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Mahoba News: क्रशर प्लांट की जमीन पर उड़द की फसल दिखाकर हड़पे लाखों
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Fri, 09 Jan 2026 12:16 AM IST
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जहां 15 साल से लगी क्रशर, उसी जमीन पर उड़द की बोओई दिखाकर निकाला बीमा क्लेम
-बीमा कंपनी व दलालों ने की अंधेरगर्दी, जिसकी जमीन पर हुआ बीमा उसे ही खबर नहीं
-जिले में खरीफ 2024 में हुए 40 करोड़ के घोटाले में उजागर हो रहे नए-नए कारनामे
फोटो 08 एमएएचपी 09 परिचय-बरी गांव में लगी इस क्रशर प्लांट की जमीन पर उड़द की बोआई दिखाकर निकाला गया बीमा क्लेम। स्रोत: संगठन
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। जिले में फसल बीमा घोटाले में जालसाजों के अजब-गजब कारनामे सामने आ रहे हैं। सदर तहसील के बरी गांव में एक किसान की जिस जमीन पर 15 सालों से क्रशर प्लांट लगा है, उसी जमीन पर उड़द फसल की बोआई दिखाकर जालसाजों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा कराया और लाखों रुपये का क्लेम हड़प लिया। मामला उछलने पर किसान को भनक लगी तो वह कार्रवाई के लिए दस्तावेज जुटाने में जुट गया है। तहसील में धरने पर बैठे जय जवान जय किसान एसोसिएशन के अध्यक्ष गुलाब सिंह राजपूत ने पूरे घोटाले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ-2024 सीजन में जिले में करीब 40 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया है। यहां पर नदी, पहाड़, तालाब, सरकारी जमीनों के साथ ही किसानों की जमीनों पर फर्जी तरीके से बीमा कराकर क्लेम हड़प लिया गया।
मामला उछलने पर अब किसान भी अपने खेतों में हुए फसल बीमा व क्लेम की स्वयं जानकारी जुटाने में लग गए हैं। सदर तहसील की ग्राम पंचायत जुझार निवासी रामखिलावन बताते हैं कि उन्हें अपनी बरी मौजा में स्थित गाटा संख्या 179 की 8.26 हेक्टेयर जमीन पर खरीफ-2024 सीजन में बीमा कराए जाने की जानकारी मिली है।
जब उन्होंने ऑनलाइन जानकारी जुटाई तो पता चला कि किसी रामपाल नाम के व्यक्ति ने उनकी इस जमीन पर उड़द फसल की बोआई दिखाकर बीमा कराया। इंडियन बैंक की गौरहारी ब्रांच में खुले खाते में क्लेम का भी भुगतान किया गया। हैरान करने वाली बात यह है कि इस 8.29 हेक्टेयर जमीन पर वर्ष 2011 से क्रशर प्लांट लगा है।
एक कंपनी को उन्होंने अनुबंध के आधार पर क्रशर प्लांट स्थापित करने के लिए अधिकृत किया था। तब से लेकर अब तक क्रशर प्लांट ही संचालित हो रहा है। यहां पर आसपास के पहाड़ों से लाए गए पत्थरों को तोड़कर गिट्टी बनाने का काम हो रहा है, इसलिए इस जमीन पर फसल बोआई की कोई गुंजाइश नहीं हैं। इसके बाद भी जालसाजों ने इस जमीन पर उड़द की फसल की बोआई दिखा दी। फसल का बीमा करा लिया और उसमें प्राकृतिक आपदा के चलते नुकसान भी दिखाया। इसके बाद भारी-भरकम क्लेम का भी भुगतान हो गया।
किसानों को सही जानकारी नहीं मिल रही
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना संबंधी जानकारी के लिए सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 14447 जारी किया है। जय जवान जय किसान एसोसिएशन के अध्यक्ष गुलाब सिंह राजपूत का आरोप है कि इस हेल्पलाइन नंबर पर पहले तो किसानों को फसल बीमा से संबंधित सभी जानकारियां दे दी जाती थीं लेकिन अब घोटाला सामने आने के बाद सही जानकारी नहीं मिल रही है। कॉल उठाने वाले कर्मचारी तरह-तरह की पूछताछ कर रहे हैं। इससे परेशान किसान अपने साथ हुई ठगी की सही जानकारी प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। सरकार को खरीफ और रबी सीजन-2024 का पूरा डाटा सार्वजनिक करना चाहिए, जिससे असली जालसाजों की पहचान सामने आ सके।
