{"_id":"6a358eb857d01d5ba2036354","slug":"one-week-rule-birth-certificate-not-being-issued-even-after-six-to-eight-months-maharajganj-news-c-206-1-mhg1001-179505-2026-06-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: एक सप्ताह का नियम, छह से आठ महीने में भी नहीं बन पा रहा जन्म प्रमाण पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: एक सप्ताह का नियम, छह से आठ महीने में भी नहीं बन पा रहा जन्म प्रमाण पत्र
विज्ञापन
नगर पालिका में जन्मप्रमाण पत्र के बारे में पता करते लोग।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
आवेदक लगा रहे नगर पालिका का चक्कर, झेल रहे परेशानी
जिम्मेदारों का तर्क- सर्वर खराब होने से हो रही है देरी
महराजगंज। नगर पालिका परिषद में जन्म प्रमाण पत्र बनवाना इन दिनों अभिभावकों के लिए सिरदर्द बन गया है। आवेदन के एक सप्ताह के अंदर प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के नियम के बावजूद लोगों को छह से आठ महीने इंतजार के बाद भी प्रमाण पत्र नहीं मिल रहे हैं। इस वजह से उन्हें विभिन्न सरकारी और शैक्षणिक कार्यों में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, नगर पालिका में जन्म प्रमाण पत्र के लिए बड़ी संख्या में आवेदन लंबित हैं। अभिभावकों का कहना है कि आवेदन किए हुए 8 से 9 महीने बीत जाने के बावजूद उन्हें प्रमाणपत्र नहीं मिला है। इसके लिए उन्हें बार-बार नगर पालिका के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
नियमों के अनुसार, बच्चे के जन्म के 21 दिनों के भीतर आवेदन किए जाने पर जन्म प्रमाण पत्र तत्काल जारी कर दिया जाता है। वहीं, जन्म के एक महीने बाद आवेदन करने पर प्रमाण पत्र की प्रक्रिया मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के माध्यम से पूरी होती है। यदि बच्चे की आयु एक वर्ष से अधिक हो जाती है तो जन्म प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया उपजिलाधिकारी स्तर से संपन्न की जाती है।
विज्ञापन
नगर पालिका के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल, मई और जून माह में प्राप्त 250 से अधिक आवेदन अभी तक लंबित हैं। इसके अलावा नगर पालिका द्वारा एसडीएम सदर कार्यालय को भेजे गए लगभग 500 आवेदन भी निस्तारण की प्रतीक्षा में हैं। इस प्रकार कुल मिलाकर 750 से अधिक आवेदन लंबित चल रहे हैं।
शासन के निर्धारित नियमों के अनुसार आवेदन के एक सप्ताह के भीतर जन्म प्रमाणपत्र जारी हो जाना चाहिए लेकिन वास्तविक स्थिति इसके विपरीत है। लंबे समय तक प्रमाण पत्र नहीं मिलने से बच्चों के स्कूल में प्रवेश, आधार कार्ड बनवाने और अन्य आवश्यक दस्तावेज तैयार कराने में कठिनाइयां उत्पन्न हो रही हैं।
कभी सर्वर तो कभी ज्यादा आवेदन के चलते होती है परेशानी
जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए सर्वर नहीं चलने के कारण प्रमाणपत्र जारी करने में दिक्कत होती है। वहीं कई बार ज्यादा आवेदन आ जाते हैं। सर्वर डाउन होने के कारण जन्म प्रमाणपत्र जारी नहीं हो पाता है। इसके चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
स्पीकअप
दोनों बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए नगर पालिका में आवेदन किया था। लगभग 8 महीने बीत चुके हैं लेकिन अभी तक जन्म प्रमाण पत्र नहीं मिल सका है। स्कूल में एडमिशन कराना है लेकिन जन्म प्र माण पत्र नहीं मिलने के कारण दिक्कत हो रही है।
- महेंद्र सिंह, निवासी राजस्थान
21 जनवरी को नगर पालिका में अपने बच्चे कमरूजमा (3) का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया था। लेकिन छह माह बीतने के बाद भी प्रमाण पत्र नहीं मिल सका है। कई बार नगर पालिका का चक्कर लगाया लेकिन समस्या जस की तस है।
-कमरुद्दीन , बिस्मिल नगर
वर्जन
