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Mahoba News: पोस्टकार्ड, ई-मेल और ट्वीट के जरिए कर रहे टीईटी से छूट की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Sat, 14 Mar 2026 12:13 AM IST
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महोबा। जिले के शिक्षक टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) से छूट की मांग को लेकर पोस्टकार्ड, ई-मेल व ट्वीट के जरिए अभियान चला रहे हैं। अब तक तीन हजार से अधिक शिक्षकों ने अभियान चलाकर देश के राष्ट्रपति, मुख्य न्यायाधीश, प्रधानमंत्री और राज्यपाल तक अपनी बात पहुंचाई हैं। शुक्रवार को इस अभियान की समीक्षा की गई।
अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ की ओर से पुरानी कचहरी में बैठक हुई। इसमें जिले के शिक्षक की पाती कार्यक्रम में प्रतिभाग कर शिक्षक नेताओं ने आगामी रणनीति तय की। पूर्व में सर्वसम्मति से मनोज वर्मा, सुशील त्रिपाठी व प्रशांत सक्सेना के नेतृत्व में चरणबद्ध विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया था। शिक्षक नेता प्रशांत सक्सेना ने बताया कि प्रथम चरण में 9 से 15 मार्च तक शिक्षक की पाती के नाम से पोस्ट कार्ड, ईमेल और ट्वीट के जरिए राष्ट्रपति, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, प्रधानमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और राज्यपाल को शिक्षकों की पीड़ा से अवगत कराया गया। इस अभियान के तहत तीन दिनों में जिले के लगभग तीन हजार से अधिक शिक्षकों ने टीईटी अनिवार्यता को वापस लेने के लिए आग्रह किया। सभी शिक्षकों ने वर्ष 2011 के पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता थोपे जाने के विरोध में सड़क से लेकर संसद तक आंदोलन करने की हुंकार भरी। बैठक में नरेंद्र कुशवाहा, संदीप परिहार, विजय अग्रवाल, सरोज यादव, प्रवीण सिंह, कमलेश पाठक, विमल त्रिपाठी, अभिषेक सोनी, आदित्य पाराशर, जागेश्वर गौतम, निर्मल कुमार, शिवराम वर्मा आदि लोग मौजूद रहे।
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अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ की ओर से पुरानी कचहरी में बैठक हुई। इसमें जिले के शिक्षक की पाती कार्यक्रम में प्रतिभाग कर शिक्षक नेताओं ने आगामी रणनीति तय की। पूर्व में सर्वसम्मति से मनोज वर्मा, सुशील त्रिपाठी व प्रशांत सक्सेना के नेतृत्व में चरणबद्ध विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया था। शिक्षक नेता प्रशांत सक्सेना ने बताया कि प्रथम चरण में 9 से 15 मार्च तक शिक्षक की पाती के नाम से पोस्ट कार्ड, ईमेल और ट्वीट के जरिए राष्ट्रपति, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, प्रधानमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और राज्यपाल को शिक्षकों की पीड़ा से अवगत कराया गया। इस अभियान के तहत तीन दिनों में जिले के लगभग तीन हजार से अधिक शिक्षकों ने टीईटी अनिवार्यता को वापस लेने के लिए आग्रह किया। सभी शिक्षकों ने वर्ष 2011 के पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता थोपे जाने के विरोध में सड़क से लेकर संसद तक आंदोलन करने की हुंकार भरी। बैठक में नरेंद्र कुशवाहा, संदीप परिहार, विजय अग्रवाल, सरोज यादव, प्रवीण सिंह, कमलेश पाठक, विमल त्रिपाठी, अभिषेक सोनी, आदित्य पाराशर, जागेश्वर गौतम, निर्मल कुमार, शिवराम वर्मा आदि लोग मौजूद रहे।
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