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Maharajganj News: नेपाल में भारतीय पर्यटकों से दुर्व्यवहार, शोषण व अवैध वसूली के भी आरोप
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सीमा पर सख्ती, मामूली बातों पर कार्रवाई और डराने-धमकाने की शिकायत
पर्यटकों को जांच, पूछताछ और दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है
सोनौली। नेपाल में नई व्यवस्था लागू होने के बाद भारतीय पर्यटकों के साथ दुर्व्यवहार और सख्ती के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। सीमा से लेकर काठमांडो और पोखरा जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पर्यटकों को जांच, पूछताछ और कथित दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है। इससे पर्यटकों में भारी नाराजगी व्याप्त है।
रविवार को सोनौली सीमा पर पहुंचे दिल्ली निवासी आनंद कुमार, गाजियाबाद निवासी कृष्णा रावत, देवरिया निवासी अखिलेश पांडेय और मध्यप्रदेश के इंदौर निवासी प्रदीप कुमार ने बताया कि वे काठमांडो और पोखरा घूमकर लौट रहे हैं। बताया कि भारतीय पर्यटकों के साथ दुर्व्यवहार, शोषण और बदसलूकी बढ़ गई है। यात्रियों ने बताया कि बिना किसी ठोस कारण के उनसे अतिरिक्त रुपयों की मांग की जा रही थी। यहां तक कि सीट बेल्ट लगाए होने के बावजूद भी जुर्माने के नाम पर धन वसूली की कोशिश की गई। विरोध करने पर ड्रिंक एंड ड्राइव जैसे मामलों में फंसाने और रात भर थाने में बंद करने की धमकी दी गई।
सड़क पर थूकने पर करवा रहे सफाई
पर्यटकों ने यह भी आरोप लगाया कि कई जगहों पर मामूली बातों पर अपमानजनक व्यवहार किया जा रहा है। यदि कोई व्यक्ति सड़क पर थूक देता है तो उसे वाहन से उतरवाकर खुद ही पानी डालकर सफाई कराई जा रही है। काठमांडो में वाहन से झंडा हटवाने और ब्लैक फिल्म उतरवाने के वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन घटनाओं से लोगों में आक्रोश और बढ़ गया है।
बिना दस्तावेज नहीं मिल रहा प्रवेश
सीमा पर अब बिना भंसार (कस्टम) और आवश्यक दस्तावेजों के प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। पहले जहां सीमावर्ती क्षेत्रों में लोगों का आवागमन सहज था, अब हर वाहन की सघन जांच की जा रही है। ड्रिंक एंड ड्राइव के मामलों में भी सख्ती बढ़ा दी गई है। पकड़े गए लोगों को रात भर थाने में रखा जा रहा है और स्थानीय गारंटर के बाद ही छोड़ा जा रहा है। यात्रियों का कहना है कि इस तरह की सख्ती और व्यवहार से भारत-नेपाल के पारंपरिक ‘रोटी-बेटी’ संबंध प्रभावित हो सकते हैं। वहीं, पर्यटन पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है।
रूपनदेही के पुलिस अधीक्षक जनक बहादुर शाही ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि भारतीय पर्यटकों के साथ किसी प्रकार का दुर्व्यवहार नहीं किया जा रहा है, केवल नियमों का पालन कराया जा रहा है।
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पर्यटकों को जांच, पूछताछ और दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है
सोनौली। नेपाल में नई व्यवस्था लागू होने के बाद भारतीय पर्यटकों के साथ दुर्व्यवहार और सख्ती के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। सीमा से लेकर काठमांडो और पोखरा जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पर्यटकों को जांच, पूछताछ और कथित दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है। इससे पर्यटकों में भारी नाराजगी व्याप्त है।
रविवार को सोनौली सीमा पर पहुंचे दिल्ली निवासी आनंद कुमार, गाजियाबाद निवासी कृष्णा रावत, देवरिया निवासी अखिलेश पांडेय और मध्यप्रदेश के इंदौर निवासी प्रदीप कुमार ने बताया कि वे काठमांडो और पोखरा घूमकर लौट रहे हैं। बताया कि भारतीय पर्यटकों के साथ दुर्व्यवहार, शोषण और बदसलूकी बढ़ गई है। यात्रियों ने बताया कि बिना किसी ठोस कारण के उनसे अतिरिक्त रुपयों की मांग की जा रही थी। यहां तक कि सीट बेल्ट लगाए होने के बावजूद भी जुर्माने के नाम पर धन वसूली की कोशिश की गई। विरोध करने पर ड्रिंक एंड ड्राइव जैसे मामलों में फंसाने और रात भर थाने में बंद करने की धमकी दी गई।
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सड़क पर थूकने पर करवा रहे सफाई
पर्यटकों ने यह भी आरोप लगाया कि कई जगहों पर मामूली बातों पर अपमानजनक व्यवहार किया जा रहा है। यदि कोई व्यक्ति सड़क पर थूक देता है तो उसे वाहन से उतरवाकर खुद ही पानी डालकर सफाई कराई जा रही है। काठमांडो में वाहन से झंडा हटवाने और ब्लैक फिल्म उतरवाने के वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन घटनाओं से लोगों में आक्रोश और बढ़ गया है।
बिना दस्तावेज नहीं मिल रहा प्रवेश
सीमा पर अब बिना भंसार (कस्टम) और आवश्यक दस्तावेजों के प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। पहले जहां सीमावर्ती क्षेत्रों में लोगों का आवागमन सहज था, अब हर वाहन की सघन जांच की जा रही है। ड्रिंक एंड ड्राइव के मामलों में भी सख्ती बढ़ा दी गई है। पकड़े गए लोगों को रात भर थाने में रखा जा रहा है और स्थानीय गारंटर के बाद ही छोड़ा जा रहा है। यात्रियों का कहना है कि इस तरह की सख्ती और व्यवहार से भारत-नेपाल के पारंपरिक ‘रोटी-बेटी’ संबंध प्रभावित हो सकते हैं। वहीं, पर्यटन पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है।
रूपनदेही के पुलिस अधीक्षक जनक बहादुर शाही ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि भारतीय पर्यटकों के साथ किसी प्रकार का दुर्व्यवहार नहीं किया जा रहा है, केवल नियमों का पालन कराया जा रहा है।