आवेदन ज्यादा होने के कारण और कभी-कभी सर्वर नहीं चलने के कारण प्रमाण पत्र जारी होने में दिक्कत होती है। सर्वर चलने पर ज्यादा से ज्यादा प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। रोजाना 25 से 30 आवेदन आते है इन्हें सीरियल से ही जारी किया जाता है।
-आलोक कुमार, अधिशाषी अधिकारी, नगर पालिका
जिम्मेदारों का तर्क- सर्वर खराब होने से हो रही है देरी
महराजगंज। नगर पालिका परिषद में जन्म प्रमाण पत्र बनवाना इन दिनों अभिभावकों के लिए सिरदर्द बन गया है। आवेदन के एक सप्ताह के अंदर प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के नियम के बावजूद लोगों को छह से आठ महीने इंतजार के बाद भी प्रमाण पत्र नहीं मिल रहे हैं। इस वजह से उन्हें विभिन्न सरकारी और शैक्षणिक कार्यों में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, नगर पालिका में जन्म प्रमाण पत्र के लिए बड़ी संख्या में आवेदन लंबित हैं। अभिभावकों का कहना है कि आवेदन किए हुए 8 से 9 महीने बीत जाने के बावजूद उन्हें प्रमाणपत्र नहीं मिला है। इसके लिए उन्हें बार-बार नगर पालिका के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
नियमों के अनुसार, बच्चे के जन्म के 21 दिनों के भीतर आवेदन किए जाने पर जन्म प्रमाण पत्र तत्काल जारी कर दिया जाता है। वहीं, जन्म के एक महीने बाद आवेदन करने पर प्रमाण पत्र की प्रक्रिया मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के माध्यम से पूरी होती है। यदि बच्चे की आयु एक वर्ष से अधिक हो जाती है तो जन्म प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया उपजिलाधिकारी स्तर से संपन्न की जाती है।
नगर पालिका के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल, मई और जून माह में प्राप्त 250 से अधिक आवेदन अभी तक लंबित हैं। इसके अलावा नगर पालिका द्वारा एसडीएम सदर कार्यालय को भेजे गए लगभग 500 आवेदन भी निस्तारण की प्रतीक्षा में हैं। इस प्रकार कुल मिलाकर 750 से अधिक आवेदन लंबित चल रहे हैं।
शासन के निर्धारित नियमों के अनुसार आवेदन के एक सप्ताह के भीतर जन्म प्रमाणपत्र जारी हो जाना चाहिए लेकिन वास्तविक स्थिति इसके विपरीत है। लंबे समय तक प्रमाण पत्र नहीं मिलने से बच्चों के स्कूल में प्रवेश, आधार कार्ड बनवाने और अन्य आवश्यक दस्तावेज तैयार कराने में कठिनाइयां उत्पन्न हो रही हैं।
कभी सर्वर तो कभी ज्यादा आवेदन के चलते होती है परेशानी
जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए सर्वर नहीं चलने के कारण प्रमाणपत्र जारी करने में दिक्कत होती है। वहीं कई बार ज्यादा आवेदन आ जाते हैं। सर्वर डाउन होने के कारण जन्म प्रमाणपत्र जारी नहीं हो पाता है। इसके चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
स्पीकअप
दोनों बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए नगर पालिका में आवेदन किया था। लगभग 8 महीने बीत चुके हैं लेकिन अभी तक जन्म प्रमाण पत्र नहीं मिल सका है। स्कूल में एडमिशन कराना है लेकिन जन्म प्र माण पत्र नहीं मिलने के कारण दिक्कत हो रही है।
- महेंद्र सिंह, निवासी राजस्थान
21 जनवरी को नगर पालिका में अपने बच्चे कमरूजमा (3) का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया था। लेकिन छह माह बीतने के बाद भी प्रमाण पत्र नहीं मिल सका है। कई बार नगर पालिका का चक्कर लगाया लेकिन समस्या जस की तस है।
-कमरुद्दीन , बिस्मिल नगर
वर्जन
आवेदन ज्यादा होने के कारण और कभी-कभी सर्वर नहीं चलने के कारण प्रमाण पत्र जारी होने में दिक्कत होती है। सर्वर चलने पर ज्यादा से ज्यादा प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। रोजाना 25 से 30 आवेदन आते है इन्हें सीरियल से ही जारी किया जाता है।
-आलोक कुमार, अधिशाषी अधिकारी, नगर पालिका