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Lalitpur News: भगवान राम के राज्याभिषेक की कथा सुनकर भाव विभोर हुए श्रोता
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संवाद न्यूज एजेंसी
बांसी। ललितपुर। श्रावण माह के पावन सोमवार को कस्बे के श्री लालजी मंदिर प्रांगण में नव दिवसीय श्री राम कथा का समापन बड़े धूमधाम से हुआ। कथा के अंतिम दिन कथावाचक बृजेश महाराज ने रावण वध और राम राज्याभिषेक के प्रसंग सुनाकर भक्तों को भावविभोर कर दिया।
कथा में बताया गया कि अहिरावण वध के बाद श्रीराम और रावण के बीच घोर युद्ध हुआ। जब रावण को हराना कठिन हो गया तो भगवान राम परेशान हो गए। तब विभीषण के बताने पर राम ने रावण की नाभि में छिपे अमृत को सुखाने के लिए अग्नि बाण चलाया। इससे रावण धराशायी हो गया। युद्ध के बाद श्रीराम और लक्ष्मण ने नीति और राजनीति सीखने के लिए मरणासन्न रावण के पास जाकर प्रणाम किया। रावण ने कहा अच्छे कार्य को जितनी जल्दी हो सके कर डालो, और बुरे कार्य को जितना टाल सको टालते रहो। इसके बाद रावण ने प्रभु धाम को प्रस्थान किया। इसके पश्चात सीता जी की अग्नि परीक्षा हुई और वानर सेना के साथ भगवान श्रीराम अयोध्या लौटे। अयोध्या में दीप जलाकर खुशियां मनाई गईं और गुरु वशिष्ठ द्वारा श्रीराम का राज्याभिषेक किया गया। इस दौरान महामंडलेश्वर दामोदर दास महाराज, यजमान अशोक साहू, रमेश सुमन, रवि बबेले, सतीश पुरोहित, रीतेश यादव, राहुल सुमन, संजय यादव सहित सैकड़ों श्रद्धालु कथा में उपस्थित रहे।
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बांसी। ललितपुर। श्रावण माह के पावन सोमवार को कस्बे के श्री लालजी मंदिर प्रांगण में नव दिवसीय श्री राम कथा का समापन बड़े धूमधाम से हुआ। कथा के अंतिम दिन कथावाचक बृजेश महाराज ने रावण वध और राम राज्याभिषेक के प्रसंग सुनाकर भक्तों को भावविभोर कर दिया।
कथा में बताया गया कि अहिरावण वध के बाद श्रीराम और रावण के बीच घोर युद्ध हुआ। जब रावण को हराना कठिन हो गया तो भगवान राम परेशान हो गए। तब विभीषण के बताने पर राम ने रावण की नाभि में छिपे अमृत को सुखाने के लिए अग्नि बाण चलाया। इससे रावण धराशायी हो गया। युद्ध के बाद श्रीराम और लक्ष्मण ने नीति और राजनीति सीखने के लिए मरणासन्न रावण के पास जाकर प्रणाम किया। रावण ने कहा अच्छे कार्य को जितनी जल्दी हो सके कर डालो, और बुरे कार्य को जितना टाल सको टालते रहो। इसके बाद रावण ने प्रभु धाम को प्रस्थान किया। इसके पश्चात सीता जी की अग्नि परीक्षा हुई और वानर सेना के साथ भगवान श्रीराम अयोध्या लौटे। अयोध्या में दीप जलाकर खुशियां मनाई गईं और गुरु वशिष्ठ द्वारा श्रीराम का राज्याभिषेक किया गया। इस दौरान महामंडलेश्वर दामोदर दास महाराज, यजमान अशोक साहू, रमेश सुमन, रवि बबेले, सतीश पुरोहित, रीतेश यादव, राहुल सुमन, संजय यादव सहित सैकड़ों श्रद्धालु कथा में उपस्थित रहे।
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