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-जिले में खरीफ 2024 में हुए 40 करोड़ के घोटाले में उजागर हो रहे नए-नए कारनामे
फोटो 08 एमएएचपी 09 परिचय-बरी गांव में लगी इस क्रशर प्लांट की जमीन पर उड़द की बोआई दिखाकर निकाला गया बीमा क्लेम। स्रोत: संगठन
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। जिले में फसल बीमा घोटाले में जालसाजों के अजब-गजब कारनामे सामने आ रहे हैं। सदर तहसील के बरी गांव में एक किसान की जिस जमीन पर 15 सालों से क्रशर प्लांट लगा है, उसी जमीन पर उड़द फसल की बोआई दिखाकर जालसाजों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा कराया और लाखों रुपये का क्लेम हड़प लिया। मामला उछलने पर किसान को भनक लगी तो वह कार्रवाई के लिए दस्तावेज जुटाने में जुट गया है। तहसील में धरने पर बैठे जय जवान जय किसान एसोसिएशन के अध्यक्ष गुलाब सिंह राजपूत ने पूरे घोटाले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ-2024 सीजन में जिले में करीब 40 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया है। यहां पर नदी, पहाड़, तालाब, सरकारी जमीनों के साथ ही किसानों की जमीनों पर फर्जी तरीके से बीमा कराकर क्लेम हड़प लिया गया।
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मामला उछलने पर अब किसान भी अपने खेतों में हुए फसल बीमा व क्लेम की स्वयं जानकारी जुटाने में लग गए हैं। सदर तहसील की ग्राम पंचायत जुझार निवासी रामखिलावन बताते हैं कि उन्हें अपनी बरी मौजा में स्थित गाटा संख्या 179 की 8.26 हेक्टेयर जमीन पर खरीफ-2024 सीजन में बीमा कराए जाने की जानकारी मिली है।
जब उन्होंने ऑनलाइन जानकारी जुटाई तो पता चला कि किसी रामपाल नाम के व्यक्ति ने उनकी इस जमीन पर उड़द फसल की बोआई दिखाकर बीमा कराया। इंडियन बैंक की गौरहारी ब्रांच में खुले खाते में क्लेम का भी भुगतान किया गया। हैरान करने वाली बात यह है कि इस 8.29 हेक्टेयर जमीन पर वर्ष 2011 से क्रशर प्लांट लगा है।
एक कंपनी को उन्होंने अनुबंध के आधार पर क्रशर प्लांट स्थापित करने के लिए अधिकृत किया था। तब से लेकर अब तक क्रशर प्लांट ही संचालित हो रहा है। यहां पर आसपास के पहाड़ों से लाए गए पत्थरों को तोड़कर गिट्टी बनाने का काम हो रहा है, इसलिए इस जमीन पर फसल बोआई की कोई गुंजाइश नहीं हैं। इसके बाद भी जालसाजों ने इस जमीन पर उड़द की फसल की बोआई दिखा दी। फसल का बीमा करा लिया और उसमें प्राकृतिक आपदा के चलते नुकसान भी दिखाया। इसके बाद भारी-भरकम क्लेम का भी भुगतान हो गया।
किसानों को सही जानकारी नहीं मिल रही
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना संबंधी जानकारी के लिए सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 14447 जारी किया है। जय जवान जय किसान एसोसिएशन के अध्यक्ष गुलाब सिंह राजपूत का आरोप है कि इस हेल्पलाइन नंबर पर पहले तो किसानों को फसल बीमा से संबंधित सभी जानकारियां दे दी जाती थीं लेकिन अब घोटाला सामने आने के बाद सही जानकारी नहीं मिल रही है। कॉल उठाने वाले कर्मचारी तरह-तरह की पूछताछ कर रहे हैं। इससे परेशान किसान अपने साथ हुई ठगी की सही जानकारी प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। सरकार को खरीफ और रबी सीजन-2024 का पूरा डाटा सार्वजनिक करना चाहिए, जिससे असली जालसाजों की पहचान सामने आ सके।