र भेजकर गैस आपूर्ति सुनिश्चित कराने का अनुरोध किया गया है।
अन्नपूर्णा भोजनालय की व्यवस्था भी प्रभावित
मेडिकल कॉलेज परिसर में संचालित अन्नपूर्णा भोजनालय में प्रतिदिन सुबह-शाम एक हजार से अधिक जरूरतमंदों को निशुल्क भोजन कराया जाता है। गैस सिलिंडर न मिलने से यहां भी व्यवस्था प्रभावित होने लगी है। संस्था से जुड़े अमित प्रिय जैन ने बताया कि अभी तक सहयोगियों से सिलिंडर लेकर काम चल रहा था, लेकिन अब वह भी उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। डीजल भट्टी मंगाने का ऑर्डर दिया गया है। तब तक अस्थायी रूप से भट्टी पर खिचड़ी बनाकर भोजन वितरण किया जाएगा।
टिफिन सेंटर संचालकों के सामने संकट
शहर में संचालित करीब आधा दर्जन टिफिन सेंटर भी गैस संकट से जूझ रहे हैं। संचालक उमेश पंथ ने बताया कि प्रतिदिन 50 से 60 टिफिन तैयार किए जाते हैं, लेकिन सिलिंडर न मिलने से दिक्कत बढ़ गई है। मजबूरी में भट्टी तैयार कराकर उसी पर खाना बनवाया जाएगा। इसी तरह महेंद्र साहू और दीपक राठौर ने बताया कि वे रोज करीब 40 टिफिन तैयार कराते थे, लेकिन गैस न मिलने से अब भट्टी पर भोजन बनाकर टिफिन सप्लाई करनी पड़ रही है।
ऑनलाइन बुकिंग में भी आ रही दिक्कत
उपभोक्ताओं को गैस सिलिंडर की ऑनलाइन बुकिंग में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डेम रोड कॉलोनी निवासी पीसी जैन ने बताया कि शनिवार सुबह से इंडियन कंपनी का सिलिंडर बुक करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बुकिंग नहीं हो पा रही। वहीं सौरभ जैन ने बताया कि दो दिन से ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो रही, जिसके कारण एजेंसी पर जाकर रजिस्टर में बुकिंग करानी पड़ी।
डीएम ने दिए सख्त निर्देश
जिलाधिकारी सत्यप्रकाश ने गैस एजेंसी संचालकों के साथ बैठक कर गैस आपूर्ति समय से सुनिश्चित करने और ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ‘पहले बुकिंग, पहले आपूर्ति’ के सिद्धांत का पालन किया जाए और ओटीपी के माध्यम से गैस सिलिंडर का वितरण किया जाए। डीएम ने कहा कि हॉकर के माध्यम से शत-प्रतिशत होम डिलीवरी सुनिश्चित की जाए। उपभोक्ताओं को गैस सिलिंडर तौलकर दिया जाए और मूल्य अंकित पर्ची उपलब्ध कराई जाए। अधिक मूल्य वसूली, कालाबाजारी या जमाखोरी की शिकायत मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
डीएसओ बोले : जल्द सामान्य होगी स्थिति
जिला पूर्ति अधिकारी उमेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि सरकारी आवासीय विद्यालयों को 14 किलोग्राम के सिलिंडर दिए जाते हैं और उन्हें रोके जाने का कोई निर्देश नहीं है। कस्तूरबा विद्यालयों के संबंध में बीएसए का पत्र अभी प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि मिस कॉल के जरिए ऑनलाइन बुकिंग में तकनीकी दिक्कत आ रही है। उपभोक्ता गूगल पे या भीम एप से भी बुकिंग करा सकते हैं। शुक्रवार को जिले की 29 गैस एजेंसियों पर एक दिन में 9,338 बुकिंग दर्ज की गई है। एक-दो दिन में स्थिति सामान्य हो जाएगी।