{"_id":"69600f7014bdf2bce908dce0","slug":"contaminated-water-coming-out-from-india-brand-hand-pump-responsible-unaware-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-168695-2026-01-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: इंडिया मार्का हैडपंप से निकल रहा दूषित पानी, जिम्मेदार बेखबर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: इंडिया मार्का हैडपंप से निकल रहा दूषित पानी, जिम्मेदार बेखबर
विज्ञापन
विज्ञापन
निचलौल। नौतनवा ब्लॉक क्षेत्र के गांव शीशगढ़ में लगे इंडिया मार्का हैंडपंप से दूषित पानी निकल रहा है। यह पानी लोगों के सेहत पर बुरा असर डाल रहा है। ग्रामीणों को संक्रमण की आशंका सता रही है। हैंडपंपों को दुरुस्त करने की कई बार गुहार लगाने के बाद भी जिम्मेदारों से उदासीन बने हुए हैं। लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
ग्रामीण अशोक चौधरी, राजमंगल, संजय, राम प्रताप मद्धेशिया, रामरक्षा चौधरी, कैलाश, तीर्थराज आदि ने बताया कि गांव के साथ ही लक्ष्मीपुर और खैरटवा टोला भी यह समस्या है। गांव की आबादी करीब 4500 के करीब है। अनुमान के मुताबिक, गांव में लोगों को शुद्ध पेयजल और इंसेफेलाइटिस जैसे रोगों के रोकथाम के लिए 28 इंडिया मार्का हैडपंप लगाया गया है। जिम्मेदारों का दावा है कि इंडिया मार्का हैंडपंपों से लोगों को शुद्ध पानी मुहैया कराया जा रहा है लेकिन हकीकत यह है कि यह सरकारी हैंडपंप खुद ही बीमार हो चुके हैं। कई इंडिया मार्का हैंडपंप दूषित पानी दे रहे हैं। कई जगह हैंडपंप से कीड़े निकलने की शिकायत है।
ग्रामीणों ने आगे बताया कि देसी हैंडपंपों का पानी पीने की बजाए अगर इंडिया मार्का हैंडपंपों के पानी का उपयोग करें तो जलजनित बीमारियों पर रोकथाम संभव है। लेकिन जिन इंडिया मार्का हैंडपंपों पर हर साल लाखों की रकम खर्च कर भरोसा जताया जाता है। उनसे दूषित पानी निकल रहा है। ऐसे में यह पानी पीने वालों के बीमार होने की आशंका है।
नौतनवा विकास खंड अधिकारी अमित कुमार ने बताया कि लोगों शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के लिए हैंडपंपों को रीबोर और मरम्मत कराया जाता है। अगर हैंडपंप खराब हो चुके है तो उन्हें चिह्नित कर दुरुस्त कराने के लिए ग्राम सचिव को निर्देशित किया जाएगा।
Trending Videos
ग्रामीण अशोक चौधरी, राजमंगल, संजय, राम प्रताप मद्धेशिया, रामरक्षा चौधरी, कैलाश, तीर्थराज आदि ने बताया कि गांव के साथ ही लक्ष्मीपुर और खैरटवा टोला भी यह समस्या है। गांव की आबादी करीब 4500 के करीब है। अनुमान के मुताबिक, गांव में लोगों को शुद्ध पेयजल और इंसेफेलाइटिस जैसे रोगों के रोकथाम के लिए 28 इंडिया मार्का हैडपंप लगाया गया है। जिम्मेदारों का दावा है कि इंडिया मार्का हैंडपंपों से लोगों को शुद्ध पानी मुहैया कराया जा रहा है लेकिन हकीकत यह है कि यह सरकारी हैंडपंप खुद ही बीमार हो चुके हैं। कई इंडिया मार्का हैंडपंप दूषित पानी दे रहे हैं। कई जगह हैंडपंप से कीड़े निकलने की शिकायत है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीणों ने आगे बताया कि देसी हैंडपंपों का पानी पीने की बजाए अगर इंडिया मार्का हैंडपंपों के पानी का उपयोग करें तो जलजनित बीमारियों पर रोकथाम संभव है। लेकिन जिन इंडिया मार्का हैंडपंपों पर हर साल लाखों की रकम खर्च कर भरोसा जताया जाता है। उनसे दूषित पानी निकल रहा है। ऐसे में यह पानी पीने वालों के बीमार होने की आशंका है।
नौतनवा विकास खंड अधिकारी अमित कुमार ने बताया कि लोगों शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के लिए हैंडपंपों को रीबोर और मरम्मत कराया जाता है। अगर हैंडपंप खराब हो चुके है तो उन्हें चिह्नित कर दुरुस्त कराने के लिए ग्राम सचिव को निर्देशित किया जाएगा।