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Maharajganj News: ऑनलाइन दवा बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की मांग
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महराजगंज। कलक्ट्रेट परिसर में केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष ज्ञानेंद्र नाथ द्विवेदी के नेतृत्व में दवा विक्रेताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
जिलाध्यक्ष ज्ञानेंद्र नाथ द्विवेदी ने कहा कि इंटरनेट के माध्यम से बिना स्पष्ट वैधानिक प्रावधान के दवाओं की बिक्री, फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन, बिना चिकित्सकीय परामर्श के दवाओं की होम डिलीवरी और ऑनलाइन कंपनियों द्वारा दी जा रही भारी छूट जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है।
व्यापारियों का आरोप है कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 और नियम 1945 में ऑनलाइन दवा बिक्री का स्पष्ट प्रावधान नहीं होने के बावजूद विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म वर्षों से दवाओं की बिक्री कर रहे हैं।
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दवा व्यापारियों ने वर्ष 2018 में जारी अधिसूचना और कोविड काल का हवाला देते हुए कहा कि वर्तमान सामान्य परिस्थितियों में इनका दुरुपयोग क्विक कॉमर्स और ऑनलाइन कंपनियों द्वारा अनियंत्रित होम डिलीवरी के लिए किया जा रहा है। ज्ञापन में कहा गया कि इस संबंध में कई बार केंद्र सरकार और संबंधित विभागों को प्रमाण सहित शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
एसोसिएशन ने मांग की कि ऑनलाइन दवा बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए, बिना सत्यापित ई-प्रिस्क्रिप्शन के दवाओं की बिक्री और होम डिलीवरी प्रतिबंधित की जाए और ऑनलाइन कंपनियों की डीप डिस्काउंटिंग और प्रीडेटरी प्राइसिंग नीति पर रोक लगाई जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान संजीव कश्यप, आलोक त्रिपाठी, सुनील कुमार गुप्ता, निखिल, मोहित, ठाकुर शरद श्रीवास्तव, संजय कुमार पांडेय समेत अन्य दवा व्यापारी मौजूद रहे।
जिलाध्यक्ष ज्ञानेंद्र नाथ द्विवेदी ने कहा कि इंटरनेट के माध्यम से बिना स्पष्ट वैधानिक प्रावधान के दवाओं की बिक्री, फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन, बिना चिकित्सकीय परामर्श के दवाओं की होम डिलीवरी और ऑनलाइन कंपनियों द्वारा दी जा रही भारी छूट जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है।
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व्यापारियों का आरोप है कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 और नियम 1945 में ऑनलाइन दवा बिक्री का स्पष्ट प्रावधान नहीं होने के बावजूद विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म वर्षों से दवाओं की बिक्री कर रहे हैं।
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एसोसिएशन ने मांग की कि ऑनलाइन दवा बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए, बिना सत्यापित ई-प्रिस्क्रिप्शन के दवाओं की बिक्री और होम डिलीवरी प्रतिबंधित की जाए और ऑनलाइन कंपनियों की डीप डिस्काउंटिंग और प्रीडेटरी प्राइसिंग नीति पर रोक लगाई जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान संजीव कश्यप, आलोक त्रिपाठी, सुनील कुमार गुप्ता, निखिल, मोहित, ठाकुर शरद श्रीवास्तव, संजय कुमार पांडेय समेत अन्य दवा व्यापारी मौजूद रहे।