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Maharajganj News: अधूरे व बदहाल पड़े हैं अधिकांश अमृत सरोवर, जिम्मेदार बेपरवाह

Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 29 Apr 2026 02:51 AM IST
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Most of the Amrit Sarovar are lying incomplete and in bad condition, the responsible people are careless.
बागापार में अधूरा पड़ा अमृत सरोवर।  
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कहीं क्षतिग्रस्त हैं सीढ़ियां तो कहीं सरोवर में गिरकर हो गई हैं विलीन
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लखिमा थरुआ गांव में अमृत सरोवर में गिर गया है ग्राम सचिवालय भवन का एक हिस्सा

सिंदुरिया। सदर क्षेत्र के विभिन्न गांवों में आधे-अधूरे बनाए गए अमृत सरोवर प्रशासन के कागजी दावों की पोल खोल रहे हैं। अधिकांश अमृत सरोवरों की स्थिति ठीक नहीं है। कहीं बजट की कमी से अमृत सरोवर का निर्माण अधूरा है, तो कुछ जगहों पर सफाई के अभाव में सरोवर व उसकी सीढ़ियां घास-फूस से पटी हुई हैं।
रविवार को संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में अमृत सरोवरों के मामले में चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। बागापार, सिसवनिया, सोनरा, विजयपुर व लखिमा थरुआ के अमृत सरोवर अपूर्ण मिले तथा उनकी स्थिति भी बदहाल दिखी। लखिमा थरुआ गांव में अमृत सरोवर की उपेक्षा ने गंभीर रूप ले लिया है। तालाब का तटबंध क्षतिग्रस्त होने के कारण किनारे स्थित ग्राम सचिवालय भवन का एक हिस्सा पानी में गिर गया है। तालाब के किनारे बैठने की कोई व्यवस्था नहीं है। यहां सिर्फ दो तरफ सीढ़ियां बनाई गई हैं। अधिकांश कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते मरम्मत न होने से नुकसान और बढ़ सकता है, लेकिन जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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सोनरा गांव में अमृत सरोवर की स्थिति दयनीय बनी हुई है। तालाब के चारों ओर सीढ़ियों का निर्माण अधूरा है। केवल दो तरफ बनी सीढ़ियां भी घास-फूस से पट चुकी हैं। नियमित सफाई न होने के कारण परिसर में गंदगी पसरी हुई है। बैठने के लिए मात्र एक स्थान पर व्यवस्था की गई है लेकिन वहां भी सफाई का अभाव है। ग्रामीणों का कहना है कि सरोवर का निर्माण तो किया गया लेकिन उसकी देखरेख नहीं होने से लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।

सिसवनिया गांव में अमृत सरोवर योजना का असर धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा है। यहां सरोवर बदहाल स्थिति में है और सुंदरीकरण से जुड़े कार्य अधूरे पड़े हैं। शासन की योजना के तहत सीढ़ियां, पाथ-वे और सोलर लाइट की व्यवस्था की जानी थी, लेकिन अब तक इनमें से कोई कार्य पूरा नहीं हुआ है। तालाब का पानी दूषित हो चुका है और पूरा सरोवर घास-फूस से पटा हुआ है।

बैठने की व्यवस्था न पेड़-पौधे, अधूरा है बागापार का अमृत सरोवर



बागापार में अमृत सरोवर का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। सरोवर के नाम पर केवल मिट्टी की खोदाई कर तटबंध बनाया गया और इसके बाद काम रोक दिया गया। तालाब के चारों ओर सीढ़ियों का निर्माण अब तक पूरा नहीं हो सका है। वहीं बैठने के लिए किसी प्रकार की न तो व्यवस्था है और न ही चारों तरफ इंटरलॉकिंग का कार्य हुआ है। सरोवर परिसर में पेड़-पौधे भी नहीं लगाए गए हैं, जिससे धूप में लोगों को कोई राहत नहीं मिलती। चारों ओर फैली गंदगी योजना की अनदेखी की कहानी बयां कर रही है।



विजयपुर गांव में अमृत सरोवर का कार्य कागजों तक सीमित नजर आ रहा है। तालाब के चारों ओर का तटबंध क्षतिग्रस्त है और निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। तालाब के किनारे विद्यालय, पानी की टंकी और सामुदायिक शौचालय का निर्माण तो कराया गया है, मगर सरोवर खुद बदहाल स्थिति में है। ग्रामीणों का कहना है कि योजना के तहत कोई ठोस काम नहीं हुआ, जिससे इसका लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है।



वर्जन

अधूरे व बदहाल पड़े अमृत सरोवरों का सत्यापन कराया जाएगा। इसके बाद जो भी कमियां मिलेंगी उन्हें जल्द ठीक कराया जाएगा।



- भोलेनाथ कन्नौजिया, खंड विकास अधिकारी
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