{"_id":"69dbf0baa3f5c8e735010e78","slug":"180-school-vehicle-details-uploaded-in-transport-camp-nautanwa-worst-maharajganj-news-c-206-1-go11002-175265-2026-04-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: परिवहन शिविर में 180 स्कूली वाहन विवरण अपलोड, नौतनवां सबसे फिसड्डी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: परिवहन शिविर में 180 स्कूली वाहन विवरण अपलोड, नौतनवां सबसे फिसड्डी
विज्ञापन
विज्ञापन
छह विकास खंडो में नौतनवां ब्लॉक फिसड्डी
एआरटीओ व शिक्षा नोडल रहे भ्रमणशील
महराजगंज। परिवहन विभाग की तरफ से रविवार कुल छह विकास खंडों में शिविर लगाकर स्कूली वाहनों का डाटा ऑनलाइन अपलोड किया गया। एआरटीओ, बेसिक शिक्षा व माध्यमिक शिक्षा परिषद के इस विशेष शिविर में 180 स्कूली वाहनों का डाटा ऑनलाइन करते हुए वाहन पर क्यूआर कोड चस्पा किया गया। नौतनवां के शिविर में सबसे कम स्कूल शामिल हुए।
जनपद के सरकारी व निजी विद्यालयों में 3000 से अधिक स्कूली वाहन संचालित किए जा रहे हैं। स्कूलों में संचालित वाहन बच्चों की सुरक्षा व मानक के लिहाज से उपयुक्त है इसे प्रमाणित करने के लिए एआरटीओ के निर्देशन में पहली अप्रैल से अभियान चला रहा है। इस क्रम में रविवार को नौतनवां, निचलौल, पनियरा, मिठौरा व लक्ष्मीपुर विकास खंड में शिविर लगाया गया। इसमें निजी व सरकारी सहित सभी स्कूलों व मदरसों को अपने स्कूल वाहनों के ऑनलाइन फीडिंग के लिए आमंत्रित किया गया। अभियान के लिए एआरटीओ कार्यालय से छह-छह कर्मियों की टीम जांच उपकरण व डिजिटल माध्यमों से लैस होकर शिविर में पहुंची। संयुक्त अभियान के बाद भी सभी छह विकास खंडों को मिलाकर 180 वाहन ही आनलाइन फीड हो सके। सर्वाधिक कमजोर प्रदर्शन नौतनवां का रहा। यहां के महज नौ वाहन ही स्कूल वाहन की श्रेणी के तहत ऑनलाइन किए गए।
आयुक्त के निर्देश पर प्रभावी अभियान
परिवहन आयुक्त के निर्देश पर स्कूल वाहनों का सुरक्षा दायरा मजबूत करने के लिए इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मैनेजमेंट पोर्टल पर डाटा फीडिंग हो रही। इसमें परमिट, फिटनेस, पंजीकरण, प्रदूषण, बीमा, स्कूल वाहन के तय मानक, वाहन रंग व वाहन उम्र जैसी जानकारी फीड हो रही। इस फीडिंग के बाद संबंधित वाहन के लिए क्यूआर कोड उपलब्ध करा दिया जा रहा जिससे भविष्य में जांच के दौरान विभागीय टीम इसे स्कैन कर संपूर्ण विवरण जान सके। उक्त पोर्टल पर फीड जानकारी परिवहन आयुक्त के अलावा संबंधित जिले के डीएम, आरटीओ, एआरटीओ,डीआईओएस, बीएसए, डीएमओ, ट्रैफिक इंस्पेक्टर, एसएमसी सदस्य व अभिभावक देख सकते।
शपथपत्र में फंस रहा पेंच
स्कूलों की संख्या के सापेक्ष वाहनों की फीडिंग कराने के प्रति स्कूलों में रुचि इसलिए नहीं है। कारण कि उक्त विवरण दर्ज कराने के लिए स्कूल प्रबंधक अथवा प्रधानाचार्य से शपथ पत्र लिया जा रहा है कि सभी विवरण उनकी उपस्थिति में फीड हुए। भविष्य में अगर जांच के दौरान उक्त जानकारी गलत हुई तो विभाग को कार्रवाई का अधिकार होगा। सूत्र बताते हैं कि अधिकतर स्कूल वाहन तय मानक की कौन कहे बिना परमिट संचालित हो रहे हैं। ऐसे में शपथपत्र देने के बाद गड़बड़ी मिलती तो वह कार्रवाई के दायरे में आएंगे।
जिले के छह विकास खंड में लगे शिविर की फीडिंग प्रक्रिया भ्रमणशील रहते हुई जांची गई। जनपद के सभी 278 माध्यमिक स्कूलों को फीडिंग कराने के लिए कहा गया है।
वर्जन
