{"_id":"698e20e58e61657c65088c24","slug":"it-was-known-for-alha-singing-and-bundeli-folk-dance-mahoba-news-c-225-1-mah1002-122436-2026-02-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahoba News: आल्हा गायन और बुंदेली लोकनृत्य के नाम रही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahoba News: आल्हा गायन और बुंदेली लोकनृत्य के नाम रही
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Fri, 13 Feb 2026 12:20 AM IST
विज्ञापन
फोटो 12 एमएएचपी 12 परिचय-सूर्य महोस्तव में आल्हा गायन की प्रस्तुति देते आल्हा गायक उमाशंकर सेन।
विज्ञापन
महोबा। शहर में चल रहे सूर्य महाेत्सव की पहली शाम आल्हा गायन, लोकनृत्य, बुंदेली-वॉलीवुड मैसअप और भजनों के नाम रही। देर रात तक चले कार्यक्रम में कलाकारों ने ऐसा समां बांधा कि दर्शक थिरकने को मजबूर हो गए। आल्हा गायन सुन जहां बुंदेलोंं की भुजाएं फड़क उठी तो भजनों की प्रस्तुति ने सभी को भाव-विभोर कर दिया।
शहर के मोदी ग्राउंड में आयोजित सूर्य महोत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत जिलाधिकारी गजल भारद्वाज ने दीप जलाकर कराई। पहली शाम का आगाज उमाशंकर सेन के आल्हा गायन से किया। धन्य-धन्य महोबा की माटी को, कोटि-कोटि करें प्रणाम, आल्हा-ऊदल की गाथा को जन-जन गाते आठों याम...आल्हा गायन के माध्यम से महोबा के समृद्धशाली इतिहास का वर्णन किया तो लोगों मंत्रमुग्ध हो गए।
उन्होंने महोबा, कालिंजर किले, खजुराहो के मंदिरों को एक साथ जोड़ते हुए आल्हा गायन के माध्यम से बुंदेलखंड के गौरवशाली इतिहास का भी वर्णन किया। इसके बाद अबोध सोनी ने गणेश वंदना और भजनों की प्रस्तुतियां दीं। उनके ग्रुप की गायिकाओं ने भी बड़े लडै़या महोबे वाले, जिनकी मार सही न जाए...आल्हा गायन की प्रस्तुति भी दी। संगीताचार्य पं. जग प्रसाद तिवारी ने गीत के माध्यम से बुंदेलखंड की महिमा का बखान किया। उनकी साथी कलाकार प्रीति सिंह ने फाग गायन और बसंत ऋतु के गीत गाए। प्रीति सिंह के फाग गीत खेलें श्याम पिचकारी की प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा। इसके बाद एडीएम म्यूजिकल ग्रुप के कलाकार अमित द्विवेदी और उनकी टीम ने बुंदेली-बॉलीवुड में मैशप प्रस्तुत किया।
बुंदेली और बॉलीवुड गानों को मिक्स करके गाते हुए इन कलाकारों ने खूब ताली बटोरीं और लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। काली-काली जुल्फों के फंदे न डालों, हमें जिंदा रहने दो ए हुस्न वालो... गीत की प्रस्तुति के साथ युवा झिरकते दिखाई दिए। झांसी से आई निशांत भदौरिया की टीम ने लोकनृत्य राई की प्रस्तुति दी। राई नृत्य के साथ बुंदेली गानों को सुनकर श्रोताओं ने खूब तारीफ की।
Trending Videos
शहर के मोदी ग्राउंड में आयोजित सूर्य महोत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत जिलाधिकारी गजल भारद्वाज ने दीप जलाकर कराई। पहली शाम का आगाज उमाशंकर सेन के आल्हा गायन से किया। धन्य-धन्य महोबा की माटी को, कोटि-कोटि करें प्रणाम, आल्हा-ऊदल की गाथा को जन-जन गाते आठों याम...आल्हा गायन के माध्यम से महोबा के समृद्धशाली इतिहास का वर्णन किया तो लोगों मंत्रमुग्ध हो गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने महोबा, कालिंजर किले, खजुराहो के मंदिरों को एक साथ जोड़ते हुए आल्हा गायन के माध्यम से बुंदेलखंड के गौरवशाली इतिहास का भी वर्णन किया। इसके बाद अबोध सोनी ने गणेश वंदना और भजनों की प्रस्तुतियां दीं। उनके ग्रुप की गायिकाओं ने भी बड़े लडै़या महोबे वाले, जिनकी मार सही न जाए...आल्हा गायन की प्रस्तुति भी दी। संगीताचार्य पं. जग प्रसाद तिवारी ने गीत के माध्यम से बुंदेलखंड की महिमा का बखान किया। उनकी साथी कलाकार प्रीति सिंह ने फाग गायन और बसंत ऋतु के गीत गाए। प्रीति सिंह के फाग गीत खेलें श्याम पिचकारी की प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा। इसके बाद एडीएम म्यूजिकल ग्रुप के कलाकार अमित द्विवेदी और उनकी टीम ने बुंदेली-बॉलीवुड में मैशप प्रस्तुत किया।
बुंदेली और बॉलीवुड गानों को मिक्स करके गाते हुए इन कलाकारों ने खूब ताली बटोरीं और लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। काली-काली जुल्फों के फंदे न डालों, हमें जिंदा रहने दो ए हुस्न वालो... गीत की प्रस्तुति के साथ युवा झिरकते दिखाई दिए। झांसी से आई निशांत भदौरिया की टीम ने लोकनृत्य राई की प्रस्तुति दी। राई नृत्य के साथ बुंदेली गानों को सुनकर श्रोताओं ने खूब तारीफ की।

फोटो 12 एमएएचपी 12 परिचय-सूर्य महोस्तव में आल्हा गायन की प्रस्तुति देते आल्हा गायक उमाशंकर सेन।

फोटो 12 एमएएचपी 12 परिचय-सूर्य महोस्तव में आल्हा गायन की प्रस्तुति देते आल्हा गायक उमाशंकर सेन।

फोटो 12 एमएएचपी 12 परिचय-सूर्य महोस्तव में आल्हा गायन की प्रस्तुति देते आल्हा गायक उमाशंकर सेन।

फोटो 12 एमएएचपी 12 परिचय-सूर्य महोस्तव में आल्हा गायन की प्रस्तुति देते आल्हा गायक उमाशंकर सेन।
