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Maharajganj News: लालच देकर जमा करा लिए रुपये...भुगतान में कर रहे आनाकानी
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300 लोगों ने ठूठीबारी स्थित एक निजी बैंक में जमा किए हैं रुपये
ठूठीबारी। गोरखपुर स्थित एक निजी बैंक की ठूठीबारी शाखा के जमाकर्ताओं ने बैंक प्रबंधन पर रकम का भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया है। बैंक की शाखा 2017 में खुली थी। तब लोगों को बेहतर रिटर्न का लालच देकर पैसे जमा कराए गए थे। जमाकर्ताओं का आरोप है कि अब बैंक के जिम्मेदार रुपये निकासी में आनाकानी कर रहे हैं। जमाकर्ताओं ने शुक्रवार को बैंक के खिलाफ प्रदर्शन कर थाने में कार्रवाई की तहरीर भी दी थी।
क्षेत्र के किसान, मजदूर समेत करीब 300 लोगों ने अपने मेहनत की कमाई को बैंक एजेंटों के बहकावे में आकर एक निजी बैंक में जमा कर दिया था। भुगतान की अवधि बीतने के बाद भी बैंक के जिम्मेदार भुगतान नहीं कर रहे हैं। रुपयों के अभाव में लोगों की खेती-बारी, शादी-विवाह, बच्चों की पढ़ाई-लिखाई पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। कोई रास्त नहीं देख खाताधारक अब बैंक प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। खाताधारकों की शिकायत पर पुलिस कानूनी प्रकिया पूरी करते हुए जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपने की बात कह रही है।
जानकारी के अनुसार, गोरखपुर के एक निजी बैंक की शाखा ठूठीबारी में 13 सितंबर 2017 से संचालित है। बैंक प्रबंधन ने शुरू में कमीशन के आधार पर करीब एक दर्जन क्षेत्र के नवयुवकों को एजेंट बनाया गया। एजेंट जितना अधिक रुपये जमा कराते थे उतना अधिक उनको कमीशन मिलता था। कमीशन के चक्कर में एजेंटों ने मजदूर, दुकानदार, किसानों को प्रोत्साहित कर रोजाना या महीने में खाता खोलवाकर रुपये जमा कराए और खाताधारकों को साल भर में बेहतर रिटर्न का वादा कर मूलधन सहित एकमुश्त भुगतान का आश्वासन दिया। आठ साल तक बैंक प्रबंधन ने खाताधारकों को बताए नियमों के अनुसार, पैसों का लेनदेन किया और विश्वास हासिल कर लोगों को रुपये जमा करने के लिए प्रोत्साहित किया। जरूरत पड़ने पर लोन भी दिया।
2025 से बैंक की स्थिति खराब होने लगी और खाताधारकों को भुगतान करने की बजाए तारीख पर तारीख दिया जाने लगा। बैंक प्रबंधन खाताधारकों के जमा रुपये देने में आनाकानी करने लगा। इसको लेकर 17 अप्रैल को खाताधारक बैंक की शाखा पर प्रदर्शन करते हुए ठूठीबारी कोतवाली पुलिस को शिकायती पत्र दिया था। खाताधारक दुधनाथ मौर्य, अनिल वर्मा, शत्रुघ्न प्रजापति, गीता देवी, विश्वनाथ प्रसाद गुप्त, गोविन्द चौहान, लक्ष्मण रौनियार, अंजनी गुप्ता, मीना गुप्ता, मैनुद्दिन, अनीता गुप्ता, रिंकी मोदनवाल, मेराज कुरैशी, किरन गुप्ता, सुशीला, मीरा, प्रभावती, अंशु, सुबोध, जाहिदा, अलीअहमद, नेबूलाल, अनिल यादव ने बताया कि खेतीबारी, बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, शादी विवाह का दिन चल रहा है। बड़ी उम्मीद से 100-200 रुपये करके रुपये जमा किए थे। भरोसा था कि समय पर जमा रुपये मिल जाएंगे। अब हम खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
वर्जन
मेरी किराना स्टोर की दुकान है। मैंने बैंक में 76,230 रुपये जमा किया था। समय पूरा होने के बाद भी भुगतान नहीं किया जा रहा है।
-कृष्णा मुरारी, रौनियार
................
एजेंट ने ज्यादा ब्याज देने का लालच देकर पैसे जमा करा लिए। मैंने 52,016 रुपये जमा किया है। लेकिन अब भुगतान नहीं किया जा रहा है।
-मनोहर खरवार, धरमौली ठूठीबारी
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मैंने 67300 रुपये जमा किया था। खाता खुलवाने के समय तो एजेंट ने बड़े-बड़े वादे किए थे लेकिन अब भुगतान नहीं किया जा रहा है।
-सूरज कुमार, ठूठीबारी .
