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Mahoba News: ठंड में क्रशर कारोबार ठप, श्रमिक घर बैठे

संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा Updated Sun, 11 Jan 2026 12:12 AM IST
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Crusher business stalled in the cold, workers stayed at home
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कबरई (महोबा)। ठंड और कोहरे का सीधा असर पत्थरमंडी कबरई के क्रशर कारोबार पर पड़ा है। मौसम की मार से जहां क्रशर संचालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, वहीं दिहाड़ी पर काम करने वाले श्रमिकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। गिट्टी लेने आने वाले ट्रकों की आमद कम होने से अधिकांश क्रशर प्लांट बंद हैं। इससे पत्थर उद्योग 30 से 40 फीसदी तक प्रभावित हुआ है।
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क्रशर उद्योग जिले का प्रमुख कारोबार है। पिछले एक सप्ताह से पड़ रही प्रचंड ठंड से क्रशर व्यवसाय प्रभावित है। वाहनों की आवाजाही कम होने से क्रशर उत्पाद बाहर नहीं जा रहा है। क्रशर व्यापारी प्रणव त्रिपाठी, राजीव गुप्ता, विपिन बिहारी राय व अजय अग्निहोत्री ने बताया कि ठंड से वाहनों की आवाजाही काफी कम हो गई है। श्रमिकों की उपलब्धता भी प्रभावित हो रही है। इससे उत्पादन व आपूर्ति दोनों पर असर पड़ा है।
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श्रमिक शिवरतन अनुरागी, छंगा प्रजापति, धर्मेंद्र कुशवाहा आदि ने बताया कि भीषण ठंड के चलते नियमित रूप से काम नहीं मिल पा रहा है। घरेलू खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। नगर उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष अशोक गुप्ता, रमाशंकर त्रिपाठी, विजय गुप्ता, राहुल गुप्ता, चुन्ना सेठ ने बताया कि पत्थर व्यापार कमजोर होने की वजह से स्थानीय व्यापार भी फीका पड़ गया है।

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30 से 40 फीसदी प्रभावित हुआ पत्थर व्यापार

कबरई। पत्थर व्यापारी देवेंद्र मिश्र, राजू तिवारी, चंद्रशेखर शिवहरे, अर्जुन सिंह, हिमांशु गुप्ता व बलवीर सिंह ने बताया कि ट्रकों की संख्या में भारी गिरावट आई है। करीब 200 क्रशर प्लांट व इतने ही पहाड़ संचालित हैं। सामान्य मौसम में प्रतिदिन दो से ढाई हजार ट्रक गिट्टी परिवहन के लिए मंडी आते थे लेकिन सर्दी और कोहरे के चलते यह संख्या घटकर एक से डेढ़ हजार रह गई है। प्रत्येक क्रशर प्लांट में पहले प्रतिदिन करीब 80 ट्रक पहुंचते थे। अब वहां महज 50 ट्रक गिट्टी की बिक्री हो पा रही है जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित क्रशर प्लांटों में पहले 30 ट्रकों की आवाजाही होती थी, जो घटकर अब सिर्फ 10 से 15 ही रह गई है। क्रशर प्लांटों को पर्याप्त मात्रा में उप खनिज नहीं मिल पा रहा और उत्पादन प्रभावित हो रहा है।
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पहाड़ों से क्रशर प्लांट में कम आ रहा माल
क्रशर प्लांट संचालक राजेश तिवारी का कहना है कि सामान्य मौसम में पहाड़ से प्रतिदिन 100 से 150 डंपर बोल्डर आता था। उससे करीब तीन हजार टन उप खनिज तैयार किया जाता था लेकिन अत्यधिक सर्दी व कोहरे के चलते अब पहाड़ से महज दो हजार टन बोल्डर ही उपलब्ध हो पा रहा है।
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क्रशर से 45 की जगह 25 ट्रक ही बिक रही गिट्टी
क्रशर संचालक मुन्नीलाल विश्वकर्मा बताते हैं कि सर्दी के साथ घना कोहरा होने से वाहन चालकों को दिक्कत हो रही है। पहाड़ों से बोल्डर परिवहन करने और क्रशर प्लांट से उपखनिज परिवहन करने वाले वाहनों की कमी से उत्पादन व बिक्री दोनों पर प्रतिकूल असर पड़ा है। 40 से 45 ट्रक की जगह महज 20 से 25 ट्रक गिट्टी की बिक्री हो पा रही है।
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काम न मिलने से खड़ा हुआ आर्थिक संकट
राजीव नगर निवासी श्रमिक सीताराम श्रीवास ने बताया कि लगातार पड़ रही कड़ाके की सर्दी और घने कोहरे के चलते मजदूरी का काम बुरी तरह प्रभावित हो गया है। ठंड से नियमित रूप से काम नहीं मिल पा रहा है। इससे दिहाड़ी बंद हो गई है और परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि काम ठप होने से रोजमर्रा के खर्च, बच्चों की पढ़ाई व अन्य जरूरतों को पूरा करने में दिक्तत हो रही है।
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ठंड के चलते काम करना हो रहा मुश्किल
झलकारीबाई नगर निवासी श्रमिक नत्थूराम कुशवाहा कहते हैं कि अत्यधिक सर्दी व घने कोहरे से क्रशर प्लांटों में कामकाज काफी घट गया है। मौसम की मार से जहां काम के मौके कम हो गए हैं, वहीं भीषण ठंड में काम करना भी बेहद मुश्किल हो गया है। दिहाड़ी प्रभावित होने से परिवार की आमदनी पर सीधा असर पड़ा है और आर्थिक तंगी के चलते रोजमर्रा के खर्च पूरे करना चुनौती बन गया है।
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