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Maharajganj News: 14 माह से अटका प्रस्ताव...सड़क बदहाली से एक लाख की आबादी परेशान
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एक साल से धनराशि आवंटन का इंतजार.. सड़क चौड़ीकरण में पेंच
क्षेत्र की करीब एक लाख की आबादी हो रही है परेशानी
बदहाल सड़क से करीब एक लाख की आबादी को समस्या, नियमित आवागमन करने वाले कमर दर्द से परेशान
महराजगंज। आठ किमी लंबी भुवना–पकड़ियार–कप्तानगंज मार्ग की स्थिति बदहाल हो गई है। शासन से धनराशि नहीं मिलने के कारण इस मार्ग का चौड़ीकरण 14 माह से नहीं हुआ है। दिसंबर 2024 में 24 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। क्षेत्र की करीब एक लाख की आबादी को इससे समस्या हो रही है। धनराशि आवंटन होने में अभी कुछ दिन और लग सकता है।
जानकारी के अनुसार, यह सड़क महराजगंज और कुशीनगर जिलों को जोड़ती है। रोजाना हजारों लोग इस रास्ते से जिला मुख्यालय, बाजार, अस्पताल और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आवाजाही करते हैं। लेकिन लंबे समय से मरम्मत और चौड़ीकरण नहीं होने के कारण सड़क की स्थिति बदतर होती जा रही है। जगह-जगह गिट्टियां उखड़ गई हैं, गड्ढे बन चुके हैं। नियमित आवागमन करने वाले लोगों को कमर में दर्द की समस्या हो गई है।
पकडियार के दिवाकर प्रसाद का कहना है कि वाहन चलाते समय डर बना रहता है कि कहीं गड्ढे में पहिया न फंस जाए। गुड्डू तिवारी बताते हैं कि सड़क की गिट्टियां जगह-जगह उखड़ गई हैं। बाइक से सफर करना बेहद कष्टदायक हो गया है। थोड़ी दूर चलने पर ही कमर और पीठ में दर्द होने लगता है।
इन गांव के लोगों को होती परेशानी
भुवना–पकड़ियार–कप्तानगंज मार्ग से पकड़ी यार, विशुनपुर, कोटिया, खुटा मैदान, नारायन टोला, मेदनीपुर, खानपुर, कोटवा, बिरैची, भुवनी, भुवना, चौमुखा, हसनगंज, विश्वनाथपुर, टेढ़वा समेत करीब 20 गांव जुड़े हुए हैं। इन गांवों के लोगों के लिए यही सड़क कुशीनगर और महराजगंज जिला मुख्यालय तक पहुंचने का सबसे सीधा और अहम रास्ता है। इस क्षेत्र के लोगों को परेशानी होती है। हनुमान गुप्ता, मोहन यादव, रामदयाल मल्ल और जयगोविंद सिंह का कहना है कि यह मार्ग दो जिलों को जोड़ता है। सड़क पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। कई बार दोपहिया वाहन चालक गड्ढों या उखड़ी गिट्टियों के कारण संतुलन खो बैठते हैं। भारी वाहन गुजरते समय धूल और पत्थर उड़ते हैं, जिससे राहगीरों को और परेशानी होती है।
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भुवना–पकड़ीयार होते हुए कप्तानगंज मार्ग का चौड़ीकरण प्रस्तावित है। शासन स्तर से वित्तीय व्यय समिति द्वारा इस मार्ग को टू-लेन सड़क के रूप में विकसित करने का अनुमोदन पहले ही दिया जा चुका है। हालांकि अब तक शासन की ओर से धनराशि आवंटित नहीं की गई है।
-राजकुमार मिश्रा, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, प्रांतीय खंड
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वर्तमान में सड़क बदहाल हो चुकी है। मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे और उखड़ी गिट्टियों के कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है।
-जेपी यादव, मेदनीपुर नरायन
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भुवना–पकडियार होते हुए यह सड़क कप्तानगंज, कुशीनगर को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। वर्तमान में सड़क से गुजरने पर कमर में दर्द होने लगता है। गिट्टियां उखड़ने से दुर्घटना की आशंका रहती है।