नौतनवां व निचलौल के शिविर का निरीक्षण किया गया। फीडिंग के प्रति अभी भी स्कूल लापरवाह बने हुए हैं। यह सहूलियत सिर्फ 15 अप्रैल तक दी गई है। इसके बाद वृहद अभियान चलाकर मानक विहीन स्कूल वाहन सीज किए जाएंगे व मान्यता छीनने की संस्तुति संबंधित बोर्ड व डीएम के मार्फत कराई जाएगी। -मनोज कुमार सिंह, एआरटीओ, महराजगंज।
Trending Videos
एआरटीओ व शिक्षा नोडल रहे भ्रमणशील
महराजगंज। परिवहन विभाग की तरफ से रविवार कुल छह विकास खंडों में शिविर लगाकर स्कूली वाहनों का डाटा ऑनलाइन अपलोड किया गया। एआरटीओ, बेसिक शिक्षा व माध्यमिक शिक्षा परिषद के इस विशेष शिविर में 180 स्कूली वाहनों का डाटा ऑनलाइन करते हुए वाहन पर क्यूआर कोड चस्पा किया गया। नौतनवां के शिविर में सबसे कम स्कूल शामिल हुए।
जनपद के सरकारी व निजी विद्यालयों में 3000 से अधिक स्कूली वाहन संचालित किए जा रहे हैं। स्कूलों में संचालित वाहन बच्चों की सुरक्षा व मानक के लिहाज से उपयुक्त है इसे प्रमाणित करने के लिए एआरटीओ के निर्देशन में पहली अप्रैल से अभियान चला रहा है। इस क्रम में रविवार को नौतनवां, निचलौल, पनियरा, मिठौरा व लक्ष्मीपुर विकास खंड में शिविर लगाया गया। इसमें निजी व सरकारी सहित सभी स्कूलों व मदरसों को अपने स्कूल वाहनों के ऑनलाइन फीडिंग के लिए आमंत्रित किया गया। अभियान के लिए एआरटीओ कार्यालय से छह-छह कर्मियों की टीम जांच उपकरण व डिजिटल माध्यमों से लैस होकर शिविर में पहुंची। संयुक्त अभियान के बाद भी सभी छह विकास खंडों को मिलाकर 180 वाहन ही आनलाइन फीड हो सके। सर्वाधिक कमजोर प्रदर्शन नौतनवां का रहा। यहां के महज नौ वाहन ही स्कूल वाहन की श्रेणी के तहत ऑनलाइन किए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
आयुक्त के निर्देश पर प्रभावी अभियान
परिवहन आयुक्त के निर्देश पर स्कूल वाहनों का सुरक्षा दायरा मजबूत करने के लिए इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मैनेजमेंट पोर्टल पर डाटा फीडिंग हो रही। इसमें परमिट, फिटनेस, पंजीकरण, प्रदूषण, बीमा, स्कूल वाहन के तय मानक, वाहन रंग व वाहन उम्र जैसी जानकारी फीड हो रही। इस फीडिंग के बाद संबंधित वाहन के लिए क्यूआर कोड उपलब्ध करा दिया जा रहा जिससे भविष्य में जांच के दौरान विभागीय टीम इसे स्कैन कर संपूर्ण विवरण जान सके। उक्त पोर्टल पर फीड जानकारी परिवहन आयुक्त के अलावा संबंधित जिले के डीएम, आरटीओ, एआरटीओ,डीआईओएस, बीएसए, डीएमओ, ट्रैफिक इंस्पेक्टर, एसएमसी सदस्य व अभिभावक देख सकते।
शपथपत्र में फंस रहा पेंच
स्कूलों की संख्या के सापेक्ष वाहनों की फीडिंग कराने के प्रति स्कूलों में रुचि इसलिए नहीं है। कारण कि उक्त विवरण दर्ज कराने के लिए स्कूल प्रबंधक अथवा प्रधानाचार्य से शपथ पत्र लिया जा रहा है कि सभी विवरण उनकी उपस्थिति में फीड हुए। भविष्य में अगर जांच के दौरान उक्त जानकारी गलत हुई तो विभाग को कार्रवाई का अधिकार होगा। सूत्र बताते हैं कि अधिकतर स्कूल वाहन तय मानक की कौन कहे बिना परमिट संचालित हो रहे हैं। ऐसे में शपथपत्र देने के बाद गड़बड़ी मिलती तो वह कार्रवाई के दायरे में आएंगे।
जिले के छह विकास खंड में लगे शिविर की फीडिंग प्रक्रिया भ्रमणशील रहते हुई जांची गई। जनपद के सभी 278 माध्यमिक स्कूलों को फीडिंग कराने के लिए कहा गया है।
वर्जन
नौतनवां व निचलौल के शिविर का निरीक्षण किया गया। फीडिंग के प्रति अभी भी स्कूल लापरवाह बने हुए हैं। यह सहूलियत सिर्फ 15 अप्रैल तक दी गई है। इसके बाद वृहद अभियान चलाकर मानक विहीन स्कूल वाहन सीज किए जाएंगे व मान्यता छीनने की संस्तुति संबंधित बोर्ड व डीएम के मार्फत कराई जाएगी। -मनोज कुमार सिंह, एआरटीओ, महराजगंज।