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Maharajganj News: खाड़ी देशों में युद्ध से प्लास्टिक व क्राकरी के उत्पाद हुए महंगे
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100 रुपये में छह पीस बिकने वाला पानी की बोतल अब बिक रहा 140 रुपये में
20 फीसदी तक बढ़ गए प्लास्टिक से बने उत्पादों के दाम
महराजगंज। खाड़ी देशों में तनावपूर्ण माहौल व युद्ध के हालात का असर स्थानीय स्तर तक दिख रहा है। पेट्रोलियम पदार्थों के बाद अब इसका प्रभाव प्लास्टिक के उत्पादों पर भी नजर आने लगा है। महज दो महीने में प्लास्टिक व क्राकरी उत्पाद के मूल्य 20 फीसदी तक बढ़ गए हैं। पहले फ्रिज में पानी रखने के लिए इस्तेमाल होने वाली साधारण बोतल 100 रुपये में छह पीस मिल जाती थी। अब इसका बढ़कर 140 रुपये तक पहुंच गया है।
अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच युद्ध में इस समय भले ही सीजफायर की स्थिति हो लेकिन हालात अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो सके हैं। जनपद के प्लास्टिक उत्पाद बिक्री के थोक कारोबारी आत्माराम गुप्ता ने बताया युद्ध का व्यापक असर जिले के कारोबार पर भी देखने को मिल रहा है। कच्चे माल की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण प्लास्टिक निर्मित उत्पाद मूल्य बढ़े हैं। उन्होंने बताया कि रोजमर्रा की चीजों प्लास्टिक का थाली-दोना, पत्तल, क्राकरी उत्पाद महंगे हुए हैं। इससे लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ा है। ऑफिसर्स काॅलोनी के पास कारोबार करने वाले आशुतोष पटेल ने बताया कि सहालग के साथ अप्रैल से नया शिक्षा सत्र भी शुरू है।
बाजार में भले ही रौनक दिखाई दे रही है लेकिन प्लास्टिक सामग्री के दाम बढ़ने से बिक्री घटी है। कच्चे माल का आयात प्रभावित होने से प्लास्टिक के दामों में महंगाई तो देखने को मिल रही है। प्लास्टिक गिलास, प्लेट, कटोरी और चम्मच के दामों में बढ़ोतरी हुई है। पिंटू गुप्ता ने बताया कि प्लास्टिक सामग्रियों के रेट थोक में मिल रहे महंगे रेट के चलते बढ़ाने की मजबूरी है। स्कूली बच्चों के पानी बाटल, टिफिन जैसे उत्पाद भी महंगे हो गए हैं।
प्लास्टिक डिनरसेट की बिक्री घटी
सहालग में बिटिया की विदाई में दिए जाने वाले बर्तन आइटम स्टील, एल्यूमीनियम व पीतल की महंगाई के कारण ठोस प्लास्टिक से निर्मित डिनर सेट अधिक बिक रहे थे। लेकिन दो महीने से चल रहे युद्ध ने प्लास्टिक निर्मित डिनर सेट, कैरोल, पानी स्टोर करने वाले प्लास्टिक ड्रम यहां तक कि प्लास्टिक टैंक भी महंगे हो गए हैं। इस वजह से इनकी बिक्री में गिरावट हुई है। अनिल कुमार विश्वकर्मा व अमित वर्मा ने बताया प्लास्टिक उत्पाद से बने बर्तन पहले की अपेक्षा महंगे हुए हैं।
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20 फीसदी तक बढ़ गए प्लास्टिक से बने उत्पादों के दाम
महराजगंज। खाड़ी देशों में तनावपूर्ण माहौल व युद्ध के हालात का असर स्थानीय स्तर तक दिख रहा है। पेट्रोलियम पदार्थों के बाद अब इसका प्रभाव प्लास्टिक के उत्पादों पर भी नजर आने लगा है। महज दो महीने में प्लास्टिक व क्राकरी उत्पाद के मूल्य 20 फीसदी तक बढ़ गए हैं। पहले फ्रिज में पानी रखने के लिए इस्तेमाल होने वाली साधारण बोतल 100 रुपये में छह पीस मिल जाती थी। अब इसका बढ़कर 140 रुपये तक पहुंच गया है।
अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच युद्ध में इस समय भले ही सीजफायर की स्थिति हो लेकिन हालात अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो सके हैं। जनपद के प्लास्टिक उत्पाद बिक्री के थोक कारोबारी आत्माराम गुप्ता ने बताया युद्ध का व्यापक असर जिले के कारोबार पर भी देखने को मिल रहा है। कच्चे माल की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण प्लास्टिक निर्मित उत्पाद मूल्य बढ़े हैं। उन्होंने बताया कि रोजमर्रा की चीजों प्लास्टिक का थाली-दोना, पत्तल, क्राकरी उत्पाद महंगे हुए हैं। इससे लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ा है। ऑफिसर्स काॅलोनी के पास कारोबार करने वाले आशुतोष पटेल ने बताया कि सहालग के साथ अप्रैल से नया शिक्षा सत्र भी शुरू है।
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बाजार में भले ही रौनक दिखाई दे रही है लेकिन प्लास्टिक सामग्री के दाम बढ़ने से बिक्री घटी है। कच्चे माल का आयात प्रभावित होने से प्लास्टिक के दामों में महंगाई तो देखने को मिल रही है। प्लास्टिक गिलास, प्लेट, कटोरी और चम्मच के दामों में बढ़ोतरी हुई है। पिंटू गुप्ता ने बताया कि प्लास्टिक सामग्रियों के रेट थोक में मिल रहे महंगे रेट के चलते बढ़ाने की मजबूरी है। स्कूली बच्चों के पानी बाटल, टिफिन जैसे उत्पाद भी महंगे हो गए हैं।
प्लास्टिक डिनरसेट की बिक्री घटी
सहालग में बिटिया की विदाई में दिए जाने वाले बर्तन आइटम स्टील, एल्यूमीनियम व पीतल की महंगाई के कारण ठोस प्लास्टिक से निर्मित डिनर सेट अधिक बिक रहे थे। लेकिन दो महीने से चल रहे युद्ध ने प्लास्टिक निर्मित डिनर सेट, कैरोल, पानी स्टोर करने वाले प्लास्टिक ड्रम यहां तक कि प्लास्टिक टैंक भी महंगे हो गए हैं। इस वजह से इनकी बिक्री में गिरावट हुई है। अनिल कुमार विश्वकर्मा व अमित वर्मा ने बताया प्लास्टिक उत्पाद से बने बर्तन पहले की अपेक्षा महंगे हुए हैं।