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Mahoba News: माध्यमिक विद्यालयों में शुरू होंगे किशोर शिक्षा के कार्यक्रम
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महोबा। माध्यमिक विद्यालयों में अब विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के साथ किशोरावस्था में शरीर में होने वाले बदलावों, हार्मोन व मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारियां भी दी जाएंगी। शिक्षा निदेशालय के निर्देश पर जिले में किशोर शिक्षा कार्यक्रम लागू किया जा रहा है।
स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने इसके लिए निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत पहले शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वह विद्यालयों में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर सकें। किशोर शिक्षा कार्यक्रम के तहत जिले के नौवीं से 12वीं तक के माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत मनोविज्ञान और जीव-जंतु विज्ञान विषय के शिक्षक विद्यार्थियों को शरीर की बदलती संरचना, हार्मोनल परिवर्तन, मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारियां देंगे।
जिन विद्यालयों में इन विषयों के शिक्षक नहीं हैं वहां विज्ञान विषय के शिक्षक यह जिम्मेदारी निभाएंगे। योजना में 10 से 19 वर्ष तक के बच्चों से लेकर युवा शामिल किए जाएंगे। इसके अलावा विद्यार्थियों को स्वच्छता, पोषण, तनाव प्रबंधन और सामाजिक व्यवहार जैसे विषयों की जानकारी दी जाएगी।
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स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने इसके लिए निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत पहले शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वह विद्यालयों में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर सकें। किशोर शिक्षा कार्यक्रम के तहत जिले के नौवीं से 12वीं तक के माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत मनोविज्ञान और जीव-जंतु विज्ञान विषय के शिक्षक विद्यार्थियों को शरीर की बदलती संरचना, हार्मोनल परिवर्तन, मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारियां देंगे। जिन विद्यालयों में इन विषयों के शिक्षक नहीं हैं वहां विज्ञान विषय के शिक्षक यह जिम्मेदारी निभाएंगे। योजना में 10 से 19 वर्ष तक के बच्चों से लेकर युवा शामिल किए जाएंगे। इसके अलावा विद्यार्थियों को स्वच्छता, पोषण, तनाव प्रबंधन और सामाजिक व्यवहार जैसे विषयों की जानकारी दी जाएगी। (संवाद)
स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने इसके लिए निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत पहले शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वह विद्यालयों में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर सकें। किशोर शिक्षा कार्यक्रम के तहत जिले के नौवीं से 12वीं तक के माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत मनोविज्ञान और जीव-जंतु विज्ञान विषय के शिक्षक विद्यार्थियों को शरीर की बदलती संरचना, हार्मोनल परिवर्तन, मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारियां देंगे।
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जिन विद्यालयों में इन विषयों के शिक्षक नहीं हैं वहां विज्ञान विषय के शिक्षक यह जिम्मेदारी निभाएंगे। योजना में 10 से 19 वर्ष तक के बच्चों से लेकर युवा शामिल किए जाएंगे। इसके अलावा विद्यार्थियों को स्वच्छता, पोषण, तनाव प्रबंधन और सामाजिक व्यवहार जैसे विषयों की जानकारी दी जाएगी।
स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने इसके लिए निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत पहले शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वह विद्यालयों में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर सकें। किशोर शिक्षा कार्यक्रम के तहत जिले के नौवीं से 12वीं तक के माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत मनोविज्ञान और जीव-जंतु विज्ञान विषय के शिक्षक विद्यार्थियों को शरीर की बदलती संरचना, हार्मोनल परिवर्तन, मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारियां देंगे। जिन विद्यालयों में इन विषयों के शिक्षक नहीं हैं वहां विज्ञान विषय के शिक्षक यह जिम्मेदारी निभाएंगे। योजना में 10 से 19 वर्ष तक के बच्चों से लेकर युवा शामिल किए जाएंगे। इसके अलावा विद्यार्थियों को स्वच्छता, पोषण, तनाव प्रबंधन और सामाजिक व्यवहार जैसे विषयों की जानकारी दी जाएगी। (संवाद)