-सीताराम यादव, पकडियार विशुनपुर
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क्षेत्र की करीब एक लाख की आबादी हो रही है परेशानी
बदहाल सड़क से करीब एक लाख की आबादी को समस्या, नियमित आवागमन करने वाले कमर दर्द से परेशान
महराजगंज। आठ किमी लंबी भुवना–पकड़ियार–कप्तानगंज मार्ग की स्थिति बदहाल हो गई है। शासन से धनराशि नहीं मिलने के कारण इस मार्ग का चौड़ीकरण 14 माह से नहीं हुआ है। दिसंबर 2024 में 24 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। क्षेत्र की करीब एक लाख की आबादी को इससे समस्या हो रही है। धनराशि आवंटन होने में अभी कुछ दिन और लग सकता है।
जानकारी के अनुसार, यह सड़क महराजगंज और कुशीनगर जिलों को जोड़ती है। रोजाना हजारों लोग इस रास्ते से जिला मुख्यालय, बाजार, अस्पताल और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आवाजाही करते हैं। लेकिन लंबे समय से मरम्मत और चौड़ीकरण नहीं होने के कारण सड़क की स्थिति बदतर होती जा रही है। जगह-जगह गिट्टियां उखड़ गई हैं, गड्ढे बन चुके हैं। नियमित आवागमन करने वाले लोगों को कमर में दर्द की समस्या हो गई है।
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पकडियार के दिवाकर प्रसाद का कहना है कि वाहन चलाते समय डर बना रहता है कि कहीं गड्ढे में पहिया न फंस जाए। गुड्डू तिवारी बताते हैं कि सड़क की गिट्टियां जगह-जगह उखड़ गई हैं। बाइक से सफर करना बेहद कष्टदायक हो गया है। थोड़ी दूर चलने पर ही कमर और पीठ में दर्द होने लगता है।
इन गांव के लोगों को होती परेशानी
भुवना–पकड़ियार–कप्तानगंज मार्ग से पकड़ी यार, विशुनपुर, कोटिया, खुटा मैदान, नारायन टोला, मेदनीपुर, खानपुर, कोटवा, बिरैची, भुवनी, भुवना, चौमुखा, हसनगंज, विश्वनाथपुर, टेढ़वा समेत करीब 20 गांव जुड़े हुए हैं। इन गांवों के लोगों के लिए यही सड़क कुशीनगर और महराजगंज जिला मुख्यालय तक पहुंचने का सबसे सीधा और अहम रास्ता है। इस क्षेत्र के लोगों को परेशानी होती है। हनुमान गुप्ता, मोहन यादव, रामदयाल मल्ल और जयगोविंद सिंह का कहना है कि यह मार्ग दो जिलों को जोड़ता है। सड़क पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। कई बार दोपहिया वाहन चालक गड्ढों या उखड़ी गिट्टियों के कारण संतुलन खो बैठते हैं। भारी वाहन गुजरते समय धूल और पत्थर उड़ते हैं, जिससे राहगीरों को और परेशानी होती है।
भुवना–पकड़ीयार होते हुए कप्तानगंज मार्ग का चौड़ीकरण प्रस्तावित है। शासन स्तर से वित्तीय व्यय समिति द्वारा इस मार्ग को टू-लेन सड़क के रूप में विकसित करने का अनुमोदन पहले ही दिया जा चुका है। हालांकि अब तक शासन की ओर से धनराशि आवंटित नहीं की गई है।
-राजकुमार मिश्रा, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, प्रांतीय खंड
वर्तमान में सड़क बदहाल हो चुकी है। मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे और उखड़ी गिट्टियों के कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है।
-जेपी यादव, मेदनीपुर नरायन
भुवना–पकडियार होते हुए यह सड़क कप्तानगंज, कुशीनगर को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। वर्तमान में सड़क से गुजरने पर कमर में दर्द होने लगता है। गिट्टियां उखड़ने से दुर्घटना की आशंका रहती है।
-सीताराम यादव, पकडियार विशुनपुर