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थोड़ा-थोड़ा पैसा जमा करने की लालच में मैं भी आ गया। एजेंट ने कहा कि थोड़ा-थोड़ा पैसा जमा करके बड़ा काम किया जा सकता है। उसके झांसे में आकर मैंने 1,79,600 रुपये जमा कर दिया। अब भुगतान नहीं मिल रहा है।
-अजीम आलम, ठूठीबारी रामनगर
खाताधारकों की शिकायती पत्र पर बैंक के खिलाफ रिपोर्ट तैयार कर अग्रिम कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को सौंप दिया जाएगा। मामले में जांच प्रक्रिया जारी है।
-बसंत सिंह, निचलौल क्षेत्राधिकारी
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ठूठीबारी। गोरखपुर स्थित एक निजी बैंक की ठूठीबारी शाखा के जमाकर्ताओं ने बैंक प्रबंधन पर रकम का भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया है। बैंक की शाखा 2017 में खुली थी। तब लोगों को बेहतर रिटर्न का लालच देकर पैसे जमा कराए गए थे। जमाकर्ताओं का आरोप है कि अब बैंक के जिम्मेदार रुपये निकासी में आनाकानी कर रहे हैं। जमाकर्ताओं ने शुक्रवार को बैंक के खिलाफ प्रदर्शन कर थाने में कार्रवाई की तहरीर भी दी थी।
क्षेत्र के किसान, मजदूर समेत करीब 300 लोगों ने अपने मेहनत की कमाई को बैंक एजेंटों के बहकावे में आकर एक निजी बैंक में जमा कर दिया था। भुगतान की अवधि बीतने के बाद भी बैंक के जिम्मेदार भुगतान नहीं कर रहे हैं। रुपयों के अभाव में लोगों की खेती-बारी, शादी-विवाह, बच्चों की पढ़ाई-लिखाई पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। कोई रास्त नहीं देख खाताधारक अब बैंक प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। खाताधारकों की शिकायत पर पुलिस कानूनी प्रकिया पूरी करते हुए जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपने की बात कह रही है।
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जानकारी के अनुसार, गोरखपुर के एक निजी बैंक की शाखा ठूठीबारी में 13 सितंबर 2017 से संचालित है। बैंक प्रबंधन ने शुरू में कमीशन के आधार पर करीब एक दर्जन क्षेत्र के नवयुवकों को एजेंट बनाया गया। एजेंट जितना अधिक रुपये जमा कराते थे उतना अधिक उनको कमीशन मिलता था। कमीशन के चक्कर में एजेंटों ने मजदूर, दुकानदार, किसानों को प्रोत्साहित कर रोजाना या महीने में खाता खोलवाकर रुपये जमा कराए और खाताधारकों को साल भर में बेहतर रिटर्न का वादा कर मूलधन सहित एकमुश्त भुगतान का आश्वासन दिया। आठ साल तक बैंक प्रबंधन ने खाताधारकों को बताए नियमों के अनुसार, पैसों का लेनदेन किया और विश्वास हासिल कर लोगों को रुपये जमा करने के लिए प्रोत्साहित किया। जरूरत पड़ने पर लोन भी दिया।
2025 से बैंक की स्थिति खराब होने लगी और खाताधारकों को भुगतान करने की बजाए तारीख पर तारीख दिया जाने लगा। बैंक प्रबंधन खाताधारकों के जमा रुपये देने में आनाकानी करने लगा। इसको लेकर 17 अप्रैल को खाताधारक बैंक की शाखा पर प्रदर्शन करते हुए ठूठीबारी कोतवाली पुलिस को शिकायती पत्र दिया था। खाताधारक दुधनाथ मौर्य, अनिल वर्मा, शत्रुघ्न प्रजापति, गीता देवी, विश्वनाथ प्रसाद गुप्त, गोविन्द चौहान, लक्ष्मण रौनियार, अंजनी गुप्ता, मीना गुप्ता, मैनुद्दिन, अनीता गुप्ता, रिंकी मोदनवाल, मेराज कुरैशी, किरन गुप्ता, सुशीला, मीरा, प्रभावती, अंशु, सुबोध, जाहिदा, अलीअहमद, नेबूलाल, अनिल यादव ने बताया कि खेतीबारी, बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, शादी विवाह का दिन चल रहा है। बड़ी उम्मीद से 100-200 रुपये करके रुपये जमा किए थे। भरोसा था कि समय पर जमा रुपये मिल जाएंगे। अब हम खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
वर्जन
मेरी किराना स्टोर की दुकान है। मैंने बैंक में 76,230 रुपये जमा किया था। समय पूरा होने के बाद भी भुगतान नहीं किया जा रहा है।
-कृष्णा मुरारी, रौनियार
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एजेंट ने ज्यादा ब्याज देने का लालच देकर पैसे जमा करा लिए। मैंने 52,016 रुपये जमा किया है। लेकिन अब भुगतान नहीं किया जा रहा है।
-मनोहर खरवार, धरमौली ठूठीबारी
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मैंने 67300 रुपये जमा किया था। खाता खुलवाने के समय तो एजेंट ने बड़े-बड़े वादे किए थे लेकिन अब भुगतान नहीं किया जा रहा है।
-सूरज कुमार, ठूठीबारी .
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थोड़ा-थोड़ा पैसा जमा करने की लालच में मैं भी आ गया। एजेंट ने कहा कि थोड़ा-थोड़ा पैसा जमा करके बड़ा काम किया जा सकता है। उसके झांसे में आकर मैंने 1,79,600 रुपये जमा कर दिया। अब भुगतान नहीं मिल रहा है।
-अजीम आलम, ठूठीबारी रामनगर
खाताधारकों की शिकायती पत्र पर बैंक के खिलाफ रिपोर्ट तैयार कर अग्रिम कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को सौंप दिया जाएगा। मामले में जांच प्रक्रिया जारी है।
-बसंत सिंह, निचलौल क्षेत्राधिकारी

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